स्मार्टफोन कंपनियों से ‘सीक्रेट कोड’ मांगने की खबरें झूठी

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January 12, 2026

Smartphone Source Code: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार Apple, Samsung जैसी स्मार्टफोन कंपनियों से उनका सोर्स कोड साझा करने को कह सकती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई नियम या प्रस्ताव फिलहाल विचार में नहीं है।

स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड लेने की खबरों पर सरकार ने सफाई दी है, मंत्रालय के अनुसार यह सिर्फ रूटीन कंसल्टेशन है, कोई नया नियम नहीं।

रिपोर्ट से बढ़ी हलचल

हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत सरकार नए स्मार्टफोन साइबर सुरक्षा नियमों पर काम कर रही है। इन नियमों के तहत कंपनियों को सरकार के साथ सोर्स कोड साझा करना, बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट से पहले जानकारी देना और कुछ अतिरिक्त सॉफ्टवेयर नियमों का पालन करना पड़ सकता है। इस खबर के बाद ग्लोबल टेक कंपनियों में चिंता देखी गई।

PIB ने दी आधिकारिक सफाई

इन दावों पर PIB ने साफ कहा है कि सरकार ने ऐसा कोई कदम प्रस्तावित नहीं किया है, जिसमें मोबाइल कंपनियों को अपना सोर्स कोड देने या सॉफ्टवेयर में जबरन बदलाव करने की जरूरत हो। PIB के मुताबिक, ऐसी खबरें भ्रामक हैं और हकीकत से दूर हैं।

कंपनियों की चिंता क्या थी

रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री संगठनों का मानना था कि सोर्स कोड साझा करने से कंपनियों की बौद्धिक संपदा को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। कंपनियां लंबे समय तक सिस्टम लॉग स्टोर करने और सरकारी एजेंसियों को डिवाइस एक्सेस देने जैसे सुझावों को लेकर भी सतर्क थीं।

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MeitY की तरफ से क्या कहा गया

MeitY अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उद्योग के साथ जो बातचीत हो रही है, वह एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा से जुड़े तकनीकी मुद्दों को समझना, नियमों का असर जानना और यह देखना है कि दूसरे देशों में किस तरह की अंतरराष्ट्रीय प्रथाएं अपनाई जा रही हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि उद्योग से मिले सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

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ICEA का बयान

ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने भी कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। इस तरह की चर्चाएं कई सालों से चल रही हैं और यह पूरी तरह नॉर्मल है कि सरकार और उद्योग आपस में तकनीकी और अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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