AI

Infosys भारत में बन रही 100 से ज्यादा AI मॉड्यूल

4 mins read
1.6K views
January 21, 2025

दुनिया तेजी से AI की ओर बढ़ रही है और दूसरी तरफ भारतीय कंपनियां भी इसमें तेजी ला रही हैं। इसी कड़ी में 100 से ज्यादा AI मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं।

AI Modules: भारत में टेक्नोलॉजी लगातार एक्सपैंड हो रहा है। इसी कड़ी में 100 से ज्यादा AI मॉड्यूल विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, इस काम को करने का जिम्मा Infosys ने उठाया है। Infosys ने AI की दुनिया में सबसे बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के इस कदम से इंडस्ट्री में काम करने वाली कई कंपनियों को मदद मिलेगी।

Infosys के CEO सलिल पारेख ने इस मामले में बताया कि कंपनी ने छोटे लैंग्वेज मॉडल विकसित किए हैं। ये बैंकिंग, आईटी ऑपरेशन और साइबर सिक्योरिटी के लिए हैं। ये मॉडल 2.5 बिलियन पैरामीटर्स के साथ आते हैं। Infosys ने बताया कि वह अपने क्लाइंट्स के लिए 100 से ज्यादा नए जेनरेटिव AI एजेंट विकसित कर रही है।

क्या कहती है कंपनी

Infosys अपने ग्राहकों के लिए एक संयुक्त समाधान प्रदान करने के लिए जनरेटिव AI पार्टनर इकोसिस्टम के साथ काम कर रही है। Infosys के CEO सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी ने एक जनरेटिव AI-संचालित रिसर्च एजेंट विकसित किया है। यह एक बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी के उत्पादन के लिए समाधान प्रदान करता है।

ऑडिट एजेंट किया तैयार

Infosys ने इसके अलावा एक ऑडिट एजेंसी के लिए तीन ऑडिट एजेंट नियुक्त किए हैं। ये सेवाएं कंपनी के कई कामों को आसानी से निपटा देंगी। बता दें कि Infosys अपने AI को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, खास तौर पर जनरेटिव AI के क्षेत्र में। कंपनी का मानना ​​है कि जनरेटिव AI क्लाइंट्स के लिए नए अवसर प्रदान करेगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Jio
Previous Story

Jio ने की Cryptocurrency में धांसू एंट्री, इन्हें मिलेगा फ्री

Artificial Intelligence
Next Story

AI से दुनिया को मिलेंगे 4.4 ट्रिलियन डॉलर

Latest from Artificial Intelligence

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

 क्या आने वाला समय AI का होगा? मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया है कि पर्सनल AI एजेंट्स जल्द ही लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएंगे।  Mark Zuckerberg: क्या आने वाले 5 साल में हर व्यक्ति के पास अपना AI असिस्टेंट होगा? Meta AI Agents को लेकर कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बड़ा दावा किया है। आज तिमाही नतीजों के दौरान उन्होंने कहा कि अरबों लोग जल्द ही ऐसे AI एजेंट इस्तेमाल करेंगे, जो उनकी जरूरतों को समझेंगे और 24 घंटे उनकी मदद करेंगे।  Meta AI Agents बदलेंगे रोजमर्रा की जिंदगी  जुकरबर्ग के मुताबिक, AI एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेंगे। ये लोगों की फाइनेंस, हेल्थ, घरेलू काम और निजी रिश्तों को बेहतर तरीके से संभालने में भी मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि WhatsApp और Meta के दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म AI एजेंट्स के इस्तेमाल का बड़ा माध्यम बनेंगे।  READ MORE: क्या Meta का नया AI आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा है?  AI की दौड़ में Meta का बड़ा निवेश 
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless

Don't Miss