Online Scam को रोकने के लिए सरकार और WhatsApp ने मिलाया हाथ

6 mins read
852 views
Online Fraud
March 19, 2025

ऑनलाइन स्कैम की बढ़ती संख्या लोगों के साथ-साथ सरकार के लिए भी सिरदर्द बन गई है। इन्हें रोकने के लिए DOT और WhatsApp ने साझेदारी की है।

Online Fraud: ऑनलाइन फ्रॉड और स्पैम मैसेज लोगों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार के DoT ने WhatsApp के साथ साझेदारी कर ली है। अब दोनों मिलकर इन्हीं फ्रॉड से बचने के लिए एक कैंपेन लॉन्च करेंगे, जिसका मकसद लोगों को फ्रॉड मैसेज की पहचान करने और उन्हें रिपोर्ट करने के तरीके सिखाना है।

साइबर क्राइम पर लगेगी लगाम

सरकार और WhatsApp की इस साझेदारी से साइबर क्राइम रोकने में काफी मदद मिलेगी। WhatsApp Meta के सिक्योरिटी इनिशिएटिव Stay Safe from Scams को और आगे बढ़ाएगा। इसके तहत, WhatsApp सरकार के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से डेटा लेगा। यह प्लेटफॉर्म बैंकों, सरकारी एजेंसियों और करीब 550 दूसरे पार्टनर्स के साथ रियल-टाइम में इंटेलिजेंस शेयर करता है। इसकी मदद से टेलीकॉम रिसोर्सेज के दुरुपयोग को पहचानने और रोकने में आसानी होगी।

WhatsApp के जरिए साइबर क्राइम का खतरा

हाल के समय में भारत में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ये क्राइम डेटा चोरी और आर्थिक नुकसान का कारण बन रहे हैं। साइबर अपराधी अब WhatsApp का इस्तेमाल करके डिजिटल अरेस्ट स्कैम जैसे नए तरीकों को अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। क्रिमिनल्स ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर या उन्हें गुमराह कर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।

अब, दूरसंचार विभाग और WhatsApp के बीच हुई पार्टनरशिप के बाद उम्मीद है कि ऐसे साइबर क्राइम पर लगाम लगाई जा सकेगी। लोगों को सुरक्षित रखने और फ्रॉड से बचाने के लिए यह एक इम्पोर्टेंट कदम साबित हो सकता है।

साइबर फ्रॉड से बचने के आसान तरीके

  • सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों और बड़े ऑफर्स के जाल में न फंसें। इनमें से कई फ्रॉड हो सकते हैं।
  • अगर किसी अजनबी का मैसेज या ईमेल आता है, जिसमें लिंक दिया गया हो, तो उस पर क्लिक न करें।
  • पर्सनल डिटेल्स, बैंक अकाउंट की जानकारी या OTP जैसी संवेदनशील जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
  • मजबूत पासवर्ड बनाएं और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को एक्टिवेट करें। इससे आपका अकाउंट ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
  • अगर आप किसी साइबर क्राइम के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत कानूनी एजेंसियों से संपर्क करें। जल्दी रिपोर्ट करने से आपका नुकसान कम हो सकता है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

FireSat satellite
Previous Story

Google ने लॉन्च किया FireSat सैटेलाइट, आग को फैलने से रोकेगा

Google Drive
Next Story

क्या है ChatGPT Connectors फीचर ? OpenAI कर रहा टेस्टिंग

Latest from Apps

Google-Maps-की-छुट्टी-Mappls

Google Maps की छुट्टी! Mappls में आया ऐसा फीचर जो बदल देगा सफर का तरीका

Mappls public transport feature:  Google Maps को कड़ी टक्कर देने वाला देसी मैप प्लेटफॉर्म Mappls यानी MapMyIndia अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कंपनी ने अपने नेविगेशन ऐप में मल्टीमॉडल पब्लिक ट्रांसपोर्ट रूट को
Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit CFO Resignation: क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विपिन कपूरिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक बार फिर Flipkart में सीनियर फाइनेंस रोल में लौट रहे हैं। इस खबर ने ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में चर्चा तेज कर दी है।  क–कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव: Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया, IPO और फंडिंग के दौर में अहम फैसला।  Blinkit में एक साल से थोड़ा ज्यादा का सफर  विपिन कपूरिया 2024 में Blinkit से जुड़े थे। उन्होंने यहां 1 साल से थोड़ा ज्यादा समय काम किया है। वह गुरुग्राम बेस्ड Blinkit में शामिल होने से पहले Flipkart में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर थे। कपूरिया Blinkit के पहले फुल टाइम CFO थे क्योंकि यह पद 2022 से खाली था। उस समय Zomato द्वारा Blinkit के अधिग्रहण के बाद तत्कालीन CFO अमित सचदेवा ने कंपनी छोड़ दी थी।  Flipkart के साथ पुराना रिश्ता  Flipkart में विपिन कपूरिया की यह तीसरी पारी होगी। उन्होंने पहली बार 2015 में Flipkart जॉइन किया था। इसके बाद 2018 में वह हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप Oyo चले गए। 2020 में उन्होंने दोबारा Flipkart में वापसी की और फिर 2024 में Blinkit से जुड़े। अब एक बार फिर वह Flipkart के फाइनेंस लीडरशिप का हिस्सा बनने जा रहे हैं।  Blinkit और Eternal में अहम भूमिका  Blinkit में रहते हुए कपूरिया ने कंपनी के CEO अल्बिंदर ढिंढसा और Eternal के CFO अक्षांत गोयल के साथ मिलकर काम किया है। वह उस दौर में Blinkit से जुड़े थे, जब Eternal ने 8,500 करोड़ की राशि Qualified Institutional Placement के जरिए जुटाई थी। यह फंडिंग Blinkit और पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए अहम मानी गई है।  READ MORE: Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड  क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी और फंडिंग  पिछले 12 से 14 महीनों में क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।  Swiggy ने 2024 में IPO और हालिया QIP के जरिए 14,500 करोड़ जुटाए।  Zepto अगले साल 11,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।  READ MORE: Flipkart लाया स्मार्टफोन एक्सचेंज ऑफर, 40 मिनट में ऐसे करें अप्लाई  Flipkart Minutes में नेतृत्व बदलाव 
भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास

भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास

Bandar Apna Dost: YouTube पर AI से बना कंटेंट अब सिर्फ एक नया ट्रेंड नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों की कमाई और अरबों व्यूज वाला बड़ा बिजनेस बन चुका है। इस बदलाव के केंद्र में अब भारत आ गया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय AI Shorts चैनल Bandar Apna Dost ने अपने AI-generated वीडियो से अब तक 2.07 अरब व्यूज हासिल कर लिए हैं। इसके साथ ही यह चैनल दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला AI slop चैनल बन गया है।  AI से बने YouTube Shorts कैसे करोड़ों व्यूज और मोटी कमाई कर रहे हैं? इस रिपोर्ट में जानिए कैसे भारत का एक AI चैनल दुनिया में सबसे आगे निकल गया।  कमाई में भी सबसे आगे भारत  व्यूज के साथ–साथ कमाई के मामले में भी Bandar Apna Dost ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट का अनुमान है कि यह चैनल सालाना करीब 4.25 मिलियन डॉलर कमाता है। भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम लगभग 370 करोड़ से ज्यादा बैठती है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि AI बेस्ड स्टोरीटेलिंग अब YouTube पर बेहद ताकतवर बन चुकी है।  AI Shorts अब हर जगह दिख रहे हैं  जिस रिपोर्ट में इस चैनल की सफलता सामने आई है, उसमें यह भी बताया गया है कि YouTube Shorts पर AI कंटेंट कितनी तेजी से फैल रहा है। Kapwing की स्टडी के अनुसार, नए यूजर्स को जो Shorts वीडियो सुझाए जाते हैं, उनमें से हर 5 में से एक वीडियो AI generated होता है। Bandar Apna Dost इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके AI ड्रिवन वीडियो फॉर्मेट ने बहुत कम समय में जबरदस्त पहचान बना ली है और आज यह चैनल व्यूज और कमाई, दोनों में ग्लोबल लीडर बन चुका है।  READ MORE: YouTube ने लॉन्च किया ‘Shorts Timer’, बढ़ेगी वीडियो देखने समझदारी  AI कंटेंट को लेकर बहस भी तेज 

Don't Miss