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भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

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January 17, 2026

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं। 

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी।

भारत की ओपन सोर्स पहल 

मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें। 

पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है। 

ग्लोबल साउथ पर जोर 

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें। 

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लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा 

मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं। 

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मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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