RCS Messaging: डिजिटल दौर में मैसेजिंग की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। इसी दिशा में Apple ने iOS 26.4 बीटा वर्जन में RCS messaging के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की टेस्टिंग शुरू की है। कंपनी का उद्देश्य मैसेजिंग अनुभव को अधिक सुरक्षित बनाना है। हालांकि यह फीचर अभी शुरुआती परीक्षण चरण में है। लेकिन Android पर कब उपलब्ध होगी इसको लेकर यूजर्स में उत्सुकता है तो आइए जानते हैं पूरी बात।
Apple का नया अपडेट RCS मैसेजिंग में सुरक्षा की एक नई परत जोड़ने वाला है। जानिए क्यों Android यूज़र्स को क्यों करना होगा अभी इंतजार।
सीमित डिवाइसों तक ही टेस्टिंग
नए अपडेट में एन्क्रिप्शन की सुविधा अभी केवल Apple डिवाइसों के बीच परीक्षण के रूप में उपलब्ध है। इसका मतलब यह है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म, खासकर Android के साथ RCS चैट में अभी यह सुरक्षा फीचर काम नहीं करेगा। कंपनी ने संकेत दिया है कि भविष्य में इसे व्यापक रूप से जारी किया जा सकता है।
क्रॉस-प्लेटफॉर्म मैसेजिंग में उपयोग
RCS messaging को पारंपरिक SMS के आधुनिक विकल्प के रूप में देखा जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा तब होता है जब अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम वाले यूज़र्स आपस में बातचीत करते हैं। ऐसे में क्रॉस-प्लेटफॉर्म एन्क्रिप्शन का इंतज़ार यूज़र्स के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
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एन्क्रिप्शन को लेकर पहले भी रही चर्चा
RCS अपनाने से पहले सुरक्षा और एन्क्रिप्शन को लेकर काफी बहस हुई थी। बता दें कि Apple ने 2023 में ही इसकी घोषणा की थी.तो इस बीच Google पहले ही अपने स्तर पर RCS मैसेजिंग में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू कर चुका है और इसे आगे वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम जारी है।
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GSMA के मानकों से बढ़ी उम्मीदें
मोबाइल कम्युनिकेशन मानक तय करने वाली संस्था GSMA ने भी end to end encryption को RCS के आधिकारिक मानक का हिस्सा बनाने की घोषणा की है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बीच भी सुरक्षित मैसेजिंग सामान्य हो जाएगी।
मिलेगा सुरक्षित और बेहतर मैसेजिंग
टेक कंपनियों के बीच अब प्रतिस्पर्धा मॉडल तक सिमट नहीं रह गई है। उनके लिए यूज़र डेटा की सुरक्षा भी एक बड़ा पहलू बन चुकी है। Apple की यह टेस्टिंग इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, जो भविष्य में सुरक्षित और बेहतर मैसेजिंग अनुभव का रास्ता खोल सकता है।
