अवैध भर्ती मामले में OnePlus के CEO पर ताइवान का गिरफ्तारी वारंट

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January 14, 2026

OnePlus CEO Arrest: ताइवान में OnePlus के संस्थापक और CEO पीट लाउ को लेकर बड़ा कानूनी मामला सामने आया है। ताइवानी अभियोजकों ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आरोप है कि OnePlus ने ताइवान के इंजीनियरों की अवैध भर्ती एक फ्रंट कंपनी के जरिए की। यह कदम कई महीनों तक चली जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें यह परखा गया कि क्या यह चीनी स्मार्टफोन कंपनी ताइवान के क्रॉस-स्ट्रेट बिजनेस और रोजगार कानूनों का उल्लंघन कर रही थी।

ताइवान ने OnePlus के संस्थापक पीट लाउ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आरोप है कि कंपनी ने बिना अनुमति ताइवानी इंजीनियरों की गुप्त भर्ती की।

70 से ज्यादा इंजीनियर बिना मंजूरी के नियुक्त

जांच एजेंसियों के अनुसार, OnePlus ने बिना सरकारी अनुमति के 70 से अधिक ताइवानी इंजीनियरों को नौकरी दी। इससे संवेदनशील तकनीक और स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स के चीन स्थानांतरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में दो ताइवानी नागरिकों पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं, जिन पर भर्ती प्रक्रिया को गुप्त रूप से संचालित करने में मदद करने का आरोप है। पीट लाउ को इस पूरे नेटवर्क का अहम चेहरा बताया गया है।

हांगकांग की शेल कंपनी के जरिए ऑपरेशन

अभियोजकों का दावा है कि OnePlus ने 2015 में हांगकांग में रजिस्टर्ड एक शेल कंपनी के जरिए ताइवान में अपनी गतिविधियां शुरू की। यह कंपनी कथित तौर पर OnePlus के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट का काम कर रही थी, लेकिन उसने चीनी मूल कंपनी से अपने संबंधों को छुपाए रखा। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस ढांचे का मकसद स्थानीय नियमों से बचना और सरकारी निगरानी को चकमा देना था।

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क्रॉस-स्ट्रेट एक्ट का उल्लंघन

ताइवान का क्रॉस-स्ट्रेट एक्ट साफ कहता है कि किसी भी चीनी कंपनी को ताइवान में कर्मचारियों की नियुक्ति या कार्यालय खोलने से पहले सरकारी अनुमति लेनी होती है। अधिकारियों को शक है कि OnePlus ने इन नियमों का पालन नहीं किया और चुपचाप ताइवानी इंजीनियरों को अपने वैश्विक आरएंडडी सिस्टम का हिस्सा बना लिया।

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ताइवान के लिए क्यों अहम है मामला

यह कानून ताइवान के रणनीतिक उद्योगों, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। सरकार को चिंता है कि चीनी टेक कंपनियां गुप्त तरीकों से टैलेंट हायर कर देश की तकनीकी बढ़त और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर सकती हैं। हाल के सालों में ऐसे मामलों पर कार्रवाई तेज हुई है और OnePlus केस इसी सख्ती का हिस्सा माना जा रहा है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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