Amazon Engineers Meeting: Amazon ने हाल ही में अपनी वेबसाइट और ऐप में आई बार-बार की तकनीकी दिक्कतों के बाद इंजीनियरों की एक बड़ी मीटिंग बुलाने का फैसला किया है। यह मीटिंग मंगलवार को होगी और इसमें उन समस्याओं पर चर्चा की जाएगी, जिनकी वजह से कंपनी की ऑनलाइन सेवाएं कई बार बंद हो गईं। कंपनी का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं और अब यह एक चिंता का विषय बन गई हैं।
Amazon की साइट और ऐप में आई बार-बार की तकनीकी दिक्कतों के बाद कंपनी ने इंजीनियरों को मीटिंग के लिए बुलाया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के कुछ इंटरनल नोट्स से पता चलता है कि इन समस्याओं का संबंध उन कोड बदलावों से भी हो सकता है जो इंजीनियरों ने जनरेटिव AI कोडिंग टूल्स की मदद से किए थे। आजकल इंजीनियर तेजी से AI टूल्स का इस्तेमाल करके कोड लिख रहे हैं या उसमें बदलाव कर रहे हैं, लेकिन कंपनी का कहना है कि इन टूल्स के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए अभी पूरी तरह से स्पष्ट नियम और सुरक्षा उपाय तय नहीं हुए हैं।
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हाल की तकनीकी गड़बड़ियां
कंपनी के एक इंटरनल नोट में कहा गया है कि हाल में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिनका असर एक साथ कई सिस्टम पर पड़ा। इसे ‘हाई ब्लास्ट रेडियस’ कहा गया है। नोट में यह भी बताया गया है कि कुछ समस्याएं Gen-AI की मदद से किए गए कोड बदलावों से जुड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में AI के नए तरीके से इस्तेमाल की वजह से भी दिक्कत आई क्योंकि इसके लिए अभी पूरी तरह से तय गाइडलाइन मौजूद नहीं हैं।
हाल ही में एक बड़ी घटना में Amazon की वेबसाइट और शॉपिंग ऐप लगभग 6 घंटे तक बंद रही। इस दौरान ग्राहक न तो सामान खरीद पाए और न ही अपने अकाउंट की जानकारी या प्रोडक्ट की कीमत देख पाए। बाद में कंपनी ने बताया कि यह समस्या गलत सॉफ्टवेयर कोड डिप्लॉय होने की वजह से हुई थी।
AI से जुड़े कोड के लिए नए नियम
Amazon के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डेव ट्रेडवेल ने कर्मचारियों को ईमेल में बताया कि हाल के समय में वेबसाइट और उससे जुड़ी सेवाओं की उपलब्धता उतनी अच्छी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं पर कंपनी की साप्ताहिक टेक मीटिंग This Week in Stores Tech में चर्चा होगी। आम तौर पर यह मीटिंग ऑप्शनल होती है, लेकिन इस बार इंजीनियरों से खास तौर पर इसमें शामिल होने को कहा गया है। इसके अलावा कंपनी ने नया नियम भी लागू किया है। अब जूनियर और मिड लेवल इंजीनियर अगर AI की मदद से कोड में कोई बदलाव करना चाहते हैं तो उन्हें पहले वरिष्ठ इंजीनियरों से मंजूरी लेनी होगी।
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AWS में भी हुई थी ऐसी समस्या
इस तरह की दिक्कत पहले Amazon Web Services में भी सामने आ चुकी है। एक बार ग्राहकों के लिए इस्तेमाल होने वाला कॉस्ट कैलकुलेटर करीब 13 घंटे तक काम नहीं कर पाया क्योंकि एक AI टूल ने सिस्टम के एनवायरमेंट को हटाकर फिर से बना दिया था।
