US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर तकनीक की प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। इसी बीच, Elon Musk और Jensen Huang अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चीन दौरे पर पहुंचे हैं। 13 मई को यह प्रतिनिधिमंडल खास बातचीत के लिए चीन रवाना हुआ, जहां ट्रंप की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से होने वाली है।
बताया गया है कि जेन्सेन हुआंग (Jensen Huang) का नाम पहले इस बिजनेस डेलिगेशन में शामिल नहीं था, लेकिन बाद में अलास्का के एंकोरेज में ईंधन भरने के दौरान वह Air Force One में शामिल हुए। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि AI और चिप तकनीक इस बैठक का बड़ा मुद्दा हो सकती है।
क्या चीन दौरा बदल देगा Nvidia और AI बाजार का भविष्य? जानें क्यों ट्रंप के साथ चीन पहुंचे एलन मस्क और जेन्सेन हुआंग की यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है।
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क्यों अहम है Jensen Huang की मौजूदगी?
Nvidia दुनिया की सबसे बड़ी AI चिप कंपनियों में गिनी जाती है और चीन उसका एक बड़ा बाजार रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर Jensen Huang के साथ यात्रा करने को सम्मान की बात बताया और कहा कि वह चीन से बाजार को और खोलने की अपील करेंगे, ताकि अमेरिकी कंपनियां वहां बेहतर तरीके से काम कर सकें। Nvidia के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की है कि Jensen Huang राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर इस दौरे में शामिल हुए हैं और उनका उद्देश्य अमेरिकी प्रशासन के लक्ष्यों को समर्थन देना है।
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Nvidia के कारोबार पर पड़ सकता है असर
Jensen Huang लंबे समय से चीन में Nvidia चिप्स की पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं चीन भी अपनी घरेलू चिप तकनीक विकसित करने में तेजी दिखा रहा है। मार्च में Jensen Huang ने बताया था कि Nvidia ने चीन के लिए अपने हाई-एंड H200 AI chips का प्रोडक्शन फिर से शुरू कर दिया है। इससे पहले अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं के कारण इन चिप्स की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि बाद में कुछ निर्यात प्रतिबंधों में ढील दी गई।
