WEF Report 2025

WEF Report 2025: फ्यूचर टेक्नोलॉजी अपनाने में भारत टॉप पर

6 mins read
2.1K views
January 9, 2025

भारत में 35 प्रतिशत नियोक्ताओं का मानना ​​है कि सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों को अपनाने से उनके परिचालन में बदलाव आएगा, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 20 प्रतिशत है।

WEF Report 2025: WEF के फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारतीय एंप्लॉयर हेड टेक्नोलॉजी को अपनाने में बहुत आगे हैं। भारत इस क्षेत्र में ग्लोबल कॉम्पीटिशनरों से आगे निकलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। 35 प्रतिशत एंप्लॉयर सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग टोक्नोलॉजी को अपनाने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि 21 प्रतिशत एंप्लॉयर परिचालन को बदलने के लिए क्वांटम और एन्क्रिप्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

क्या सोचते हैं भारत के एंप्लॉय

दावोस में होने वाली WEF की वार्षिक मीटिंग से पहले जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में 35 प्रतिशत एंप्लॉयर, जबकि ग्लोबली स्तर पर 20 प्रतिशत एंप्लॉयर यह सोचते हैं कि सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी अपनाने से उनके कामकाज में बदलाव आएगा। वहीं, ग्लोबली स्तर पर 12 प्रतिशत एंप्लॉयर के कंपेयर में 21 प्रतिशत भारतीय एंप्लॉयर सोचते हैं कि क्वांटम और एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी अपनाने से उनके कामकाज में भी बदलाव आएगा।

भारत में तेजी से बढ़ रही नौकरी में ये हैं आगे

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सबसे तेजी से बढ़ रही नौकरी की भूमिकाओं में बिग डेटा स्पेशलिस्ट, AI-मशीन लर्निंग एक्सपर्ट और सिक्योरिटी मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट शामिल हैं, जो ग्लोबल ट्रेंड से जुड़ा है। भारत में काम करने वाली 67 प्रतिशत कंपनियों से यह भी उम्मीद की जाती है कि वे डायवर्स टैलेंट पूल का यूज करेंगी और डिग्री की आवश्यकताओं को हटाकर स्किल-बेस्ड हायरिंग को अपनाएंगी।

AI स्किल की मांग बढ़ी

रिपोर्ट में ये भीकहा गया है कि AI स्किल की मांग ग्लोबली स्तर पर बढ़ी है, जिसमें भारत और अमेरिका आगे हैं। अमेरिका में मांग मुख्य रूप से व्यक्तिगत यूजर्स द्वारा संचालित होती है, जबकि भारत में कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप GenAI ट्रेनिंग को बढ़ावा देने में इम्पोर्टेंट रोल निभाता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डिजिटल पहुंच में वृद्धि, भू-राजनीतिक तनाव और क्लाइमेट मिटिगेशन प्रयास प्राथमिक रुझान होंगे, जो 2030 तक भविष्य की नौकरियों को आकार देंगे। रिपोर्ट में 1,000 से अधिक कंपनियों के दृष्टिकोणों को एक साथ लाया गया है, जो सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर 14 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देती हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Google
Previous Story

कोर्ट में रिजेक्ट हुई Google की ये अपील, लग सकता है जुर्माना

New rules of social media
Next Story

सोशल मीडिया के नए रूल: पैरेंट्स की इजाजत बिना बच्चे नहीं बना पाएंगे अकाउंट

Latest from Latest news

क्या AI बदल देगा पढ़ाई का भविष्य? छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा

AI in Education: आज AI Education और डिजिटल तकनीक ने इस सवाल का जवाब ‘हां’ में बदलना शुरू कर दिया है अब अच्छी शिक्षा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही  इंटरनेट, स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लाखों छात्रों तक बेहतर पढ़ाई पहुंच रही है।  भारत में AI आधारित शिक्षा दे रही नई दिशा, जानें कैसे तकनीक, इंटरनेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छात्रों की पढ़ाई को आसान बना रहे। AI Education ने बदली पढ़ाई की तस्वीर  पहले बेहतरीन शिक्षक की पढ़ाई सिर्फ उसी क्लासरूम तक सीमित रहती थी। लेकिन अब तकनीक ने इस दूरी को काफी हद तक खत्म कर दिया है। AI Education की मदद से एक ही शिक्षक की क्लास देशभर के छात्र देख सकते हैं। चाहे छात्र किसी महानगर में हो या छोटे गांव में, अब उसे एक जैसी पढ़ाई, टेस्ट, स्टडी मटेरियल और डाउट सॉल्विंग की सुविधा मिल रही है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी पहले से आसान हुई है।  भारत का डिजिटल नेटवर्क बना सबसे बड़ी ताकत  सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक भारत के करीब 85% घरों में स्मार्टफोन और लगभग इतनी ही संख्या में इंटरनेट की सुविधा पहुंच चुकी है। वहीं ग्रामीण इलाकों के लगभग 90% युवाओं ने हाल के महीनों में इंटरनेट का इस्तेमाल किया है। यही डिजिटल नेटवर्क अब शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। पहले जहां अच्छी कोचिंग के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता था, वहीं अब छात्र घर बैठे अनुभवी शिक्षकों से पढ़ सकते हैं।  READ MORE: AI लर्निंग से भविष्य होगा मजबूत, युवाओं को मिलेगा
Using-An-iPhone

क्या आपका iPhone खतरे में है? अभी करें iOS 26.5.2 अपडेट तुरंत

Apple Security Update: क्या आपका iPhone भी iOS 26 पर चल रहा है? अगर हां, तो अभी नया iOS 26.5.2 Update इंस्टॉल करना आपके लिए जरूरी हो सकता है। Apple ने ताज़ा सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह अपडेट तय समय से पहले जारी किया है। खास बात यह है कि इसमें कोई नया फीचर नहीं, बल्कि सिर्फ सुरक्षा से जुड़े अहम सुधार दिए गए हैं।  अगर आपका iPhone iOS 26 पर चल रहा है, तो नया iOS 26.5.2 अपडेट जरूर करें, जानिए इसमें कौन-कौन से जरूरी सिक्योरिटी सुधार शामिल हैं।  iOS 26.5.2 Update क्यों है इतना जरूरी?  Apple का नया iOS 26.5.2 Update पूरी तरह सिक्योरिटी पर केंद्रित है। कंपनी ने बताया कि जिन सुधारों को पहले iOS 26.6 के साथ लाने की तैयारी थी, उन्हें अब पहले ही जारी कर दिया गया है। इसकी वजह AI की मदद से बढ़ते साइबर हमलों का खतरा बताया गया है। इस अपडेट में एक दर्जन से ज्यादा सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा सुधार WebKit से जुड़े हैं, जो Safari और दूसरे ब्राउजर फीचर्स को चलाने का काम करता है। इसके अलावा सिस्टम के Kernel से जुड़ी 3 गंभीर कमियां भी दूर की गई हैं।  किन iPhone में मिलेगा नया अपडेट?  यह अपडेट उन सभी iPhone मॉडल के लिए उपलब्ध है जो iOS 26 को सपोर्ट करते हैं। यानी iPhone 11 और उसके बाद लॉन्च हुए सभी मॉडल इस अपडेट को इंस्टॉल कर सकते हैं। ज्यादातर यूजर्स iOS 26.5 से सीधे iOS 26.5.2 पर जाएंगे। वहीं iPhone

Don't Miss