Play Store से बाहर ऐप इंस्टॉल करना अब पड़ेगा महंगा!

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January 19, 2026

Android SideloadingAndroid यूजर्स के लिए Sideloading हमेशा एक बड़ी आज़ादी रही है। लेकिन अब यह आज़ादी पहले जैसी आसान नहीं रहने वाली। Google ने कन्फर्म कर दिया है कि आने वाले समय में थर्ड-पार्टी ऐप्स इंस्टॉल करने की प्रक्रिया में नया high-friction सिस्टम जोड़ा जाएगा। कंपनी का मानना है कि ऐप इंस्टॉल करने की आज़ादी के साथ यूजर्स को उससे जुड़े खतरों की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए। सवाल यह है कि Google का यह कदम यूजर्स की सुविधा बढ़ाएगा या उनकी आज़ादी पर असर डालेगा? यही जानना इस बदलाव को और भी अहम बना देता है। तो आइए जानते हैं पूरे विस्तार से।

Google ने कन्फर्म किया High-Friction sideloading process, जानिए क्या बदलेगा और यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर।

प्रतिबंध नहीं, सुरक्षा की नई परत

Google ने साफ किया है कि यह बदलाव Sideloading पर रोक लगाने के लिए नहीं है। Google Play Developer Experience के वरिष्ठ अधिकारी मैथ्यू फोर्सिथ के मुताबिक, यह एक तरह की Accountability Layer है। जिसका मकसद यूजर्स को अनवेरिफाइड ऐप्स से होने वाले खतरों के प्रति सतर्क करना है। ताकि

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एडवांस यूजर्स के लिए रास्ता रहेगा खुला

तकनीकी जानकारी रखने वाले यूजर्स अब भी Install without verifying विकल्प का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, इस विकल्प को चुनने पर पहले की तुलना में ज्यादा स्टेप्स पूरे करने होंगे, ताकि यूजर सोच-समझकर आगे बढ़े।

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Google Play में पहले दिखने लगे संकेत

हाल के Google Play अपडेट्स में नए वार्निंग मैसेज देखने को मिल रहे हैं। इनमें डेवलपर वेरिफिकेशन, इंटरनेट की जरूरत और संभावित सिक्योरिटी रिस्क्स को विस्तार से समझाया जा रहा है, जिससे यूजर्स बेहतर फैसला ले सकें।

PC या बाहरी टूल की जरूरत नहीं

फिलहाल Google ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि साइडलोडिंग के लिए PC या किसी थर्ड-पार्टी टूल का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। यानी प्रक्रिया जटिल नहीं, बल्कि सिर्फ ज्यादा जानकारी आधारित होगी। Android यूजर्स के लिए Sideloading हमेशा एक खुला विकल्प रहा है। लेकिन अब Google इस प्रक्रिया को ज्यादा जिम्मेदार बनाने की तैयारी में है।

साइडलोडिंग अब होगी सोच-समझकर

इस प्रकार देखें तो Google का यह प्रयास Android इकोसिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में है। आने वाले समय में Sideloading संभव तो रहेगी, लेकिन अब यह पहले से ज्यादा सावधानी और जागरूकता के साथ करनी होगी।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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