सरकार का यू-टर्न! बिना SIM भी चलते रहेंगे WhatsApp और Telegram

सरकार का यू-टर्न! बिना SIM भी चलते रहेंगे WhatsApp और Telegram

5 mins read
1 views
April 3, 2026

SIM binding delay: केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स के लिए प्रस्तावित SIM binding  गाइडलाइन को फिलहाल टाल दिया है। Department of Telecommunications ने इस नियम की डेडलाइन बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दी है। पहले इसे मार्च के अंत तक लागू किया जाना था। इस फैसले से यूजर्स और कंपनियों दोनों को राहत मिली है।

– टेक कंपनियों की तकनीकी दिक्कतों के चलते SIM बाइंडिंग नियम टला, अब साल के अंत तक बिना SIM भी चलते रहेंगे मैसेजिंग ऐप्स।

बिना SIM भी जारी रहेगा इस्तेमाल

इस फैसले का सीधा फायदा यूजर्स को मिला है। अब WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स बिना एक्टिव SIM के भी चलते रहेंगे। अब फोन में सिम नहीं रहने पर भी मैसेंजिक जारी रख सकते हैं। बता दें कि पहले नियम लागू होने पर कुछ में खुद ही लॉग आउट हो सकती थी। इस फैसले के बाद बार- बार लॉगिन करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

READ MORE- WhatsApp की चेतावनी, iPhone से डेटा चोरी का खतरा

साइबर फ्रॉड रोकने के लिए लाया गया था नियम

SIM बाइंडिंग गाइडलाइन लागू करने के पीछे सरकार का साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड पर अंकुश लगाना था। कई बार तो यह भी देखा गया कि सिम हटाने के बाद भी एकाउंट एक्टिन दिखाई देते थे। जिसका फायदा साइबर आपराधी उठाते थे। यही वजह थी कि सरकार इस नियम को लागू कर इस अंतर को सदा के लिए खत्म कर देना चाहती थी। हालांकि सरकार टेक कंपनियों को सिस्टम अपडेट और सुरक्षा सुधार के लिए अतिरिक्त समय दिया है। अब कंपनियां इस नियम को लागू करने के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगी। पहले की डेडलाइन काफी नजदीक थी, जिससे कंपनियों को तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं।

READ MORE-  Microsoft की चेतावनी! WhatsApp मैसेज से फैल रहा खतरनाक साइबर अटैक

तकनीकी चुनौतियां बनी बड़ी वजह

रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार के इस कदम से कई बड़े टेक दिग्गज नाराज थे। उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति  भी दर्ज की थी। ऐप्पल ने तो खुलकर अपना पक्ष रखा था। फिलहाल,कुछ दिनों के लिए इसे टाल दिया गया है। लेकिन अभी भी यह खत्म नहीं हुई है। जब तक पूर्ण रूप से इसपर कोई निर्णय नहीं आ जाता है तब तक यूजर्स की चिंता बनी रह सकती है लेकिन इस राहत देनेवाली बात यह है कि फौरन उन्हें इन समस्याओं गुजरना नहीं पड़ेगा।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

सस्पेंस और एक्शन से भरपूर है ये क्राइम थ्रिलर सीरीज
Previous Story

सस्पेंस और एक्शन से भरपूर है ये क्राइम थ्रिलर सीरीज

Latest from Apps

Don't Miss