South Korea AI Regulation: दक्षिण कोरिया ने गुरुवार को Artificial Intelligence को नियंत्रित करने के लिए दुनिया के पहले व्यापक कानून लागू किए हैं। सरकार का कहना है कि इन कानूनों का मकसद AI सेक्टर में भरोसा और सुरक्षा को मजबूत करना है। हालांकि कई स्टार्टअप्स को आशंका है कि सख्त नियम उनके विकास की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं। बता दें कि दक्षिण कोरिया खुद को दुनिया की शीर्ष तीन AI ताकतों में शामिल करना चाहता है। इसी लक्ष्य के तहत देश ने AI बेसिक एक्ट लागू किया है, जो यूरोपीय संघ के AI एक्ट से भी पहले पूरी तरह प्रभाव में आ गया है।
दुनिया में पहली बार AI पर इतना सख्त कानून, लेकिन क्या इससे नवाचार पर पड़ेगा असर? तो आइए जानते हैं विस्तार से।
AI रेगुलेशन को लेकर मतभेद
AI को लेकर विश्व स्तर पर नियमों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हल्के-फुल्के नियमन के पक्ष में है, ताकि स्टार्टअप्स पर ज्यादा बोझ न पड़े। वहीं चीन पहले ही कुछ नियम लागू कर चुका है और वैश्विक स्तर पर AI Regulation के लिए एक समन्वय संस्था बनाने का प्रस्ताव भी दे चुका है।
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हाई-इम्पैक्ट AI पर सख्त निगरानी
दक्षिण कोरिया के नए कानूनों के तहत कंपनियों को तथाकथित हाई-इम्पैक्ट AI सिस्टम पर मानवीय निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। इसमें परमाणु सुरक्षा, पीने के पानी का उत्पादन, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सेवाएं जैसे क्रेडिट मूल्यांकन और लोन स्क्रीनिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उत्पादों या सेवाओं के बारे में यूजर्स को पहले से जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, जहां AI द्वारा तैयार किया गया कंटेंट वास्तविकता से अलग पहचानना मुश्किल हो, वहां स्पष्ट लेबलिंग करना भी जरूरी होगा।
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सुरक्षा और अपनाने में संतुलन
वहीं, विज्ञान और ICT Ministry का कहना है कि यह कानूनी ढांचा AI को अपनाने को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा और भरोसे की मजबूत नींव तैयार करने के लिए बनाया गया है। इस कानून को तैयार करने से पहले व्यापक परामर्श किया गया था। कंपनियों को नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने से पहले कम से कम एक साल की ग्रेस पीरियड भी दी जाएगी।
भारी जुर्माने का प्रावधान
दक्षिण कोरिया में यदि कोई कंपनी जेनरेटिव AI कंटेंट की सही तरीके से लेबलिंग नहीं करती है, तो उस पर 30 मिलियन वोन यानी लगभग 20,400 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यूरोपीय संघ में सजा इससे कहीं ज्यादा सख्त है।
स्टार्टअप्स की नाराजगी
दक्षिण कोरिया स्टार्टअप अलायंस के सह-प्रमुख Jungwook Lim ने कहा कि कई स्टार्टअप फाउंडर्स इस बात से नाराज हैं कि कानून के कई अहम पहलू अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। वहीं, राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने इन चिंताओं को जायज बताया और नीति निर्माताओं से उद्योग की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि वेंचर कंपनियों और स्टार्टअप्स को पर्याप्त समर्थन मिलना चाहिए।
