42 करोड़ की फंडिंग के बाद Aurm का बड़ा प्लान, हर सोसाइटी में हाई-टेक लॉकर

42 करोड़ की फंडिंग के बाद Aurm का बड़ा प्लान, हर सोसाइटी में हाई-टेक लॉकर

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May 4, 2026

Aurm funding: बैंक लॉकर की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। शहरों में लोगों को लॉकर के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी Aurm ने ली है। फिलहाल यह स्टार्टअप अब घर के पास लॉकर की तरह सुविधा दे रहा है। हाल ही में मिली फंडिंग से इसके विस्तार को नई गति मिलेगी। तो आइए जानते हैं विस्तार से।

अर्थ फंड  और सत्वा वेंचर्स  के निवेश के बाद Aurm  अपने ऑटोमेटेड लॉकर नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की तैयारी में है। जानिए इसके पीछे की वजह।

फंडिंग और निवेशकों का भरोसा

ऑर्म ने 42 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग हासिल की है। इस राउंड को Earth Fund और Sattva Ventures ने लीड किया है। इसके साथ ही कई छोटे-छोटे निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया। कहा यह जा रहा है कि शुरुआती निवेश में कंपनी के बिजनेस मॉडल पर मजबूत भरोसा दिखाता है। यह पारंपरिक बैंक लॉकर सिस्टम से अलग काम करता है। यह गेटेड सोसाइटी, कॉर्पोरेट कैंपस और अन्य क्लोज्ड स्पेस में लॉकर सुविधा उपलब्ध कराता है। इससे लोगों को बैंक जाने की जरूरत कम हो जाती है। उन्हें अपने आसपास ही सुरक्षित स्टोरेज मिल जाता है।

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टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी फीचर्स

कंपनी का पूरा सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। लॉकर पूरी तरह ऑटोमेटेड हैं और 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। इसमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, एडवांस सर्विलांस जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे यूजर्स को बैंक जैसी, बल्कि उससे बेहतर सुरक्षा मिलती है। आर्म  कंपनी ने अपने स्ट्रॉन्ग रूम को इस तरह डिजाइन किया है कि यूजर्स को प्राइवेसी और आराम दोनों मिलें। इसे एक प्रीमियम ड्रेसिंग रूम जैसा अनुभव देने की कोशिश की गई है।

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कंपनी की शुरुआत और विजन

बता दें कि Aurm की स्थापना 2023 में हुई थी। जिनमें विजय अरिसेट्टी, सुरज एचएस, प्रताप चंदाना और गणेश बालकृष्णन शामिल थे। कंपनी का लक्ष्य है कि सुरक्षा सेवाओं को लोगों के करीब लाया जाए। टेक्नोलॉजी के बढ़ियां से उपयोग कर इसे आसान, सुरक्षित और सुलभ बनाया जाए। अब इसके बारें कहा जा रहा है कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने नेटवर्क के विस्तार में करेगी। नई लोकेशन पर लॉकर इंस्टॉल किए जाएंगे। साथ ही टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन को और मजबूत किया जाएगा। इससे ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंच सकेगी।

यह सुविधा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी का नया मिश्रण है। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में बैंक लॉकर का पारंपरिक सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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