चीन से जुड़े हैकिंग मॉडल का सरकारी नेटवर्क पर ‘साइलेंट वार’

चीन से जुड़े हैकिंग मॉडल का सरकारी नेटवर्क पर ‘साइलेंट वार’

7 mins read
8 views
May 5, 2026

Cyber security threat: विश्वस्तर पर साइबर सुरक्षा एकबार फिर बढ़ गई है। चीन से जुड़े एक एडवांस्ड हैकिंग ग्रुप UAT-8302 ने अलग-अलग देशों की सरकारों को निशाना बनाया है। उसने इस हरकत के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया है कि अब साइबर हमले तकनीकी नहीं, रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा बन चुकी हैं। दक्षिण अमेरिका से लेकर दक्षिण-पूर्वी यूरोप तक इसके हमलों का दायरा काफी तेजगति से बढ़ रहा है।

साझा मालवेयर और सहयोगी हैकिंग मॉडल के माध्यम से UAT-8302 ने दक्षिण अमेरिका और यूरोप में बड़े स्तर पर किए साइबर हमले। जानिए कैसे करता है अटैक?

मल्टी-ग्रुप प्लानिंग से साइबर अटैक

यह ग्रुप अकेले काम नहीं करती। इसके ऑपरेशन में ऐसे मालवेयर और टूल्स शामिल हैं, जिन्हें पहले कई अन्य चीन-समर्थित हैकिंग समूह इस्तेमाल कर चुके हैं। अब साइबर अपराधी एक-दूसरे के संसाधनों और तकनीकों को साझा कर रहे हैं। जिससे उनकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है। इस हमले में इस्तेमाल किया गया नेटडॉफ्ट। बता दें कि यह वही, टूल है जिसे हैकिंग समूहों जैसे, Ink Dragon और Earth Alux से जोड़ा गया था। अब यही सॉफ्टवेयर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग ग्रुप्स के जरिए इस्तेमाल हो रहा है। जिससे हमलों का ट्रैक करना और भी मुश्किल हो गया है।

टारगेटिंग का नया पैटर्न, पहले घुसपैठ, फिर कब्जा

UAT-8302 का निशाना सरकारी संस्थान हैं। चाहे वो दक्षिण अमेरिका में हों या यूरोप में। इससे साफ होता है कि इन हमलों का मकसद डेटा चोरी नहीं, जासूसी और रणनीतिक बढ़त भी हासिल करना बन गया है। हैकर्स पहले नेटवर्क में प्रवेश पाने के लिए वेब एप्लिकेशन की कमजोरियों जिरो-डे का फायदा उठाते हैं। अंदर घुसने के बाद वे पूरे नेटवर्क का मैप तैयार करते हैं। फिर सिस्टम की कमजोरियों को पहचानते हैं और धीरे-धीरे सिस्टम पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लेते हैं।

READ MORE- हर दिन हजारों AI पॉडकास्ट, क्या खत्म हो रही है असली आवाज

एआईव और ऑटोमेशन से बढ़ी ताकत

इन हमलों में ऑटोमेटेड स्कैनिंग टूल्स और एडवांस्ड बैकडोर का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे प्रक्रिया तेज और ज्यादा प्रभावी हो जाती है। अब साइबर हमले एआई और ऑटोमेशन के साथ और खतरनाक हो गए हैं। हमलावर वे स्टोअवे और सॉफ्टईथर वीपीएन जैसे टूल्स का इस्तेमाल करके बैकडोर एक्सेस के कई विकल्प तैयार करते हैं। ताकि अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा तुरंत काम करने लगे।

READ MORE- Cyber Security में सबसे बड़ा धोखा! जब रक्षक निकला हमलावर

हैकिंग सर्विस’ का नया बिजनेस मॉडल

2025 में Trend Micro ने एक नई अवधारणा के जरिए इसका खुलासा किया था। इसमें एक ग्रुप पहले सिस्टम में घुसपैठ करता है। फिर उस एक्सेस को दूसरे ग्रुप को बेच देता है। इससे हमले की प्रक्रिया तेज हो जाती है। जिसकी जिम्मेदारी तय करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस मॉडल से संकेत मिलता है कि भविष्य में साइबर हमले और ज्यादा संगठित और खतरनाक हो सकते हैं। यह मौजूदा सीमाओं से आगे बढ़ चुका है। सरकारों और संस्थानों को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ विश्वस्तर पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

मिडिल ईस्ट में हलचल, इमरजेंसी सिग्नल के बाद US विमान लापता!
Previous Story

मिडिल ईस्ट में हलचल, इमरजेंसी सिग्नल के बाद US विमान लापता!

क्रिप्टो बाजार में हलचल! Coinbase ने खेला बड़ा दांव
Next Story

AI का असर गहरा! Coinbase ने 700 कर्मचारियों को हटाने का किया ऐलान

Latest from Cybersecurity

microsoft confirms windows shell exploitation cve 2026 32202

माइक्रोसॉफ्ट ने माना, हैकर्स कर रहे हैं आपके सिस्टम में सेंधमारी!

Windows Shell Vulnerability: माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी हालिया एडवाइजरी में बड़ा बदलाव करते हुए माना है कि CVE-2026-32202 नामक सुरक्षा खामी का एक्टिव एक्सप्लॉइटेशन हो