अब विमान नहीं होंगे गुमराह! GPS हैकिंग के खिलाफ भारत की बड़ी तैयारी

अब विमान नहीं होंगे गुमराह! GPS हैकिंग के खिलाफ भारत की बड़ी तैयारी

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April 14, 2026

GPS Spoofing:  भारत में एयरपोर्ट साइबर खतरों की समस्या से जुझती रही है। खासकर GPS Spoofing जैसी तकनीक के आने के बाद तो खतरा और बढ़ गया है। इस के जरिए विमान को गलत दिखाकर बड़े हादसों की आशंका पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भारत सरकार इससे उत्पन्न होनेवाली समस्या को दूर करने की तैयारी की है। 63 Moons Technologies की साइबर सिक्योरिटी यूनिट 63SATS Cyber Security इस खतरे निपटने के लिए काम कर रही है।

भारतीय एयरपोर्ट्स पर GPS Spoofing के खतरे से निपटने के लिए नई साइबर तकनीक का ट्रायल, जानें पूरी खबर।

फिलहाल, दो हवाई अड्डों के साथ मिलकर GPS स्पूफिंग से निपटने के लिए एक समाधान पर काम कर रही है। इनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। बता दें कि यह भारत का सबसे अत्याधुनिक एयरपोर्ट में से एक है। यहां इस सिस्टम की मदद से GPS स्पूफिंग एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा खतरा को रोकने की कोशिश की जा रही है। 63SATS Cybertech के CEO, श्रीनिवास एल की माने तो यह एक इजरायली साल्यूशन को भारत में लागू करने जा रहे हैं। इसके लिए भारत के लिए दो एयरपोर्ट को टेस्टिंग के लिए उपयोग कर रहे हैं।

कैसे काम करता है GPS Spoofing

GPS Spoofing मे फेक सिग्नल भेजे जाते हैं। ये सिग्नल असली सैटेलाइट सिग्नल से अधिक मजबूत होते हैं। जिसके वजह से विमान इसे असली समझ लेते हैं। जिससे लोकेशन गलत दिखने लगती है। यह तकनीक एयपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोल को भी भ्रमित कर सकती है। भारत में यह खतरा कोई नया नहीं है। पिछले साल दिल्ली, मुंबई और बेगलूरू में ऐसी घटनाएं हो चुकी है।

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आमलोगं की सुरक्षा और सरकार के लिए काम

63SATS ने घरेलू डिवाइसों का बढ़ता चलन और उनसे बढ़ते खतरों को देखते हुए अपने सुपरऐप CYBX ब्रांड को लॉन्च किया है। यह ऐप कॉल एन्क्रिप्शन, वाईफाई सुरक्षा औऱ साइबर अटैक से बचाव जैसे कई फीचर्स देता है। कंपनी का दावा है कि अगले दो-तीन सालों में यहां से बहुत सारे आईपी निकलते देख सकते हैं। ऐसा नहीं है कि कंपनी सिर्फ आमलोगों के लिए काम कर रही है। यह सरकार और बड़े उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है। इन्हें Cyber ​​Security Force और Cyberdome प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाएं देती है।

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एंटरप्राइजेज लेवल पर भी विस्तार

कंपनी इन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल उन क्षेत्रों में अधिक कर रही है। जहां साइबर हमले की खतरे बहुत अधिक रहती है। इस ऐप को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।  अगस्त 2025 में लॉन्च होने के बाद से अबतक करीब 7 लाख ऐप डाउनलोड हो चुके हैं। लगभग 14 लाख साइबर हमलों को रोक का दावा भी कर रही है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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