Crypto फर्मों के लिए लागू हुए नए साइबर सुरक्षा नियम

Crypto फर्मों के लिए लागू हुए नए साइबर सुरक्षा नियम

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September 17, 2025

Crypto Cybersecurity India: भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों, कस्टोडियनों और अन्य मध्यस्थों के लिए अनिवार्य साइबर सुरक्षा ऑडिट की घोषणा की है। यह कदम देश में बढ़ रहे क्रिप्टो साइबर अपराधों के मद्देनजर उठाया गया है।

भारत सरकार ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और डिजिटल एसेट फर्मों के लिए अनिवार्य साइबर सुरक्षा ऑडिट लागू किया। इससे क्रिप्टो अपराधों पर नियंत्रण और निवेशक सुरक्षा बढ़ेगी। 

CERT-In के तहत ऑडिट

रिपोर्ट के अनुसार, नए नियुक्त सुरक्षा ऑडिटर CERT-In के तहत इन ऑडिट्स को अंजाम देंगे। CERT-In देश के साइबरस्पेस की निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। यह नया नियम Financial Intelligence Unit के तहत पंजीकरण से जुड़ा है। FIU भारत की एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी है क्योंकि वर्चुअल डिजिटल एसेट फर्म पहले से ही PMLA के तहत आती हैं इसलिए उनसे बैंकों जैसी ही कंप्लायंस मानकों का पालन अपेक्षित है।

15 सितंबर को FIU ने VDA सेवा प्रदाताओं को पत्र भेजा जिसमें कहा गया है कि नामित कंप्लायंस अधिकारी और निदेशक तुरंत आवश्यक कदम उठाएं। अभी भारत में लगभग 55 संस्थाएं क्रिप्टो ट्रेडिंग, कस्टडी और संबंधित सेवाओं में सक्रिय हैं। FIU के पास पंजीकरण अस्वीकृत या रद्द करने का अधिकार है यदि फर्में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग आवश्यकताओं का पालन नहीं करती हैं।

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क्रिप्टो अपराध की बढ़ती घटनाए

भारत में क्रिप्टो अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय एक्सचेंज Giottus ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी अपराध भारत में लगभग 20–25% साइबर अपराधों का हिस्सा हैं। हाल के हैक में अपराधियों ने डिजिटल एसेट चुराने के लिए कमजोरियों का फायदा उठाया और फिर चोरी की गई रकम को जटिल वैश्विक नेटवर्क, डार्कनेट मार्केट, प्राइवेसी कॉइन और कॉइन-मिक्सिंग सर्विसेज के माध्यम से ट्रैकिंग से मिटा दिया।

पिछले महीने, भारतीय संसद की Standing Committee on Home Affairs ने अपनी 254वीं रिपोर्ट जारी की जिसका शीर्षक था Cyber Crime Ramifications, Protection and Prevention। रिपोर्ट में बताया गया कि क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, रैनसमवेयर हमलों और मानव तस्करी में तेजी से इस्तेमाल हो रही है।

ऑडिट की चुनौती और उद्देश्य

साइबर सुरक्षा ऑडिट एक सकारात्मक कदम है लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे ऑडिटर जो आम तौर पर बैंक और ब्रोकरेज की समीक्षा करते हैं, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म की कमजोरियों को पहचान पाएंगे। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है private key की सुरक्षा जो फंड तक पहुंच नियंत्रित करती है। ऑडिटर को यह देखना होगा कि ये कीज कहां और कैसे स्टोर की जा रही हैं।

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उद्योग की प्रतिक्रिया

CA फर्म PR. Bhuta और Co. के पार्टनर Harshal Bhuta ने कहा कि साइबर सुरक्षा ऑडिट की शुरुआत हाल ही में कुछ एक्सचेंजों में क्रिप्टो चोरी के कारण हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि CERT-In के 2022 के निर्देशों के अनुसार लॉग्स रखना और सब्सक्राइबर डेटा को सुरक्षित रखना आवश्यक है। इससे अधिकारियों को फंड ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

FIU का नया PACT सिस्टम

Crypto Legal के फाउंडर Purushottam Anand ने बताया कि FIU ने पहले का Fit & Proper सर्टिफिकेट बदलकर नया PACT सिस्टम लागू किया है। FIU से पंजीकृत संस्थाओं को ऑडिट के पैमाने और दायरे पर अतिरिक्त मार्गदर्शन मिलेगा।

क्रिप्टो विनियमन की जरूरत

भारत में क्रिप्टोकरेंसी के लिए सख्त रिपोर्टिंग नियम लागू हैं। उद्योग अभी भी उच्च कर और नियामक ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हाल ही में, भारत के बड़े क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex ने 9,352 लोगों पर सर्वे किया। 93% लोगों ने क्रिप्टो विनियमन का समर्थन किया। इनमें से 56% ने पूरी निवेशक सुरक्षा ढांचे की मांग की, 24% ने हल्के नियमन की सलाह दी और 13% ने केवल टैक्सेशन तक सीमित नियमन को पसंद किया। कुछ रिपोर्टों का सुझाव है कि सरकार Bitcoin, Stablecoins और Utility Tokens के लिए अलग-अलग विनियमन अपनाए, उनके उपयोग के आधार पर।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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