Anthropic India Dispute: कर्नाटक की बेलगावी जिला और वाणिज्यिक कोर्ट ने अमेरिकी AI कंपनी Anthropic को नए समंस जारी किए हैं। यह विवाद अमेरिका की कंपनी और बेलगावी स्थित Anthropic Software Private Ltd. के बीच है। भारतीय कंपनी का दावा है कि उसने Anthropic नाम 2017 से भारत में इस्तेमाल किया है।
बेलगावी कोर्ट ने अमेरिकी AI कंपनी Anthropic पर भारतीय कंपनी के ट्रेडमार्क विवाद में नए समंस जारी किए, जानिए पूरा केस और भारतीय कंपनी के दावे।
कोर्ट ने जारी किए नए समंस
16 फरवरी को अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधि कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद बेलगावी कोर्ट ने निर्देश दिया कि कंपनी के बेंगलुरु ऑफिस में समंस सर्व किया जाए। यह कदम विदेशी कंपनियों पर लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार लिया गया है। नए नोटिस इसलिए जारी किए गए ताकि अमेरिकी कंपनी शिकायत का जवाब दे सके।
भारतीय कंपनी का दावा
Anthropic Software Private Ltd. के फाउंडर मोहम्मद अयाज का कहना है कि उनकी कंपनी 2017 में पंजीकृत हुई थी और तब से नाम का इस्तेमाल कर रही है। अयाज ने बताया कि हम एक स्टार्टअप हैं और हमारी पहचान सबसे महत्वपूर्ण है। हमारी पहचान अब खतरे में है। निवेशक और ग्राहक भ्रमित हो रहे हैं और ऑनलाइन सर्च में Anthropic अक्सर अमेरिकी कंपनी की वेबसाइट पर जाता है, न कि हमारे डोमेन anthropic.in पर। अयाज के अनुसार, इसके कारण उनकी कंपनी डिजिटल स्पेस में अदृश्य हो गई है। भले ही उनकी कंपनी छोटी है, लेकिन भारत में यह ब्रांड नाम की प्राथमिक उपयोगकर्ता है।
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कारोबार और पेटेंट
यह भारतीय कंपनी शिक्षा, कनेक्टिविटी और सुरक्षा से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करती है। उनके पास दो पेटेंट हैं। एक ड्राइविंग सुरक्षा और दूसरा WiFi मोनेटाइजेशन से संबंधित। कर्नाटक सरकार ने उनके रोड सेफ्टी इनोवेशन का समर्थन किया, जो ध्यान भटकने से होने वाले सड़क हादसों को रोकने में मदद करता है।
कंपनी नई तकनीक लॉन्च करने की तैयारी कर रही है जो इंटरनेट खर्च कम करेगी, लेकिन ब्रांड भ्रम के कारण फंडिंग प्रभावित हो रही है। अयाज ने कोर्ट में कंपनी के पंजीकरण दस्तावेज Startup India मान्यता और पेटेंट सर्टिफिकेट जमा किए हैं।
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अमेरिकी कंपनी का विस्तार और कानूनी नोटिस
अमेरिकी कंपनी ने 2025 में भारतीय कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा था। अयाज का दावा है कि अमेरिकी कंपनी भारत में विस्तार से पहले भारतीय कंपनी के अस्तित्व से अवगत थी। अमेरिकी AI कंपनी ने हाल ही में बेंगलुरु में अपना दूसरा एशियाई ऑफिस खोला है। कंपनी के अनुसार, भारत उनके AI असिस्टेंट प्लेटफॉर्म के लिए दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है और यहां का राजस्व रेट अक्टूबर 2025 में विस्तार की घोषणा के बाद दोगुना हो गया है।
