OpenAI NATO Deal: OpenAI एक और बड़े अंतरराष्ट्रीय रक्षा संगठन के साथ साझेदारी पर विचार कर रही है। हाल ही में अमेरिकी सेना के साथ बड़ी डील करने के बाद अब कंपनी NATO के साथ संभावित समझौते की संभावना तलाश रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम इस बात का संकेत है कि AI कंपनियां अब सरकारों और रक्षा संगठनों के साथ तेजी से काम कर रही हैं। हालांकि, प्रस्तावित NATO साझेदारी Pentagon के साथ हुए हालिया समझौते से कुछ मायनों में अलग हो सकती है, खासकर इस बात को लेकर कि AI तकनीक किस तरह के नेटवर्क पर इस्तेमाल होगी।
pentagon के साथ बड़ी डील के बाद OpenAI अब NATO के साथ साझेदारी पर विचार कर रही है।
NATO के अनक्लासिफाइड नेटवर्क पर AI का इस्तेमाल
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के अंदर हुई एक टाउन हॉल मीटिंग में OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कर्मचारियों से इस संभावित योजना के बारे में चर्चा की। शुरुआत में उन्होंने कहा था कि कंपनी की AI तकनीक NATO के क्लासिफाइड सिस्टम पर भी लागू की जा सकती है, लेकिन बाद में कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह एक गलती थी। असल में कंपनी NATO के अनक्लासिफाइड नेटवर्क पर अपनी AI तकनीक लागू करने की संभावना देख रही है, न कि क्लासिफाइड सिस्टम पर।
यह फर्क काफी अहम है। क्लासिफाइड नेटवर्क में बेहद संवेदनशील सैन्य जानकारी, खुफिया डेटा और ऑपरेशन की योजनाएं होती हैं। वहीं, अनक्लासिफाइड नेटवर्क में ऐसी जानकारी होती है जो जरूरी तो होती है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से उतनी संवेदनशील नहीं मानी जाती।
Pentagon के साथ हाल ही में हुआ बड़ा समझौता
NATO के साथ संभावित सहयोग की चर्चा ऐसे समय सामने आई है जब कंपनी ने हाल ही में Pentagon के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस डील के तहत OpenAI की AI तकनीक अमेरिकी रक्षा विभाग के क्लासिफाइड सिस्टम में इस्तेमाल की जा सकती है। इस समझौते से पहले Pentagon की AI साझेदारी में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी एजेंसियों को AI कंपनी Anthropic के साथ सहयोग बंद करने का निर्देश दिया था।
Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई ने पहले ही कहा था कि उनकी कंपनी AI तकनीक के सैन्य उपयोग को सीमित रखना चाहती है। इसके बाद Pentagon ने Anthropic को ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित कर दिया और कंपनी के साथ सरकारी सहयोग लगभग खत्म हो गया।
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आलोचना के बाद कंपनी ने दी सफाई
Pentagon के साथ हुए समझौते के बाद OpenAI को आलोचना का भी सामना करना पड़ा। कई AI विशेषज्ञों और उपयोगकर्ताओं ने चिंता जताई कि AI तकनीक का सैन्य इस्तेमाल भविष्य में विवाद पैदा कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इस घोषणा के बाद कंपनी को कुछ सब्सक्रिप्शन कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा।
इसके बाद कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसकी AI तकनीक का इस्तेमाल अमेरिका के नागरिकों पर जानबूझकर जासूसी करने के लिए नहीं किया जाएगा। वहीं, Pentagon ने भी कहा कि कोई भी खुफिया एजेंसी, जैसे National Security Agency, OPENAI की सेवाओं का उपयोग नहीं करेगी।
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सैम ऑल्टमैन ने माना, फैसला आसान नहीं था
इसी आंतरिक बैठक में सैम ऑल्टमैन ने कर्मचारियों से थ समझौते को लेकर कंपनी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस फैसले से कंपनी की छवि को कुछ समय के लिए नुकसान और नकारात्मक प्रचार का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उनका कहना था कि यह फैसला जटिल जरूर था, लेकिन कंपनी के नजरिए से सही था।
