आ गया विश्व का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर…पॉकेट में लेकर घूम सकते हैं आप

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December 17, 2025

AI Supercomputer: Artificial Intelligence अब तक बड़े डेटा सेंटर, महंगे GPU और क्लाउड सर्वर तक सीमित मानी जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। अमेरिका की एक नई कंपनी ने ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जो आकार में बेहद छोटा लेकिन डेटा सेंटर जैसी AI पावर देने क्षमता रखती है। अपनी इस खूबियों की वजह से डिवाइस ने Guinness World Records में भी अपनी जगह बना ली है। तो आइए जान लेते है कि आखिर इसमें और क्या खासियत है।

अब AI क्लाउड में नहीं, आपके हाथ में! World Smallest AI Supercomputer 120 अरब पैरामीटर वाले मॉडल ऑफलाइन चलाता है। जानिए कैसे बदल रहा है AI का भविष्य।

क्या है दुनिया का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर?

दरअसल, अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी Tiny AI ने दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर तैयार किया है। जिसका नाम Tiny AI Pocket Lab रखा गया है। यह डिवाइस देखने में एक पावर बैंक जैसा है। जिसे बड़े ही सहजता से जेब में रखा जा सकता है। कंपनी के अनुसार, यह डिवाइस बिना किसी क्लाउड, सर्वर या महंगे GPU के 120 अरब पैरामीटर तक के बड़े AI मॉडल को खुद पर ही चला सकता है। इसी खासियत के कारण इसे दुनिया का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर माना गया है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों मिला?

Tiny AI Pocket Lab को Guinness World Records ने दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर होने की मान्यता दी है। इसका कारण है। बेहद छोटा आकार सुपरकंप्यूटर जैसी कंप्यूटिंग क्षमता पूरी तरह ऑफलाइन AI प्रोसेसिंग यह डिवाइस 10 दिसंबर को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया।

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डेटा सेंटर जैसी पावर कैसे मिलती है?

इंजीनियरिंग इंटरेस्टिंग रिपोर्ट के अनुसार, Tiny AI के GTM डायरेक्टर समर भोज का कहना है कि अब इंटेलिजेंस को डेटा सेंटर तक सीमित रखने का समय खत्म हो चुका है। Tiny AI Pocket Lab इंटरनेट के बिना काम करता है। यूज़र का पूरा डेटा डिवाइस में ही स्टोर करता है। क्लाउड पर किसी भी तरह का डेटा ट्रांसफर नहीं करता। इसका मतलब यह है कि AI की पूरी ताकत यूज़र के हाथ में रहती है, न कि किसी दूर के सर्वर में। किसी थर्ड पार्टी को एक्सेस नहीं। कोई ऑनलाइन ट्रैकिंग नहीं।

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किन लोगों के लिए उपयुक्त होगा यह AI सुपरकंप्यूटर?

Tiny AI Pocket Lab को खास तौर पर इन यूज़र्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। डेवलपर्स, रिसर्चर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स आदि इसका फायदा उठा सकते हैं। यह वर्कफ्लो ऑटोमेशन, कंटेंट जनरेशन और सुरक्षित डेटा प्रोसेसिंग जैसे कामों में मदद करता है, वो भी पूरी तरह ऑफलाइन। यह डिवाइस, 10 अरब से 100 अरब पैरामीटर वाले मॉडल आसानी से 120 अरब पैरामीटर तक के मॉडल भी चलाने में सक्षम है। कंपनी का दावा है कि यह GPT-4 जैसी इंटेलिजेंस लेवल तक आउटपुट दे सकता है। जो रोजमर्रा के प्रोफेशनल कामों के लिए पर्याप्त है।

बिजली की कम खपत, इंस्टालेशन में आसान

Tiny AI Pocket Lab में ARMv9.2 आधारित 12-कोर CPU दिया गया है, जो केवल 65 वॉट बिजली खपत में हाई-परफॉर्मेंस AI प्रोसेसिंग करता है। यह इसे पारंपरिक GPU-आधारित सिस्टम्स की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल बनाता है। डिवाइस में TurboSparse तकनीक केवल जरूरी न्यूरॉन्स को सक्रिय कर स्पीड बढ़ाती है, जबकि PowerInfer CPU और NPU के बीच स्मार्ट वर्क डिवीजन के जरिए कम पावर में बेहतर आउटपुट सुनिश्चित करता है। ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर आधारित यह डिवाइस LLaMA, Qwen, DeepSeek, Mistral और Phi जैसे AI मॉडल एक क्लिक में इंस्टॉल करने की सुविधा देता है, साथ ही OpenManus और ComfyUI जैसे AI एजेंट्स को भी आसानी से सपोर्ट करता है।

भविष्य मे हाथ में दिखेगा डेटा सेंटर

Tiny AI Pocket Lab को जनवरी 2026 में CES:  Consumer Electronics Show में भी प्रदर्शित किया जाएगा। कंपनी का मकसद AI को हर व्यक्ति के लिए पर्सनल, प्राइवेट और एनर्जी एफिशिएंट बनाना है। इसे यही प्रतीत होता है कि आनेवाले दिनों में यह AI डेटा सेंटर से निकलकर लोगों के हाथ में आएगा।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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