Coinbase crypto loan UK: Coinbase ने यूनाइटेड किंगडम में अपनी क्रिप्टो-आधारित लोन सर्विस शुरू कर दी है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह नया फीचर वर्तमान बैंकिंग सिस्टम को चुनौती दे सकता है। अब यूजर्स अपने डिजिटल एसेट्स को बेचे बिना ही कैश हासिल कर सकते हैं, जिससे क्रिप्टो एक निवेश से आगे बढ़कर उपयोगी वित्तीय टूल बनता जा रहा है। तो आइए जानते हैं विस्तार से।
बिना क्रिप्टो बेचे अब पाएं कैश Coinbase की नई पहल, UK सर्विस से 5 मिलियन डॉलर तक का USDC लोन उपलब्ध। जानिए तरीका।
बिना बेचे एसेट पर मिलेगा लोन
इस नई सुविधा के तहत यूजर्स Bitcoin, Ethereum और cbETH जैसे एसेट्स को गिरवी रखकर 5 मिलियन डॉलर तक का USD Coin लोन ले सकते हैं। पूरा सिस्टम ऑनचेन है। यहां एसेट्स Morpho स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षित रहते हैं, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होती है। यूजर्स को ध्यान में रखते हुए Coinbase ऐप में Borrow सेक्शन जोड़ा गया है। यहां यूजर्स कुछ ही स्टेप्स में लोन ले सकते हैं और Morpho के माध्यम से राशि कुछ ही सेकंड में उनके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। इसके बाद इसे ब्रिटिश पाउंड में कन्वर्ट या सीधे ट्रांसफर करना भी बेहद आसान है।
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लिक्विडेशन का जोखिम भी मौजूद
इस सर्विस की खासियत है इसका फ्लेक्सिबल इंटरेस्ट सिस्टम। ब्याज दरें मार्केट कंडीशन के अनुसार बदलती रहती हैं। Base पर हर ब्लॉक के साथ अपडेट होती हैं। इसमें कोई फिक्स्ड EMI या तय समय सीमा नहीं है। यानी यूजर अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी लोन चुका सकते हैं। हालांकि यह सुविधा फायदेमंद है, लेकिन इसमें जोखिम भी है। अगर गिरवी रखे गए एसेट्स की कीमत गिरती है और लोन वैल्यू तय सीमा तक पहुंच जाती है तो ऑटोमैटिक लिक्विडेशन हो सकता है। Coinbase इस स्थिति से पहले यूजर्स को ईमेल और SMS के जरिए अलर्ट देता है, ताकि वे समय रहते कदम उठा सकें।
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ग्लोबल विस्तार की तैयारी
यह लॉन्च Coinbase के अमेरिकी मॉडल की सफलता के बाद आया है, जहां 2025 से अब तक अरबों डॉलर के लोन जारी किए जा चुके हैं। बता दें कि जनवरी 2025 में अमेरिका में Morpho के माध्यम ऑन चेन क्रिप्टो समर्थित लोन की सुविदा शुरू करने के बाद की गई है। यह शुरूआत में 1 मिलियन डॉलर शुरू हुई थी। अब इसे बढ़ाकर 5 मिलियन डॉलर कर दी गई है।कंपनी अब इस सर्विस को अन्य देशों में भी विस्तार देने की योजना बना रही है। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में DeFi और पारंपरिक बैंकिंग के बीच की दूरी और कम होगी।
