भारत का सेमीकंडक्टर मिशन, ISM 2.0 जारी

होर्मुज संकट से नहीं रुकेगा भारत का सेमीकंडक्टर मिशन, ISM 2.0 जारी

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March 11, 2026

Iran War Impact: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर पड़े असर के बावजूद भारत की सेमीकंडक्टर योजना फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है। सरकार के अधिकारियों का कहना है कि India Semiconductor Mission 2.0 अभी शुरुआती प्रशासनिक प्रक्रियाओं के दौर में है, इसलिए मौजूदा हालात से इस मिशन के काम पर तुरंत कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग रुकावट के बीच भी भारत की India Semiconductor Mission 2.0 पर फिलहाल असर नहीं दिख रहा है। सरकार का फोकस अभी मंजूरी और नीति तैयार करने की प्रक्रिया पर है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल उत्पाद दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचते हैं। सेमीकंडक्टर यानी चिप बनाने के लिए भी कई तरह के खास गैस और केमिकल्स की जरूरत होती है, जिनका संबंध इसी सप्लाई चेन से जुड़ा होता है।

अगर इस रास्ते में लंबे समय तक रुकावट आती है तो इससे उन जरूरी कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है जो चिप बनाने में इस्तेमाल होते हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में हो रही हलचल पर दुनिया भर की टेक इंडस्ट्री की नजर बनी हुई है।

जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट

हाल ही में इस इलाके में कई कार्गो जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद से समुद्री रास्ते से होने वाला व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 मार्च तक इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में 94 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।

इसका मतलब है कि करीब दस दिनों से इस रास्ते से व्यापार लगभग ठप हो गया है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सेमीकंडक्टर उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले गैस और केमिकल्स की सप्लाई और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

ISM 2.0 की प्रक्रिया जारी

हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद सरकार को भरोसा है कि India Semiconductor Mission 2.0 की योजना पर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अभी इस मिशन का फोकस प्रशासनिक मंजूरी और नीति से जुड़ी तैयारियों पर है।

अधिकारी ने कहा कि फिलहाल कार्यक्रम में कोई बड़ी समस्या नहीं है और जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। क्योंकि अभी इस मिशन के तहत जमीन पर निर्माण या सप्लाई चेन पर निर्भर काम शुरू नहीं हुए हैं, इसलिए मौजूदा समुद्री संकट से इसका सीधा संबंध नहीं है।

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दूसरे चरण में इकोसिस्टम पर जोर

सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण में सरकार सिर्फ फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। इस बार योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसमें चिप बनाने वाले उपकरण, विशेष मटेरियल और जरूरी केमिकल्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन यानी इंसेंटिव देने की योजना बनाई जा सकती है। इससे भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के आसपास का पूरा नेटवर्क मजबूत होगा।

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भविष्य में आ सकती हैं चुनौतियां

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अभी नीति और मंजूरी के स्तर पर काम चल रहा है, इसलिए तत्काल कोई असर नहीं दिखेगा, लेकिन जब आगे चलकर सेमीकंडक्टर फैब प्लांट बनना शुरू होंगे, तब स्थिति बदल सकती है।

फैब प्लांट को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा, विशेष गैस और केमिकल्स की जरूरत होती है। अगर उस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में लंबे समय तक बाधा बनी रहती है, तो इससे इन जरूरी संसाधनों की कीमत और सप्लाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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