ONGC Startup Fund: देश की सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC अब स्टार्टअप सेक्टर में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। कंपनी ने नए निवेश फंड के लिए सलाहकार पदों पर आवेदन मांगे हैं। ओएनजीसी आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षेत्र के स्टार्टअप्स पर बड़ा रिस्क उठाने जा रही है।
Startup India पहल के तहत शुरू हुए ONGC Startup Fund का होगा विस्तार, जानिए कंपनी के इसके पीछे के कारण।
200 करोड़ रुपये के नए फंड की तैयारी
कंपनी के दस्तावेजों से निकलकर आई बातों के मुताबिक ओएनजीसी जल्द ही 200 करोड़ रुपये का नया स्टार्टअप फंड लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह फंड खासतौर पर ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़े स्टार्टअप्स में निवेश करेगा। इससे साफ है कि ओएनजीसी अब पारंपरिक तेल और गैस कारोबार के साथ नई तकनीकों पर भी ध्यान बढ़ा रही है।
पुराने फंड का बड़ा हिस्सा हो चुका निवेश
ओएनजीसी ने पहली बार 2016 में Startup India पहल के तहत 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड शुरू किया था। बाद में 2019 में इसे SEBI के तहत पंजीकृत किया गया। कंपनी के अनुसार, मौजूदा फंड का आकार अब 101 करोड़ रुपये है। इसमें से लगभग 88 करोड़ रुपये विभिन्न स्टार्टअप्स में निवेश या कमिट किए जा चुके हैं। ओएनजीसी ने अपने स्टार्टअप फंड के लिए दो सलाहकार पद निकाले हैं। इन नियुक्तियों को फिलहाल 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे एक साल और बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में है जिन्हें वेंचर कैपिटल और स्टार्टअप निवेश का लंबा अनुभव हो।
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स्टार्टअप मूल्यांकन से लेकर एग्जिट तक होगी जिम्मेदारी
कंपनी के अनुसार, चुने गए सलाहकार स्टार्टअप्स का मूल्यांकन करेंगे। इसके अलावा ड्यू डिलिजेंस, वैल्यूएशन नेगोशिएशन, पोर्टफोलियो मॉनिटरिंग और निवेश से जुड़े फैसलों में भी उनकी भूमिका होगी। जरूरत पड़ने पर वे निवेश से बाहर निकलने यानी एग्जिट रणनीति पर भी सलाह देंगे। 20 साल से अधिक का अनुभव हो। साथ ही कम से कम पांच साल तक वेंचर कैपिटल फंड मैनेजमेंट का अनुभव जरूरी बताया गया है। ऊर्जा क्षेत्र, सेबी नियमों और स्टार्टअप निवेश की समझ रखने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा महत्व मिलेगा।
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इससे पहले SAIL जैसे कई दिग्गज कर चुके हैं पहल
ओएनजीसी से पहले SAIL, BPCL जैसी संस्थाएं भी स्टार्टअप प्रोग्राम और इनोवेशन फंड शुरू कर चुकी हैं। इन योजनाओं का मकसद ऊर्जा, स्पेसटेक, एआई और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे नए स्टार्टअप्स को आर्थिक और तकनीकी मदद देना है। क्लीन एनर्जी से जुड़े स्टार्टअप्स में निवेश तेजी से बढ़ सकता है। ओएनजीसी का नया फंड इसी बदलती जरूरत और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इससे देश के टेक और ऊर्जा स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बड़ा समर्थन मिलने की उम्मीद है।
