Iran US Ceasefire Refinery Attack: ईरान और अमेरिका के बीच हुए Ceasefire की घोषणा के बाद Middle East में तनाव कम होने के बजाय बढ़ता हुआ ही दिखाई दे रहा। सीजफायर लागू होने के कुछ घंटे बाद ही ईरान के लावान द्वीप स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हुए हमले की खबर ने समझौते के विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी अधिकारी ने तो इसे दुश्मन की कार्रवाई तक बता दिया है। घटना बुधवार सुबह 10 बजे की बताई जा रही है।हालांकि इस घटना में किसी की हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। नेशनल ईरानी ऑयल रिफाइनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस घटना की जानकारी दी।
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच रिफाइनरी पर हमला, खाड़ी क्षेत्र में फिर बढ़ा तनाव और युद्ध का खतरा। जानें विस्तार से।
धरातल पर स्थिति अभी नाजुक
इस घटना से यह पता चलता है कि भलेही सीजफाइर पर कागजी समझौते हो गए हों लेकिन धरातल पर स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद तुरंत बाद ईरान ने आग पर काबू पाने और जगह को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा और अग्निशमन टीमों को तुरंत तैनात किया गया। बड़ा नुकसान होने से बच गया। लेकिन यह हमला तब हुआ है जब पिछले दो सप्ताह के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।
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ईरान को तबाह करने की दी थी चेतावनी
दरअसल, यह समझौता आखिरी समय में की गई एक कोशिश का नतीजा था। जिसका मकसद उस पूरी तरह की तबाही को रोकना था जिसकी धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ईरान को तबाह कर देने की बात कही थी। ऐसे में यह समझौता एक अस्थाई राहत रूप में देखी जा रही थी। लेकिन इस घटना ने एकबार फिर सोचने को मजबूर कर दिया है। बावजूद हमले फिर से शुरू हो गए।
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होर्मुज जलडमरूमध्य बना केंद्र
सीजफायर के पीछे एक महत्वपूर्ण शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की थी। जो विश्वभर में तेल आपूर्ति के अहम मार्ग है। अमेरिका यह मानकर चल रहा है कि इससे तेल आपूर्ति में स्थिरता आएगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को वाशिंगटन के लिए पूरी जीत बताई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका दो हफ़्ते के लिए ईरान पर हमले रोक देगा। बदले में, तेहरान होर्मुज़ Strait of Hormuz को अस्थायी रूप से फिर से खोल देगा।
यह सीजफायर इस बात का संकेत दे रहा है कि क्षेत्र में अभी भी शांति दूर है और जंग की आग सुलग ही रही है। अब देखना होगा कि घटना के बाद अमेरिका का क्या स्टैंड होता है।
