WhatsApp Privacy: WhatsApp की प्राइवेसी एक बार फिर चर्चा में है। Telegram के फाउंडर और CEO पावेल डुरोव ने हाल ही में WhatsApp की सुरक्षा दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें Meta Platforms पर नई लॉ lawsuit दायर होने की जानकारी दी गई थी।
WhatsApp की प्राइवेसी पर सवाल उठे। Telegram के Pavel Durov ने सुरक्षा खामियों का दावा किया और Meta पर लॉ lawsuit दायर होने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी।
Durov ने WhatsApp की सुरक्षा पर उठाए सवाल
डुरोव ने X पर लिखा कि अगर आप सोचते हैं कि WhatsApp 2026 में सुरक्षित है, तो आप गलत सोच रहे हैं। हमने WhatsApp के एन्क्रिप्शन का विश्लेषण किया और कई कमजोरियां पाई। उन्होंने दावा किया कि Telegram ने पहले WhatsApp के एन्क्रिप्शन सिस्टम का अध्ययन किया था और उसमें कई सुरक्षा खामियां पाई थीं। उनका कहना है कि WhatsApp कभी भी उतना सुरक्षित नहीं था, जितना यूजर्स को बताया गया।
You’d have to be braindead to believe WhatsApp is secure in 2026. When we analyzed how WhatsApp implemented its “encryption”, we found multiple attack vectors. https://t.co/BC1TWFAIlc
— Pavel Durov (@durov) January 26, 2026
लॉ lawsuit में यह भी आरोप लगाया गया है कि WhatsApp अपने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के दावे में यूजर्स को गुमराह कर रहा है। WhatsApp का कहना है कि केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही मैसेज पढ़ सकता है, लेकिन केस में दायर पक्षकारों का दावा है कि Meta यूजर्स के कम्युनिकेशन को स्टोर और एनालाइज करता है और मैसेज कंटेंट तक पहुंच सकता है।
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केस कौन कर रहा है
यह केस कई देशों के यूजर्स ने दायर किया है, जिनमें भारत, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। इसमें कुछ अनाम व्हिसलब्लोअर्स के दावे भी शामिल हैं।
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Meta का जवाब
Meta ने सभी आरोपों का खंडन किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह लॉ lawsuit ‘फालतू’ है और दावे पूरी तरह गलत हैं। Meta का कहना है कि WhatsApp पिछले लगभग एक दशक से Signal प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है और कंपनी यूजर्स के प्राइवेट मैसेज पढ़ नहीं सकती।
