क्या ब्लॉकचेन से सुलझेगा भारत का भूमि विवाद संकट?

क्या ब्लॉकचेन से सुलझेगा भारत का भूमि विवाद संकट?

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February 11, 2026

India Land Disputes: संघीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में बोलते हुए AAP के सांसद राघव चड्ढा ने भारत के अव्यवस्थित भूमि और संपत्ति रिकॉर्ड सिस्टम में सुधार के लिए ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि नेशनल ब्लॉकचेन प्रॉपर्टी रजिस्ट्री लागू करने से विवाद, धोखाधड़ी और नौकरशाही की परेशानियों में कमी आ सकती है।

भारत में भूमि और संपत्ति रिकॉर्ड की समस्याओं को हल करने के लिए ब्लॉकचेन रजिस्ट्री जरूरी है। राघव चड्ढा ने नेशनल ब्लॉकचेन प्रॉपर्टी रजिस्ट्री लागू करने की सिफारिश की।

भूमि रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति

चड्ढा ने कहा कि भारत में भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से अव्यवस्थित हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिक रजिस्टार कार्यालयों में चक्कर काटते हैं, जहां दलालों की दखल आम है। सर्कल रेट्स के कारण नकद लेन-देन बढ़ते हैं, संपत्ति कर में चूक होती है और नकली दस्तावेज से अनंत विवाद पैदा होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 66% नागरिक विवाद भूमि से जुड़े हैं, 45% संपत्तियों के स्पष्ट टाइटल नहीं हैं और 48% पहले से विवादों में हैं।

भारत 190 देशों में संपत्ति पंजीकरण दक्षता में 133वें स्थान पर है। साधारण बिक्री में 2 से 6 महीने लगते हैं, अदालत में मामलों का औसत समाधान 7 साल में होता है और 6.2 करोड़ संपत्ति दस्तावेज अभी भी डिजिटाइज नहीं हैं।

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ब्लॉकचेन क्या है और क्यों जरूरी है?

ब्लॉकचेन एक डिजिटल और विकेंद्रीकृत तकनीक है, जो डेटा को नेटवर्क के कई नोड्स में रखती है। इससे रिकॉर्ड बदलना या धोखाधड़ी करना मुश्किल हो जाता है। हर लेन-देन टाइम स्टैम्प के साथ सुरक्षित रहता है और मालिकाना हक की जांच आसानी से की जा सकती है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स से भुगतान होने पर स्वचालित रूप से मालिकाना हक ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे नोटरी और अन्य मध्यस्थों की जरूरत कम हो जाती है।

स्वीडन, जॉर्जिया और UAE

  • स्वीडन: 2016 से स्वीडन के लैंड अथॉरिटी ने ब्लॉकचेन लागू किया। डिजिटल सिग्नेचर और वितरित स्टोरेज से डेटा सुरक्षित रहता है और सालाना 100 मिलियन यूरो की बचत होती है।
  • जॉर्जिया: 2016 में Bitfury के साथ साझेदारी कर जॉर्जिया ने 3 लाख से अधिक टाइटल्स ब्लॉकचेन पर रजिस्टर किए और भ्रष्टाचार कम किया। 2025 में Hedera के साथ समझौते के बाद, जॉर्जिया अपने सभी रियल एस्टेट रिकॉर्ड ऑन-चेन ले जाने की योजना बना रहा है।
  • UAE: दुबई ने 2017 से ब्लॉकचेन अपनाया। दुबई लैंड डिपार्टमेंट ने 9 फरवरी को रियल एस्टेट टोकनाइजेशन प्रोजेक्ट का दूसरा चरण शुरू किया, जिससे डिजिटल संपत्ति टोकन का रीसेल संभव होगा। 2024 के पायलट में लाखों संपत्तियों को टोकन किया गया था।

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भारत के लिए महत्व और आगे की राह

भारत में शहरी विकास और डिजिटल बदलाव को देखते हुए ब्लॉकचेन रजिस्ट्री पुराने टाइटल विवादों को हल कर सकती है, वित्तीय समावेशन बढ़ा सकती है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट जैसे कानूनों के साथ मिल सकती है। हालांकि, डिजिटल सिग्नेचर और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को कानूनी मान्यता देने के लिए सुधार जरूरी हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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