Artificial Intelligence

क्या सच में इंसानों की इम्पोर्टेंट्स कम करेगी AI? जानें Tata ने क्या कहा

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December 27, 2024

जब से दुनिया में AI की चर्चा शुरू हुई है, तब से इंसानों की नौकरी और कामकाज का क्या होगा ये बड़ी चर्चा बन गई है। अब टाटा टेलीकम्युनिकेशंस ने इस बारे में बड़ी बात कही है।

Tata Telecommunications: भारत में इन दिनों AI इंसानों के कई कामों को आसान कर रहा है। ऐसे में खबर आ रही है की भविष्य में क्या सच में AI इंसानों की अहमियत को कम कर देगी? क्या इंसानों का सारा काम AI से हो जाएगा? ऐसे बहुत से सवाल हैं जो ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स के फेमस होने के बाद अक्सर चर्चाओं में बने रहते हैं। अब इन सभी सवालों को लेकर Tata Telecommunications की तरफ से एक दावा किया जा रहा है।

क्या बोले Tata के वरिष्ठ अधिकारी

Tata Telecommunications के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कस्टमर केयर इंडस्ट्री धीरे-धीरे AI की ओर स्थानांतरित हो जाएगा, लेकिन संपर्क केंद्रों में मनुष्य महत्वपूर्ण बने रहेंगे। Tata Telecommunications के वरिष्ठ अधिकारी के इस बात का अर्थ है कि AI के युग में भी मनुष्य समस्या समाधानकर्ता ही रहेगा। इसके साथ ही मनुष्य की भूमिका अकेले सारा काम करने की बजाय पर्यवेक्षक की अधिक होगी।

AI के युग में ऐसे काम करेगा इंसान

Tata Telecommunications में कस्टमर इंटरेक्शन सूट के प्रमुख मोरो कार्बिन ने कहा कि भविष्य में कस्टमर कॉन्टैक्ट सेंटर में इंसानों की भूमिका सिर्फ फोन उठाने और कॉल का जवाब देने तक ही रह जाएगी। इंसानों की जगह अब ये AI द्वारा संचालित ऑटोमैटिक सिस्टम ले लेगा। AI कंप्यूटर कस्टमर की लगभग सभी प्रॉब्लम को सॉल्व अपने आप कर देगा, इसके बावजूद भी इंसानों की जरूरत बनी रहेगी। जैसे ही रोबोटिक सिस्टम में कस्टमर की प्रॉब्लम को हल करने की ताकत नहीं रह जाएगी, तब वह हमेशा इसे किसी इंसान को सौंप देगा।

मार्केट में कई AI टूल हैं मौजूद

दुनिया में इस समय अलग-अलग AI के बीच जंग चल रही है। OpenAI का ChatGPT और Google का Gemini AI इस समय काफी फेमस AI मॉड्यूल हैं। इन सभी ने अपने लेटेस्ट वर्जन लॉन्च किए हैं, जो एजेंटिक एरा को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यानी कि ऐसे AI सिस्टम विकसित करना, जो इंसानों की बजाय खुद से कई तरह के फैसले लेने में सक्षम हों।

Google ने Gemini का जो नया वर्जन लॉन्च किया है, उसमें भी सूचनाओं को सटीक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस बीच चीन भी कई AI मॉड्यूल विकसित कर रहा है, जो ओपन सोर्स तकनीक पर आधारित हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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