US China Chip War: दुनिया में चल रही सेमीकंडक्टर की लड़ाई अब और भी गंभीर हो गई है। नए आरोपों के अनुसार चीन के चिप सेक्टर और ईरान के मिलिट्री सिस्टम के बीच संबंधों की बात सामने आई है। यह मामला ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक राजनीति पहले से ही तनाव में है और टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन पर भी बड़ा दबाव है।
अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि चीन की सबसे बड़ी चिप कंपनी SMIC ईरान को चिप बनाने वाले उपकरण भेज रही है। दो वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, SMIC ने लगभग एक साल पहले से ईरान को ये उपकरण भेजने शुरू किए थे। एक अधिकारी ने कहा कि हमें कोई कारण नहीं है यह मानने का कि यह अब भी बंद हो गया है।
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि चीन की चिप कंपनी SMIC ईरान को सेमीकंडक्टर उपकरण भेज रही है, यह मामला वैश्विक चिप वॉर और तकनीकी सप्लाई चेन पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सैन्य उपयोग की आशंका
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यह सिर्फ उपकरण भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें SMIC की तकनीक पर आधारित ट्रेनिंग भी शामिल हो सकती है। बताया गया है कि ये उपकरण ईरान के सैन्य-औद्योगिक परिसर को आपूर्ति किए गए हैं। हालांकि, इनका असली उपयोग अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपकरण सैन्य इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस सिस्टम में इस्तेमाल हो सकते हैं।
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SMIC पर पहले से हैं प्रतिबंध
SMIC पहले से ही 2020 से अमेरिका के प्रतिबंधों के तहत है। उस पर चीन की सेना से जुड़े होने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, कंपनी ने हमेशा इन आरोपों को गलत बताया है। अमेरिका ने चीन की एडवांस चिप तकनीक को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इसमें Lam Research, KLA और Applied Materials जैसी अमेरिकी कंपनियों के एक्सपोर्ट पर भी रोक शामिल है।
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चीन का रुख और चुप्पी
चीन ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई सीधा बयान नहीं दिया है। विदेश मंत्री वांग यी ने सिर्फ इतना कहा है कि सभी देशों को शांति और बातचीत की तरफ बढ़ना चाहिए। चीनी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ उनका व्यापार सामान्य और कानूनी है। वहीं, SMIC ने भी इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
