Bitcoin price today: मिडिल ईस्ट में बढ़ती कूटनीति हलचल का असर अब सीधे क्रिप्टो बाजार पर दिखने लगा है। Bitcoin ने फिर से 75000 डॉलर का स्तर पर कर लिया है। यह उछाल तब आया है जब ईरान ने शांतिवर्ता के अगले दौर की पुष्टि की है। इसके अलावा इक्विटी मार्केट में तेज़ी लौटने का भी प्रभाव पड़ा है। इससे निवेशकों को लग रहा है कि टकराव के बजाय समझौते विकल्प बन सकता है।
Bitcoin ने 75,000 डॉलर का स्तर पार किया, ईरान सीजफायर वार्ता और ग्लोबल बाजार की तेजी से मिला सपोर्ट। जानिए विस्तार से।
फिर Bitcoin नहीं, पूरे क्रिप्टो बाजार में हरकत
क्रिप्टो के साथ-साथ शेयर बाजार भी मजबूती दिखा रहे है। MSCI All Country World Index ने फिर से बढ़त पकड़ ली है। क्रिप्टोकरेंसी में पिछले 24 घंटों में 1.5 प्रतिशत और इस हफ़्ते 1.7 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। वहीं, ETH में 1.2 प्रतिशत बढ़कर 2,310 पर पहुँच गया। XRP 1.3 प्रतिशत बढ़कर 1.43 डॉलर पर पहुँच गया। इसके अलावे और कई करेंसी है जिसमें बढ़ोत्तरी देखी गई है। वहीं, तेल, सोना और कमोडिटी में गिरावट देखी गई है। एशियाई इक्विटी मार्केट ने सबसे ज़्यादा योगदान दिया और क्षेत्रीय टेक इंडेक्स में 2.4 प्रतिशक की बढ़त हुई। ब्रेंट क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर 94.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सोना 0.6 प्रतिशत गिरकर लगभग 4,800 डॉलर पर आ गया, और चाँदी 1प्रतिशत गिरकर 78.90 पर आ गई। ट्रेज़री बॉन्ड और डॉलर में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ।
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बुधवार को खत्म हो रहा है सीजफायर का समयसीमा
बता दें कि बुधवार को दो हप्ते का समय सीमा खत्म हो जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि अब सीजफायर की सीमा और आगे नहीं बढ़ाएंगे। इसलिए बाजार भी इसी मुतबाकि कारोबार कर रही है। इस पूरे दौर में बिटकॉइन इक्विटी मार्केट से पीछे रहा है। MSCI ACWI में पिछले 11 दिनों से लगातार तेज़ी बनी हुई है, जिसमें संघर्ष कम होने की शुरुआत के बाद से सिर्फ़ एक बार रुकावट आई थी। वहीं, बिटकॉइन ने इसी दौरान 74,000 से नीचे के स्तर पहुंच गई।
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माइनर्स की सेलिंग बना नया संकेत
ट्रेड माइनिंग सेक्टर से आया है। माइनिंग कंपनियों ने रिकार्ड स्तर पर बिटकाइन बेचा है। इससे पता चलता है कि लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है। Glassnode की मानें तो एडजस्टमेंट में बिटकॉइन की माइनिंग डिफिकल्टी 2.43 प्रतिशत गिरकर 135.59 ट्रिलियन हो गई। वहीं, इस महीने नेटवर्क हैशरेट लगभग 978 exahashes प्रति सेकंड से बढ़कर 992 EH/s हो गया। कहा यह बी जा रहा है कि अगर कीमत 80000 हजार डॉलर के ऊपर जाती है तो इस सप्लाई को संभालना बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है।
माइनिंग डेटा में एक गहरा संकेत छिपा
अगर बुधवार को ट्रंप की डेडलाइन बिना किसी सौदे के खत्म हो जाती है, तो क्या यह वापस 74,000 डॉलर से नीचे गिर जाता है। माइनिंग डेटा में एक गहरा संकेत छिपा है। डिफिकल्टी में गिरावट के बावजूद माइनर्स का रिकॉर्ड गति से बिक्री करना यह दर्शाता है कि कीमत में सुधार के बावजूद उत्पादन की आर्थिक स्थिति अभी भी दबाव में है।
