UPI Alipay integration: भारत की UPI तकनीक जल्द ही चीन के सबसे बड़े Digital Network Alipay+ में दस्तक दे सकती है। अगर यह बातचीत फाइनल होती है, तो भारतीय मोबाइल से चीन में बिना करेंसी बदले, बिना भारी चार्ज के सीधे भुगतान संभव होगा। यह सिर्फ एक फिनटेक डील नहीं, बल्कि भारत-चीन रिश्तों में डिजिटल भरोसे की नई शुरुआत मानी जा रही है। जो UPI को ग्लोबल मंच पर और मजबूत बना सकती है। तो आइए जानते हैं इस डील की तैयारी के बारे में।
अब डिजिटल पेमेंट की दुनिया में भारत का बहुत बड़ा कदम…Alipay+ के साथ UPI लिंक होने से विदेशों में आसान होगा भुगतान। जानिए विस्तार से।
विदेश यात्रा के दौरान फायदा
इस संभावित साझेदारी का सीधा फायदा भारतीय यात्रियों को मिलेगा। अभी विदेश यात्रा के दौरान पर्यटकों को विदेशी मुद्रा बदलवाने या अधिक शुल्क वाले कार्ड का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन Alipay+ के साथ UPI जुड़ने पर, भारतीय यूज़र अपने मोबाइल से ही सीधे UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे। वह भी भारतीय बैंक खाते से।
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कई देशों तक पहुंचेगा UPI
बता दें कि भारत की जिस Alipay+ नेटवर्क से बात चल रही है वो पहले से ही करीब 100 देशों में सक्रिय है। ऐसे में अगर UPI को इससे जोड़ा जाता है, तो भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी। यूज़र्स को केवल अपने UPI ऐप में UPI Global फीचर एक्टिव करना होगा।
सुरक्षा और डेटा पर खास ध्यान
भारत डील के लिए बातचीत तो कर रही है लेकिन Data Protection और प्राइवेसी को लेकर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। सूत्रों के मुताबिक, किसी भी अंतिम फैसले से पहले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और यूज़र डेटा सुरक्षा की गहन जांच की जाएगी।
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रिश्तों में दिख रही नरमी
भारत-चीन के संबंध सुधरने के बीच यह बातें निकलकर आईं है। 2020 के सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी आई थी। सीधी उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील जैसे कदम उठाए गए हैं। माना जा रहा है कि UPI–Alipay+ को जोड़ने की पहल भी इसी बदले माहौल का हिस्सा है।
इसे डिजिटल डिप्लोमेसी के रूप में भी देखा जा रहा है। अगर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए यह योजना लागू होती है तो भारत की डिजिटल ताकत भी और मजबूत होगी।
