Google ने चुपचाप कर दिया बड़ा बदलाव! Android Auto में नया मीडिया प्लेयर

Google ने चुपचाप कर दिया बड़ा बदलाव! Android Auto में नया मीडिया प्लेयर

5 mins read
446 views
January 22, 2026

Android Auto 16.0 update: Android Auto अब सिर्फ फोन को कार स्क्रीन पर दिखाने का टूल नहीं, ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने वाला प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। Android Auto 16.0 अपडेट इसी दिशा में एक छोटा लेकिन बहुत महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। Google ने मीडिया प्लेयर को नए सिरे से डिजाइन किया है। जिससे सफर में म्यूजिक सुनने की चाह रखनेवालों को काफी फायदा होगा. तो आइए जानते हैं इस अपडेट के बारे में।

Android Auto यूज़र्स के लिए खुशखबरी! 16.0 अपडेट में दिखा लंबे इंतज़ार वाला मीडिया प्लेयर रीडिज़ाइन। जानिए खासियत।

बीटा से स्टेबल तक पहुंचा

कुछ हफ्ते पहले तक यह बदलाव सिर्फ बीटा यूज़र्स तक सीमित था। लेकिन अब स्टेबल वर्ज़न 16.0.660224 के साथ इसे बड़े पैमाने पर रोलआउट किया जा रहा है। यानी आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा कारों की स्क्रीन पर भी Android Auto का नया चेहरा दिखने लगेगा।

READ MORE- Davos में भारत ने AI रैंकिंग को लेकर दी स्पष्टीकरण

कंट्रोल्स की नई जगह, नया फील

नए डिज़ाइन में सबसे बड़ा बदलाव प्ले और पॉज़ बटन की पोज़िशन में हुई है। अब यह नीचे बाईं ओर मौजूद है। जबकि ट्रैक बदलने और प्लेबैक से जुड़े अन्य कंट्रोल्स को उसके आसपास व्यवस्थित किया गया है। शुरुआत में यह लेआउट थोड़ा अलग लग सकता है। लेकिन इस्तेमाल के साथ यह ज्यादा लॉजिकल और सहज लगता है।

ऐप्स भी नए रंग में ढ़ला

यह रीडिज़ाइन सिर्फ सिस्टम तक सीमित नहीं है। Spotify और Pocket Casts जैसे ऐप्स में भी नया लेआउट में दिख रहा है। खास बात यह है कि Spotify अब Material You स्टाइल को अपनाता नजर आ रहा है, जहां एल्बम आर्ट के रंग पूरे इंटरफेस में दिखाई देते हैं।

READ MORE-  ‘2026 में Fortune 500 कंपनियां अपनाएंगी क्रिप्टो’

डैशबोर्ड व्यू में भी दिखा बदलाव

इसके अलावे, जो यूज़र्स कंडेन्स्ड डैशबोर्ड व्यू का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। नया मीडिया प्लेयर लेआउट वहां भी दिखाई देता है।  जिससे ड्राइविंग के दौरान बिना ध्यान भटकाए म्यूज़िक कंट्रोल करना और आसान हो जाता है। Google यूज़र एक्सपीरियंस को लगातार पॉलिश कर रहा है। छोटे-छोटे बदलाव मिलकर आने वाले समय में ड्राइविंग को और स्मार्ट बना सकते हैं।

अगर आपके Android Auto में यह नया डिज़ाइन एक्टिव हो गया है, तो यह समझिए Google का यह अपडेट अब आपके रास्ते तक पहुंच चुका है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

ट्रंप के क्रिप्टो सलाहकार ने CLARITY Act पास करने की दी सलाह
Previous Story

ट्रंप के क्रिप्टो सलाहकार ने CLARITY Act पास करने की दी सलाह

chrome
Next Story

Chromebook हुआ और भी स्मार्ट, ChromeOS में आया Gemini AI

Latest from Latest news

क्या बंद होगा 𝗕𝗶𝘁𝗰𝗵𝗮𝘁 ऐप? सरकार के आदेश से मचा हड़कंप

क्या बंद होगा Bitchat ऐप? सरकार के आदेश से मचा हड़कंप

Jack Dorsey के Bitchat App पर सरकार सख्त, GitHub को 3 रिपॉजिटरी हटाने का आदेश। जानें Bluetooth mesh से चलने वाले इस ऐप को लेकर क्या है मामला।  Bitchat App Blocked: क्या बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के भी लोग आपस में संदेश भेज सकते हैं? Bitchat App इसी तकनीक पर काम करता है, लेकिन अब भारत सरकार ने इसकी सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय के तहत आने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने GitHub से Bitchat से जुड़े 3 रिपॉजिटरी हटाने या उनकी पहुंच रोकने को कहा है।  Bitchat App पर सरकार ने क्यों उठाया सवाल? I4C ने 23 जुलाई को जारी आदेश में कहा कि Bitchat Bluetooth mesh नेटवर्क के जरिए लोगों को सीधे जोड़ता है। इसके लिए मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या किसी केंद्रीय सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती।सरकार के मुताबिक, यही तकनीक कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे नेटवर्क में यूजर की पहचान और कानूनी निगरानी करना मुश्किल हो सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई कि इसका गलत इस्तेमाल अपराध से जुड़ी गतिविधियों में हो सकता है।  I4C ने GitHub को तीन घंटे के भीतर संबंधित रिपॉजिटरी हटाने या उन तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया। इसके लिए Information Technology Act की Section 79(3)(b) और IT Rules, 2021 के Rule 3(1)(d) का हवाला दिया गया है।  https://x.com/jack/status/2080565084586135773?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2080565084586135773%7Ctwgr%5E34dc1ea6a763482228e9af8fa17b337f8ea5e2c9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.news9live.com%2Ftechnology%2Ftech-news%2Fbitchat-app-blocked-india-orders-github-to-remove-jack-dorseys-offline-messaging-tool-cjp-protest-crackdown-2992739     विरोध प्रदर्शनों के बीच बढ़ी ऑफलाइन ऐप की चर्चा सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बीच ऐसे ऑफलाइन संचार प्लेटफॉर्म की चर्चा भी बढ़ी है।
SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX के शेयरों में गिरावट के बीच Hyperliquid पर ट्रेडिंग मजबूत, जानें कैसे 170 मिलियन डॉलर का Open Interest निवेशकों की दिलचस्पी दिखा रहा है।   Hyperliquid SpaceX Perpetuals: क्या SpaceX के शेयरों में गिरावट के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है? ताजा आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। Hyperliquid पर SpaceX से जुड़े perpetual futures contract में Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर बना हुआ है। यह दिखाता है कि Nasdaq पर लिस्टेड कंपनी के शेयर शुरुआती ऊंचाई से नीचे आने के बाद भी ट्रेडर्स synthetic exposure में लगातार रुचि दिखा रहे हैं।  SpaceX शेयर गिरा, लेकिन Hyperliquid पर ट्रेडिंग जारी  Hyperliquid का xyz contract असली SpaceX शेयर खरीदे बिना उसकी कीमत पर ट्रेडिंग का मौका देता है। SpaceX ने 12 जून 2026 को अपना IPO 135 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर पेश किया था। लिस्टिंग के पहले दिन शेयर करीब 161 डॉलर पर बंद हुआ। इसके बाद शेयर की कीमत में गिरावट आई। हाल में यह 110 डॉलर के मध्य में कारोबार करता दिखा, जबकि पोस्ट-IPO निचला स्तर करीब 111 डॉलर रहा। Hyperliquid पर synthetic perpetual contract भी करीब 116 डॉलर के आसपास दिखा। इसके बावजूद Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर पर बना हुआ है। IPO के आसपास कई प्लेटफॉर्म पर कुल Open Interest 250 मिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया था।  IPO से पहले ही शुरू हो गई थी SpaceX की जोरदार ट्रेडिंग  Hyperliquid पर SpaceX का Perpetual Market मई 2026 के मध्य में HIP-3 framework के तहत शुरू हुआ था। इसे Trade.xyz जैसे builders ने लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों को SpaceX की कीमत पर लगातार 24/7 ट्रेडिंग का विकल्प देना था। IPO से पहले contract की कीमत कई बार IPO reference

𝗔𝟭𝟲𝗭 का बड़ा दावा, 𝗖𝗟𝗔𝗥𝗜𝗧𝗬 𝗔𝗰𝘁 से 𝗫𝗥𝗣 को मिलेगा फायदा

XRP Price Prediction: क्या अमेरिका में नए क्रिप्टो कानून से XRP और पूरे डिजिटल एसेट बाजार की तस्वीर बदल सकती है? A16Z के सरकारी मामलों के प्रमुख ने हाल ही में एक चर्चा में कहा कि CLARITY Act के लागू होने से क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश की बड़ी लहर आ सकती है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम निवेशकों को लंबे समय के लिए बाजार में उतरने का भरोसा देंगे।  CLARITY Act से क्यों बढ़ेगा बाजार का भरोसा?  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, नियामकीय स्पष्टता सिर्फ नियम तय नहीं करती। यह वित्तीय संस्थानों को यह संकेत भी देती है कि सरकार ने किसी क्षेत्र को लेकर लंबी अवधि की नीति तय कर ली है। उन्होंने GENIUS Act का उदाहरण दिया। इस कानून के बाद स्टेबलकॉइन सेक्टर में नए नियम और मानक स्पष्ट हुए। इसके बाद स्टार्टअप्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की स्टेबलकॉइन में दिलचस्पी बढ़ी। उनका कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक ऐसे बाजार से दूरी बनाते हैं, जहां कानून या नियम अचानक बदल सकते हैं। स्पष्ट कानून इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।  XRP को कैसे मिल सकता है फायदा?  चर्चा में XRP भी खास फोकस में रहा। XRP को लेकर अमेरिकी नियामकीय स्थिति पहले से दूसरे कई डिजिटल एसेट्स की तुलना में स्पष्ट मानी जाती है। कार्यकारी के अनुसार, CLARITY Act पास होने पर इसकी स्थिति को संघीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।   Digital Asset Investor ने कहा कि कानून बनने से बड़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए XRP को एक अनुपालन योग्य और इस्तेमाल करने योग्य एसेट के रूप में देखना आसान हो सकता है। हालांकि, सिर्फ कानून पास होना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बाद नियामकों को नए नियम और औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। तभी कानून को व्यवहार में पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।  संस्थागत निवेश में आ सकता है बड़ा उछाल  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, बड़ी पारंपरिक वित्तीय कंपनियां काफी समय से क्रिप्टो बाजार पर नजर रख रही हैं। लेकिन स्पष्ट संघीय नियमों की कमी के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर पूंजी लगाने से परहेज किया है। GENIUS Act के बाद स्टेबलकॉइन बाजार में बढ़ी संस्थागत भागीदारी को वह एक उदाहरण मानते हैं। इसी तरह CLARITY Act लागू होने पर क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है।  उन्होंने संभावित बदलाव को ‘Absolute

Don't Miss