Meta पर प्राइवेसी उल्लंघन का आरोप, whistleblower ने किया केस

Meta पर प्राइवेसी उल्लंघन का आरोप, whistleblower ने किया केस

8 mins read
834 views
September 9, 2025

WhatsApp में सुरक्षा खामियां और Meta के नियमों का उल्लंघन, पूर्व कर्मचारी अटाउल्लाह बैग ने कोर्ट में उठाए गंभीर सवाल।

Meta WhatsApp Security: Meta हाल ही में एक नए विवाद के घेरे में आ गई है। इसे अमेरिकी कोर्ट में WhatsApp के पूर्व सुरक्षा प्रमुख अटाउल्लाह बैग ने केस के जरिए लाया। बैग का आरोप है कि कंपनी ने गंभीर सुरक्षा और प्राइवेसी खतरों की अनदेखी की है। उनके मुताबिक, WhatsApp के हजारों कर्मचारी संवेदनशील यूजर डेटा बिना किसी रोक-टोक के पहुंच रखते थे। बैग ने दावा किया कि Meta ने व्यापक अकाउंट हैकिंग की घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया और उनके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया। 

Meta के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी 

बैग ने बताया कि उन्होंने बार-बार Meta के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी कि लोग वास्तविक खतरे में हैं लेकिन इसके बावजूद उनके मैनेजरों ने विरोध किया और फरवरी में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। बैग ने एफटीसी और एसईसी को भी बताया कि Meta ने 2019 के प्राइवेसी समझौते का उल्लंघन किया और साइबर सुरक्षा जोखिमों की जानकारी निवेशकों तक नहीं पहुंचाई। Meta ने उनके आरोपों को झूठा बताया और कहा कि बैग को प्रदर्शन कमजोर होने के कारण निकाला गया।  

READ MORE: WazirX हैक के बाद निशल शेट्टी ने चुपचाप किया बड़ा ट्रांसफर 

WhatsApp अकाउंट हैक हो रहे थे 

बैग के मुकदमे में यह भी दावा किया गया कि WhatsApp में बड़े सुरक्षा दोष मौजूद थे। उनका कहना है कि हर दिन 1 लाख से अधिक अकाउंट हैक किए जा रहे थे लेकिन कंपनी ने बेहतर सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए। बैग ने Meta पर एफटीसी समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जिसमें कंपनी को बेहतर प्राइवेसी सुरक्षा और ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। 

 यह मामला Meta में लगातार सामने आने वाले व्हिसलब्लोअर शिकायतों की सीरीज में नया है। पिछले सालों में कई पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि कंपनी ने बच्चों और किशोरों के नुकसान के सबूतों की अनदेखी की, रिसर्च को गलत तरीके से पेश किया और प्लेटफॉर्म के खतरों को कम करके दिखाया। फ्रांसिस हौगेन और अन्य कर्मचारियों ने हजारों इंटरनल दस्तावेज नियामकों को दिए। अमेरिकी कांग्रेस भी Meta के वर्चुअल रियलिटी प्रोडक्ट्स में बच्चों की सुरक्षा के मुद्दों पर सक्रिय है। 

Meta ने सभी आरोपों का किया खंडन 

Meta ने बैग के आरोपों का जोरदार खंडन किया। WhatsApp प्रवक्ता ने कहा कि उनके सुरक्षा उपायों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और यह पूर्व कर्मचारियों की नाराजगी का नतीजा है। कंपनी ने प्राइवेसी को गंभीरता से लेने और सुरक्षित एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्रदान करने पर जोर दिया। मेटा ने कहा कि वह हमेशा नियामक समझौतों का पालन करती है और सुरक्षा में लगातार भारी निवेश करती है। 

READ MORE: कजाकिस्तान में Fonte Capital ने लॉन्च किया पहला बिटकॉइन ETF 

फिर भी, यह मुकदमा Meta के लिए एक और चुनौती बन गया है। कंपनी पहले ही प्राइवेसी उल्लंघनों के कारण अरबों डॉलर का जुर्माना चुका चुकी है जिसमें 2019 का एफटीसी समझौता और कैम्ब्रिज एनालिटिका कांड शामिल हैं। हालांकि, करीब 3 बिलियन WhatsApp यूजर्स अभी भी एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित संवाद कर रहे हैं लेकिन हालिया मामला सवाल उठाता है कि क्या Meta सचमुच अपने यूजर डेटा की सुरक्षा की प्रतिबद्धता निभा रही है।  

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, सेमीकंडक्टर से बदल जाएगा भारत का फ्यूचर
Previous Story

अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, सेमीकंडक्टर से बदल जाएगा भारत का फ्यूचर

Global Fintech Fest 2025: मुंबई में मंच शेयर करेंगे पीएम मोदी और UK पीएम
Next Story

Global Fintech Fest 2025: मुंबई में मंच शेयर करेंगे पीएम मोदी और UK पीएम

Latest from Latest news

CEX.IO और OpenPayd की साझेदारी, पेमेंट सिस्टम होगा तेज 

CEX.IO OpenPayd Partnership: OpenPayd और CEX.IO के बीच एक नई साझेदारी हुई है, जो डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टो मार्केट के लिए काफी अहम मानी जा रही है।इस समझौते के तहत OpenPayd अब CEX.IO के ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर फिएट पेमेंट और इंस्टीट्यूशनल सेटलमेंट को आसान और तेज बनाने का काम करेगा।  OpenPayd और CEX.IO की नई साझेदारी से अब FIAT पेमेंटऔर सेटलमेंट पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा, जानिए इस डील

Vivo फोन हुए महंगे, क्या अभी खरीदना सही फैसला?

Vivo Mobile New Price: Vivo का स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। कंपनी ने भारत में अपने कई स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। यह बदलाव धीरे–धीरे लागू हो रहा है और इसका असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है।  स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! Vivo के कई फोन अब महंगे हो गए हैं। यहां देखें नई कीमतें और जानें क्यों बढ़ रहे हैं मोबाइल के दाम।  क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?  आजकल सिर्फ Vivo ही नहीं, बल्कि कई मोबाइल कंपनियां अपने फोन के दाम बढ़ा रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह जरूरी पार्ट्स की महंगाई है। मोबाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले चिपसेट, डिस्प्ले और बैटरी अब पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन भी पूरी तरह स्थिर नहीं है। प्रोडक्शन और डिलीवरी में लागत बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियां अपने खर्च को संभालने के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ समय तक बाजार में पुराने स्टॉक पुराने दामों पर मिल सकते हैं, लेकिन नए आने वाले फोन महंगे होंगे।  READ MORE: Vivo के इस कैमरा बेस्ड मॉडल के सामने DSLR भी है फेल!  किन Vivo फोन्स के दाम बढ़े?  कंपनी के कई पॉपुलर स्मार्टफोन्स की कीमतों में बदलाव हुआ है।   Vivo T5x (6GB + 128GB) अब 22,999 में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 18,999 थी। यानी 4,000 का सीधा बढ़ोतरी।  Vivo V70 Elite 5G (8GB + 256GB) की कीमत अब 55,999 हो गई है, जो पहले 51,999 थी।  Vivo

निवेशकों के लिए खुशखबरी! HCL ने दिया शानदार डिविडेंड तोहफा  

HCL Dividend News: HCL Technologies ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी का प्रदर्शन मिला–जुला रहा है। मुनाफे में हल्की बढ़त दिखी है, जबकि रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। इससे साफ है कि कंपनी का बिजनेस स्थिर बना हुआ है और धीरे–धीरे आगे बढ़ रहा है।  मार्च तिमाही में HCL Technologies का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां रेवेन्यू बढ़ा लेकिन मुनाफे की रफ्तार धीमी रही। कंपनी ने निवेशकों को 5 मई को 24 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है।  मुनाफे में हल्की बढ़त  कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 4.2% बढ़कर 4,488 करोड़ हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 4,307 करोड़ था। यानी कंपनी ने मुनाफा तो बढ़ाया है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत तेज नहीं रही।  कमाई में मजबूत ग्रोथ  कमाई के मामले में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। मार्च तिमाही में ऑपरेशंस से कुल आय 33,981 करोड़ रही, जो पिछले साल के 30,246 करोड़ के मुकाबले करीब 12% ज्यादा है। इससे पता चलता है कि कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, हालांकि तिमाही आधार पर ग्रोथ थोड़ी सीमित रही है।  निवेशकों को डिविडेंड का फायदा  कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करते हुए प्रति शेयर 24 का इंटरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके लिए 25 अप्रैल को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जबकि डिविडेंड का भुगतान 5 मई को किया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनी लगातार अपने निवेशकों के साथ मुनाफा साझा कर रही है। यह कंपनी का 93वां क्वॉर्टर डिविडेंड है, जो इसकी मजबूत और स्थिर वित्तीय स्थिति को दिखाता है।  READ MORE: AI सेक्टर में हलचल, US में चिप और IPO योजनाएं हुई तेज  AI पर बढ़ रहा फोकस  कंपनी अब भविष्य की ग्रोथ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कंपनी की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा के अनुसार, आने वाले समय में AI कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। कंपनी अपने सर्विस पोर्टफोलियो को AI के हिसाब से मजबूत कर रही है, ताकि आने वाले समय में इससे ज्यादा कमाई हो सके।  READ MORE एआई ने कैसे बदल दिया पूरा डिलीवरी मॉडल, 400 कॉल रोज़ खुद करता है एआई  HCL Technologies का प्रदर्शन इस तिमाही में संतुलित रहा है। मुनाफा धीरे–धीरे बढ़ रहा है, कमाई में अच्छी ग्रोथ है और निवेशकों को डिविडेंड का फायदा भी मिल रहा है। साथ ही AI पर फोकस यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य के लिए मजबूत तैयारी कर रही है। 

Don't Miss