खुलासा! हर दिन स्मार्टवॉच पहनने वालों को हो रहा कैंसर?

खुलासा! हर दिन स्मार्टवॉच पहनने वालों को हो रहा कैंसर?

9 mins read
144 views
May 10, 2026

Smartwatch Cancer Risk: आज के समय में स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। अब लोग इन्हें सिर्फ समय देखने के लिए नहीं, बल्कि अपनी हेल्थ ट्रैक करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। हार्ट रेट, स्टेप्स, नींद, कैलोरी और एक्सरसाइज जैसी कई चीजों की जानकारी अब सीधे कलाई पर मिल जाती है, लेकिन इन डिवाइसेज के बढ़ते इस्तेमाल के साथ एक सवाल भी तेजी से सामने आने लगा है कि क्या स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर हो सकता है?

Smartwatch Cancer Risk Truth: क्या स्मार्टवॉच पहनने से बढ़ता है कैंसर खतरा, जानिए हेल्थ से जुड़ी ये पूरी सच्चाई।

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं, जिससे लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इसकी सच्चाई क्या है।

क्या स्मार्टवॉच की रेडिएशन खतरनाक होती है?

स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं, जो ब्लूटूथ (Bluetooth) और वायरलेस सिग्नल (Wireless Signal) के जरिए स्मार्टफोन (Smartphone) से कनेक्ट होकर काम करते हैं। ये डिवाइस अनायनकारी विकिरण (Non-Ionising Radiation) का इस्तेमाल करते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वह रेडिएशन नहीं है, जो DNA को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बनती है। स्मार्टवॉच (Smartwatch) से निकलने वाला रेडियो सिग्नल काफी कम पावर का होता है और यह मोबाइल फोन से भी कमजोर माना जाता है।

अब तक की वैज्ञानिक रिसर्च में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि स्मार्टवॉच पहनने से सीधे कैंसर होता है इसलिए केवल ब्लूटूथ (Bluetooth) या रेडियो सिग्नल के आधार पर इसे खतरनाक नहीं माना जा सकता।

चिंता किस बात की है?

हाल के समय में स्मार्टवॉच के स्ट्रैप को लेकर चर्चा बढ़ी है। कुछ रिसर्च में बताया गया है कि कई फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच स्ट्रैप में फ्लोरोइलास्टोमर (Fluoroelastomers) नामक सिंथेटिक रबर का इस्तेमाल होता है। इनमें PFAS और PFHxA जैसे केमिकल्स पाए जा सकते हैं। इन्हें ‘Forever Chemicals’ भी कहा जाता है क्योंकि ये पर्यावरण में आसानी से खत्म नहीं होते। कुछ रिसर्च में लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में इन केमिकल्स के संपर्क को स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा गया है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि स्मार्टवॉच स्ट्रैप की वजह से कैंसर होता है।

PFAS क्या है?

PFAS एक केमिकल समूह है, जिसका इस्तेमाल कई रोजमर्रा के प्रोडक्ट्स में किया जाता है। जैसे नॉन-स्टिक बर्तन, पैकेजिंग, कपड़े और कुछ रबर प्रोडक्ट्स। वैज्ञानिक अभी भी इन केमिकल्स के लंबे समय तक असर को लेकर रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन स्मार्टवॉच को कैंसर का सीधा कारण नहीं माना गया है।

READ MORE: चीन की चेतावनी! दुनिया में बढ़ सकती है मेमोरी चिप की भारी कमी

स्मार्टवॉच से कौन-सी समस्याएं ज्यादा होती हैं?

डॉक्टरों के मुताबिक स्मार्टवॉच पहनने से जो समस्याएं सबसे ज्यादा देखी जाती हैं, उनमें स्किन एलर्जी, खुजली, रैश और स्ट्रैप के दबाव के निशान शामिल हैं। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक बहुत टाइट स्मार्टवॉच पहनता है, तो त्वचा में जलन या पसीने की वजह से इरिटेशन हो सकती है। ऐसी समस्याएं आमतौर पर गंभीर नहीं होतीं और आसानी से ठीक हो जाती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्मार्टवॉच को बहुत ज्यादा टाइट न पहनें। समय-समय पर स्ट्रैप साफ करें और त्वचा को आराम भी दें। अगर किसी तरह की एलर्जी या जलन महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

READ MORE: WiFi कनेक्शन बार-बार गिर रहा? जानें कैसे करें ठीक

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

अब खतरे के संकेत मिलते ही आपके करीबी को अलर्ट करेगा ChatGPT
Previous Story

अब खतरे के संकेत मिलते ही आपके करीबी को अलर्ट करेगा ChatGPT

“क्या देखें?” की टेंशन खत्म! Netflix ला रहा है स्मार्ट AI वॉइस सर्च
Next Story

“क्या देखें?” की टेंशन खत्म! Netflix ला रहा है स्मार्ट AI वॉइस सर्च

Latest from Latest news

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतरा

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतर

Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, FSB ने Telegram पर अवैध कंटेंट नहीं हटाने का आरोप लगाया। Telegram Ban Russia: रूस की Federal Security Service (FSB) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट को हटाने में नाकामी दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस में कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। FSB ने Durov के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भी जानकारी दी है। अभी Telegram और Pavel Durov की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  FSB ने Telegram पर क्या आरोप लगाए?  रूस की सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं और आतंकवादी व चरमपंथी संगठनों ने किया। FSB का आरोप है कि इनका इस्तेमाल तोड़फोड़, आतंकवादी घटनाओं, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों के लिए किया गया। रूस का कहना है कि Telegram को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। FSB ने इसी कथित नाकामी को Durov के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया है।  Telegram की शुरुआत 2013 में Pavel Durov ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की वजह से इसका इस्तेमाल आम लोगों के साथ पत्रकारों और अधिकारियों ने भी किया है।  READ MORE: क्या आपका Telegram भी
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO exploit ने BNB Chain की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल, जानें कैसे बिना जीरो डे या प्राइवेट की चोरी के करोड़ों डॉलर की सेंध लगी। Blockchain Security: क्या करोड़ों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के लिए किसी बेहद खतरनाक हैकर या नई तकनीक की जरूरत होती है? Crypto DAO Exploit ने इसका जवाब चौंकाने वाले तरीके से दिया। 28 जुलाई 2026 को BNB Chain पर Crypto DAO से जुड़े Pro Token में हमला हुआ और करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT एक हमलावर वॉलेट में पहुंच गया।  साइबर सिक्योरिटी फर्म Blockaid ने इस सक्रिय हमले की जानकारी दी। हमलावर ने किसी नए जीरो डे या चोरी की गई प्राइवेट की का सहारा नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी वॉल्ट फंक्शन खुली थी, जिसे कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता था। यही Access-Control की कमी हमले की सबसे बड़ी वजह बनी।  Crypto DAO Exploit में कैसे हुआ हमला?  हमले के बाद करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT exploiter wallet 0x427671b2C8e91034A91FE698F9B7259b2345F45D में ट्रांसफर हुआ। इसके अलावा तीन जुड़े रिसीविंग एड्रेस में भी रकम पहुंची। इन तीन पतों पर करीब 2.68 मिलियन डॉलर, 2.69 मिलियन डॉलर और 2.78 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई। DeFiLlama ने भी इस घटना को उसी दिन Protocol Logic (Solidity)
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss