China Digital Yuan: चीन अपनी सरकारी डिजिटल करेंसी ‘डिजिटल युआन’ को और मजबूत बनाने की कोशिश में लगा है। Caixin की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन जल्द ही करीब एक दर्जन नए बैंकों को डिजिटल युआन के नेटवर्क में जोड़ने की प्लानिंग कर रहा है। सरकार का यह कदम बीजिंग की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत e-CNY को आम जनता की जिंदगी में जल्दी से जल्दी शामिल करना है।
2019 में लॉन्च हुआ डिजिटल युआन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं फैला। चीन सरकार नए बैंकों को जोड़कर इसे आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोशिश में लगी है।
अभी कितने बैंक हैं नेटवर्क में?
फिलहाल, पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने 10 बैंकों को डिजिटल युआन से जुड़ने की मंजूरी दी हुई है। अब इस लिस्ट में Shanghai Pudong Development Bank, China Everbright Bank और Bank of Ningbo जैसे बड़े बैंकों के नाम जुड़ सकते हैं। हालांकि, सेंट्रल बैंक ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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लोग क्यों नहीं अपना रहे?
2019 में जब डिजिटल युआन लॉन्च हुआ था, तब उम्मीद थी कि यह बहुत तेजी से फेमस होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चीन में Alipay और WeChat Pay जैसी पेमेंट ऐप्स पहले से इतने फेमस हैं कि लोगों को नया सिस्टम अपनाने की जरूरत ही नहीं लगती। यही वजह है कि सालों की कोशिश के बाद भी डिजिटल युआन आम लोगों के बीच उतना नहीं फैल पाया जितना सरकार चाहती थी इसीलिए अब ज्यादा बैंकों को जोड़कर इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है।
असली खेल है अंतरराष्ट्रीय मंच पर
एक्सपर्ट मानते हैं कि डिजिटल युआन की असली ताकत देश के अंदर नहीं, बल्कि बाहर दिखेगी। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में अमेरिकी डॉलर और SWIFT सिस्टम का दबदबा है। चीन चाहता है कि डिजिटल युआन इस दबदबे को कम करे और दुनिया में युआन की भूमिका बड़ी हो। इसी मकसद से चीन ने शंघाई में एक ऑपरेशन सेंटर भी खोला है, जो डिजिटल युआन के ग्लोबली यूज को आसान बनाएगा। इसके अलावा, डिजिटल युआन रखने पर ब्याज मिलने की सुविधा भी शुरू की गई है, ताकि लोग इसे रखने में रुचि लें।
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स्टेबलकॉइन पर चीन का सख्त रुख
अमेरिका जहां प्राइवेट डिजिटल करेंसी और स्टेबलकॉइन को बढ़ावा दे रहा है। वहीं, चीन ने इन पर सख्त पाबंदी लगाई हुई है। चीन का मानना है कि डिजिटल करेंसी सिर्फ सरकार के हाथ में होनी चाहिए।
