Australia Crypto Regulation: क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अब ऑस्ट्रेलिया सरकार इस सेक्टर पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। ऑस्ट्रेलिया की Senate Economics Legislation Committee ने Corporations Amendment Bill 2025 का समर्थन किया है। इस बिल का मकसद क्रिप्टो कंपनियों को देश की मौजूदा वित्तीय व्यवस्था के अंदर लाना है, ताकि यूजर्स को ज्यादा सुरक्षा मिल सके।
ऑस्ट्रेलिया सरकार क्रिप्टो कंपनियों के लिए नए सख्त नियम लाने की तैयारी कर रही है। नए बिल के तहत डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म को लाइसेंस लेना होगा और यूजर्स की संपत्ति की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों का पालन करना पड़ेगा।
सरकार खास तौर पर उन कंपनियों पर ध्यान दे रही है, जो लोगों के लिए डिजिटल टोकन को संभालती या मैनेज करती हैं। अब इन कंपनियों को उसी तरह नियमों का पालन करना होगा जैसे बैंक या दूसरी वित्तीय संस्थाएं करती हैं।
लाइसेंस लेना होगा जरूरी
यह बिल ऑस्ट्रेलिया के ट्रेजरर जिम चालमर्स और फाइनेंशियल सर्विसेज मंत्री डैनियल मुलिनो ने पेश किया था। अगर यह कानून लागू होता है तो डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म और टोकन कस्टडी सेवाएं देने वाली कंपनियों को ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय सेवा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा कंपनियों को ग्राहकों की डिजिटल संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सख्त नियमों का पालन करना होगा। जब कोई नया यूजर प्लेटफॉर्म पर जुड़ता है तो उसे सभी जरूरी जानकारी साफ-साफ बतानी होगी। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि वे किस तरह की सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कंपनियों को मिलेगा 6 महीने का समय
नए नियम लागू होने के बाद जिन कंपनियों के पास अभी लाइसेंस नहीं है, उन्हें इसे हासिल करने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा। इस कानून में डिजिटल टोकन, डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म और टोकनाइज्ड कस्टडी प्लेटफॉर्म जैसे शब्दों को भी स्पष्ट रूप से समझाया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि क्रिप्टो कंपनियां मौजूदा वित्तीय कानूनों के दायरे में आएं, लेकिन ब्लॉकचेन तकनीक को सीधे नियंत्रित करने की कोशिश न की जाए।
पहले भी लागू किए गए नियम
ऑस्ट्रेलिया में क्रिप्टो को लेकर पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं। क्रिप्टो एक्सचेंजों को पहले से ही AUSTRAC के साथ रजिस्टर करना जरूरी है। पिछले साल जून में AUSTRAC ने क्रिप्टो एटीएम के लिए भी नए नियम लागू किए थे। इसके तहत नकद लेन-देन की सीमा 5,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तय की गई और पहचान की जांच को और सख्त किया गया। AUSTRAC के प्रमुख Brendan Thomas के अनुसार, क्रिप्टो ATM का इस्तेमाल करने वालों में 72 प्रतिशत लोग बुजुर्ग हैं, इसलिए उनके साथ धोखाधड़ी का खतरा ज्यादा रहता है।
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युवाओं को भी दी जा रही चेतावनी
दूसरी ओर नियामक एजेंसियां युवाओं को भी सावधान कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया की वित्तीय नियामक संस्था Australian Securities and Investments Commission की एक रिपोर्ट में पाया गया कि Gen Z के हर चार में से एक निवेशक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या AI चैटबॉट से निवेश की सलाह लेता है।
इसी वजह से पिछले साल ASIC ने 18 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को चेतावनी दी थी क्योंकि वे बिना लाइसेंस के जोखिम भरे निवेश प्रोडक्ट्स का प्रचार कर रहे थे।
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क्रिप्टो बाजार को सुरक्षित बनाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि यह नया बिल सिर्फ लाइसेंस देने तक सीमित नहीं है। इसका मकसद क्रिप्टो बाजार को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
