Cloudflare layoffs 2026: इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Cloudflare ने एआई के लगातार बढ़ते प्रभाव के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए करीब 1,100 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है। कंपनी की मानें तो पिछले तीन महीनों में उसके सिस्टम और वर्कफ्लो में एआआ एजेंट्स का उपयोग करीब 600 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। जिससे कार्यप्रणाली अप्रत्याशित बदलाव आ गया है।
AI आधारित बदलावों के कारण Cloudflare ने बड़े पैमाने पर छंटनी की है। प्रभावित कर्मचारियों को मजबूत सेवरेंस और इक्विटी बेनिफिट दिए जाएंगे।
AI एजेंट्स ने काम करने का तरीका बदला
कंपनी का कहना है कि एआई एजेंट एचआर, मार्केटिंग फाइनेंस, इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख विभागों में एआई एजेंट्स का उपयोग हो रहा है। इससे पुराने कार्यपद्धति में बदलाव आया। जिसके बाद कंपनी को अपने ऑपरेशन मॉडल को नए एजेंटिक एआई युग में ढलना पड़ा। सीईओ मैथ्यू प्रिंस और प्रेसिडेंट मिशेल ज़ैटलिन ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में स्पष्ट किया कि यह कदम किसी प्रदर्शन या लागत कटौती का परिणाम नहीं है। उनके मुताबिक, यह बदलाव कंपनी को भविष्य के एआई आधारित बिजनेस मॉडल के लिए तैयार करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से किया गया है।
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प्रभावित कर्मचारियों के लिए मजबूत सेवरेंस पैकेज
कंपनी छंटनी से प्रभावित हुए कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा की है। उन्हें 2026 के अंत तक पूरा बेस सैलरी मिलेगी। साथ ही अमेरिका में काम करने वाले कर्मचारियों को 31 दिसंबर तक हेल्थकेयर कवरेज भी जारी रहेगा, जिससे संक्रमण काल में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसके अलावे कंपनी ने यह घोषणा की है कि प्रभावित कर्मचारी के लिए इक्विटी वेस्टिंग को अगस्त 15 तक तेज किया जाएगा। इसके अलावा जिन कर्मचारियों ने अभी एक साल की वेस्टिंग अवधि पूरी नहीं की है, उनके लिए यह शर्त हटा दी जाएगी और उन्हें प्रोराटा आधार पर शेयर लाभ दिया जाएगा।
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छोटे स्तर पर छटनी पर कर्मचारियों में बढ़ती है अनिश्चितता
क्लाउडफ्लेयर का मानना है कि बार-बार छोटे स्तर पर छंटनी करने या लंबे समय तक पुनर्गठन खींचने से कर्मचारियों में अनिश्चितता बढ़ती है। इसलिए कंपनी बड़े स्तर पर छंटनी का निर्णय लिया। ताकि संगठन की स्थिरता बनी रहे। कंपनी यह निर्णय तब लिया है जब कंपनी की पहली तिमाही में राजस्व अच्छे रहे। इसके बावजूद, छंटनी और कमजोर भविष्य के अनुमान के कारण कंपनी के शेयरों में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
एआई और ऑटोमेशन के आने के बाद हर कंपनियां अपने ढांचे को नए दौर के अनुसार ढाल रही हैं। यही वजह है कि एक से बढ़कर एक दिग्गज कंपनियां छंटनी का रास्ता अपना रहे हैं।
