Google Gemini Ban: Artificial Intelligence इंडस्ट्री में एक नया टकराव सामने आया है, जहां डेवलपर समुदाय और बड़ी टेक कंपनी आमने-सामने दिख रहे हैं। Google ने कथित एंटीग्रेविटी दुरुपयोग के आधार पर कुछ Gemini Pro यूजर्स का एक्सेस रोक दिया। जिससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या AI प्लेटफॉर्म अपने नियमों के नाम पर यूजर्स की पहुंच कभी भी सीमित कर सकते हैं?
Gemini एक्सेस बंद होने पर डेवलपर समुदाय में काफी नाराजगी। OpenClaw और Google के बीच बढ़ते तनाव की पूरी कहानी पढ़ें।
Open Claw की आपत्ति: संवाद बनाम दंड
इस कार्रवाई पर Open Claw के संस्थापक Peter Steinberger ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने गूगल के रवैये को बेरहम बताया और डेवलपर्स को एंटीग्रेविटी टूल इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। मतलब इशारा यह भी था कि हालात ऐसे ही रहे तो Open Claw इस टूल का समर्थन वापस ले सकता है।
एंटीग्रेविटी क्या है और विवाद क्यों?
एंटीग्रेविटी एक AI-संचालित टूल है, जो बिना गहरी कोडिंग जानकारी के भी सॉफ्टवेयर तैयार करने में मदद करता है। यही इसकी लोकप्रियता की वजह है। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी बैकएंड के जरिए संदिग्ध या malicious गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई। गूगल का कहना है कि सर्विस की गुणवत्ता और सुरक्षा को बचाने के लिए सीमित यूजर्स पर कार्रवाई जरूरी थी।
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गूगल का पक्ष यानी सुरक्षा पहले
गूगल का कहना है कि असामान्य ट्रैफिक और दुरुपयोग के संकेत मिले थे, जिससे प्लेटफॉर्म की स्थिरता प्रभावित हो रही थी। कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह चुनिंदा मामलों तक सीमित था। उसका तर्क है कि यदि समय रहते रोकथाम न की जाती, तो लाखों यूजर्स की सेवा प्रभावित हो सकती थी।
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डेवलपर समुदाय में असहजता
Steinberger ने यह भी इशारा किया कि कुछ अन्य AI कंपनियां जैसे Anthropic। ऐसे मामलों में डेवलपर्स से बेहतर संवाद करती हैं। उनका मानना है कि सख्ती से पहले बातचीत होनी चाहिए थी। मुद्दा सिर्फ कुछ अकाउंट्स के बैन का नहीं, बल्कि उस व्यापक संतुलन का है जहां प्लेटफॉर्म सुरक्षा और यूजर स्वतंत्रता आमने-सामने खड़े हैं। सवाल यह उठने लगे हैं किअंतिम नियंत्रण किसके हाथ में होना चाहिए, टेक कंपनियों के या यूजर्स के?
फिलहाल यह विवाद AI दुनिया के लिए एक चेतावनी है। तकनीक जितनी शक्तिशाली होगी, नियम और जवाबदेही की मांग भी उतनी ही मजबूत होगी।
