SpaceX Satellite Network: अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाने की कल्पना अब साइंस फिक्शन नहीं रही। एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने ऐसा प्रस्ताव दिया है, जो भविष्य में इंटरनेट, AI और डेटा स्टोरेज की दुनिया को पूरी तरह बदल सकता है। इस योजना पर अब अमेरिकी टेलीकॉम रेगुलेटर Federal Communications Commission ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह खबर SpaceX की उस बड़ी योजना पर है, जिसमें कंपनी अंतरिक्ष में लाखों सैटेलाइट भेजकर ‘ऑर्बिटल डेटा सेंटर’ बनाना चाहती है। FCC ने इस प्रस्ताव पर जनता से राय मांगी है, जो भविष्य में AI और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल सकता है।
अंतरिक्ष में बनेगा ‘ऑर्बिटल डेटा सेंटर’
SpaceX ने लो अर्थ ऑर्बिट में 10 लाख तक सैटेलाइट्स भेजने की अनुमति मांगी है। इस प्रोजेक्ट को Orbital Data Center नेटवर्क नाम दिया गया है। कंपनी का विचार है कि धरती पर मौजूद बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स की जगह कुछ कंप्यूटिंग काम अंतरिक्ष में किया जाए।
धरती पर डेटा सेंटर्स बहुत ज्यादा बिजली खर्च करते हैं और पर्यावरण पर असर डालते हैं। SpaceX का कहना है कि अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को लगभग लगातार सौर ऊर्जा मिल सकती है, जिससे यह सिस्टम ज्यादा ऊर्जा-कुशल बन सकता है। ये सैटेलाइट्स आपस में लेज़र लिंक से जुड़े रहेंगे और डेटा को एक-दूसरे तक पहुंचाएंगे।
FCC ने मांगी जनता और विशेषज्ञों की राय
FCC के Space Bureau ने 4 फरवरी को एक नोटिस जारी कर बताया कि वह SpaceX के आवेदन को स्वीकार कर रहा है और इस पर पब्लिक कमेंट चाहता है।
- SpaceX ने आवेदन 30 जनवरी को जमा किया
- सैटेलाइट्स की ऊंचाई 500 किमी से 2,000 किमी के बीच होगी
- सिस्टम मुख्य रूप से ऑप्टिकल इंटर-सैटेलाइट लिंक पर काम करेगा
FCC ने लोगों और संगठनों से इस योजना पर सुझाव और आपत्तियां देने को कहा है। टिप्पणी देने की अंतिम तारीख 6 मार्च है, जबकि जवाबी टिप्पणियां 23 मार्च तक जमा की जा सकती हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि आवेदन स्वीकार होने का मतलब मंजूरी मिलना नहीं होता। इस योजना को अन्य सैटेलाइट कंपनियों, खगोल वैज्ञानिकों और पर्यावरण संगठनों से विरोध मिल सकता है। कई विशेषज्ञों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या सच में इतनी बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स तैनात करना संभव होगा।
Kardashev Scale वाला बड़ा दावा
SpaceX ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि यह प्रोजेक्ट मानव सभ्यता को Kardashev II-level civilization की दिशा में ले जाने का पहला कदम हो सकता है। Kardashev Scale एक सैद्धांतिक पैमाना है, जिससे यह आंका जाता है कि कोई सभ्यता कितनी ऊर्जा का उपयोग कर सकती है। सूरज की ऊर्जा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।
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इतनी ज्यादा सैटेलाइट्स की जरूरत क्यों?
इस समय दुनिया में लगभग 15,000 सक्रिय सैटेलाइट्स हैं, जिनमें से करीब 9,500 Starlink सैटेलाइट्स SpaceX के हैं। कंपनियां अक्सर भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ज्यादा सैटेलाइट्स की अनुमति मांगती हैं। SpaceX पहले भी 42,000 Starlink सैटेलाइट्स की अनुमति मांग चुकी है। नया नेटवर्क मौजूदा Starlink सिस्टम से जुड़ सकता है। डेटा पहले लेजर नेटवर्क के जरिए अंतरिक्ष में ट्रांसफर होगा और फिर अधिकृत ग्राउंड स्टेशनों तक भेजा जाएगा।
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Elon Musk की AI रणनीति से जुड़ा मामला
यह प्रस्ताव उस समय आया है जब Elon Musk ने पुष्टि की कि SpaceX ने उनकी AI कंपनी xAI का अधिग्रहण कर लिया है। इससे रॉकेट, सैटेलाइट, डेटा सेंटर और AI टेक्नोलॉजी एक ही ढांचे के अंदर आ गए हैं।
