Meta Manus Deal: चीन ने Meta द्वारा AI स्टार्टअप Manus को करीब 2 अरब डॉलर में खरीदने की डील पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया है। इस कदम से यह साफ है कि चीन अब अपने देश की अहम टेक्नोलॉजी को विदेशों में जाने को लेकर ज्यादा सतर्क हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Manus के दो को-फाउंडर Xiao Hong और Ji Yichao को जांच के दौरान देश छोड़ने से रोक दिया गया है। हालांकि, वे चीन के अंदर कहीं भी यात्रा कर सकते हैं, लेकिन बाहर जाने की अनुमति नहीं है।
Meta की 2 अरब डॉलर की Manus डील पर चीन ने सख्ती बढ़ाई, संस्थापकों की यात्रा पर रोक और AI टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर जांच शुरू।
जांच क्यों हो रही है?
दरअसल, चीनी अधिकारियों को शक है कि क्या यह डील देश के विदेशी निवेश और निर्यात नियमों का पालन करता है। सरकार को डर है कि AI जैसी ‘क्रिटिकल टेक्नोलॉजी’ जल्दी ही विदेशी कंपनियों के हाथ में जा रही है, जो राष्ट्रीय हित के लिए खतरा हो सकता है। हाल ही में Manus के दोनों संस्थापकों को बीजिंग में बुलाकर पूछताछ की गई है, जिसमें आर्थिक नीति से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे।
हालांकि, अब तक किसी तरह का आरोप या आधिकारिक जांच घोषित नहीं हुई है, लेकिन सवाल-जवाब का फोकस यही था कि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। इस बीच, Manus इस स्थिति से निपटने के लिए कानूनी और सलाहकार मदद भी ले रही है।
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डील में क्या है चिंता की बात?
Manus पहले चीन में शुरू हुई थी, लेकिन पिछले साल उसने अपना हेडक्वाटर और ऑपरेशन सिंगापुर शिफ्ट कर लिया। इसके बाद विदेशी निवेश भी आया, जिससे चीन और अमेरिका दोनों का ध्यान इस डील पर गया। चीन ने इस मामले को अपने वाणिज्य मंत्रालय के पास भेजा है, ताकि यह देखा जा सके कि कहीं यह एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहा।
अधिकारियों को यह भी चिंता है कि कंपनी की यह संरचना कहीं घरेलू नियमों से बचने का तरीका तो नहीं थी। कई अन्य स्टार्टअप्स को डर है कि अगर ऐसा होता रहा, तो संवेदनशील टेक्नोलॉजी का बाहर जाना बढ़ सकता है।
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आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल, इस डील का भविष्य साफ नहीं है। माना जा रहा है कि बड़े जुर्माने की संभावना कम है, लेकिन सरकार इस सौदे में हस्तक्षेप करने के तरीके तलाश रही है। सबसे बड़ा कदम यह हो सकता है कि डील को पूरी तरह रद्द कर दिया जाए, लेकिन यह आसान नहीं होगा क्योंकि Meta पहले ही Manus की AI टेक्नोलॉजी को अपने सिस्टम में इस्तेमाल करना शुरू कर चुकी है। अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
