Nobitex Sanctions: अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Nobitex पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि यह एक्सचेंज ईरानी सरकार और पहले से प्रतिबंधित सरकारी संस्थानों को पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था। अमेरिका का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ऐसे वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया, जिनसे प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके।
अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Nobitex पर लगाया प्रतिबंध! IRGC को फंड करने का आरोप, जानें पूरा मामला।
जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई एक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि Nobitex ईरान की एक समानांतर वित्तीय व्यवस्था का अहम हिस्सा बन गया था। इसके जरिए ईरान के केंद्रीय बैंक और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े सैकड़ों मिलियन डॉलर के डिजिटल लेनदेन प्रोसेस किए गए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जब ईरान में सरकार द्वारा इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया था, तब भी यह एक्सचेंज सक्रिय रहा और लाखों डॉलर के ट्रांजैक्शन जारी रहे। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि हालिया सैन्य तनाव के दौरान भी इस प्लेटफॉर्म ने सरकारी धन और संपत्तियों को सुरक्षित रखने तथा देश से बाहर स्थानांतरित करने में भूमिका निभाई।
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ट्रेजरी विभाग ने कई लोगों को किया प्रतिबंधित
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरानी सरकार डिजिटल एसेट तकनीकों का उपयोग अपने हितों के लिए कर रही है। उनके अनुसार, इन तकनीकों का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने और संपत्ति को स्थानांतरित करने के लिए किया गया।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने Nobitex से जुड़े दो व्यक्तियों, सैयद मोहम्मद अली आघामिर और सैयद मोहम्मद आघामिर मोहम्मद अली पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीर हुसैन राद को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।
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Nobitex ने आरोपों को किया खारिज
जांच रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक्सचेंज का नियंत्रण ईरान के प्रभावशाली खर्राजी परिवार से जुड़े दो भाइयों के पास है। हालांकि Nobitex ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसका ईरानी सरकार से कोई सीधा संबंध नहीं है और उसने कभी जानबूझकर किसी सरकारी संस्था की मदद नहीं की।
कंपनी ने यह भी कहा कि यदि किसी अवैध फंड का लेनदेन उसके प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुआ है, तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं थी। साथ ही उसने यह आरोप भी नकार दिया कि संबंधित भाइयों ने अपनी पहचान बदलकर किसी अन्य नाम का इस्तेमाल किया था। फिलहाल अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो बाजार में इस मामले पर नजर बनी हुई है।
