Pune Crypto Scam: पुणे को आमतौर पर पढ़ाई, IT जॉब और अच्छे मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह शहर क्रिप्टो फ्रॉड के मामलों की वजह से भी सुर्खियों में है। यहां बड़ी संख्या में रिटायर्ड लोग रहते हैं, जिनके पास अच्छी सेविंग्स होती हैं, लेकिन डिजिटल सिक्योरिटी की जानकारी कम होती है। इसी कमजोरी का फायदा स्कैमर्स उठा रहे हैं।
क्यों पुणे बनता जा रहा है क्रिप्टो धोखाधड़ी का केंद्र? जानिए GainBitcoin, BitConnect और हाल के बड़े स्कैम्स की वजह जानें।
Gain Bitcoin भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टो स्कैम
सबसे बड़ा मामला GainBitcoin Ponzi स्कीम का है, जिसे अमित भारद्वाज ने 2015 में शुरू किया था। इसमें लोगों को हर महीने 10% रिटर्न का लालच दिया गया। शुरुआत में निवेशकों को बिटकॉइन में रिटर्न मिला, लेकिन 2017 के बाद कंपनी ने अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी MCAP में पेमेंट देना शुरू कर दिया, जिसकी कीमत काफी कम थी। CBI के मुताबिक यह स्कैम करीब 20,000 करोड़ का हो सकता है और लाखों लोग इससे प्रभावित हुए।
जांच में भी हुआ बड़ा खेल
इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच के दौरान ही गड़बड़ी सामने आई। पुलिस द्वारा जब्त किए गए बिटकॉइन में से सैकड़ों बिटकॉइन गायब हो गए। फॉरेंसिक जांच में शामिल कुछ लोगों पर ही चोरी का आरोप लगा, जिससे पूरे केस पर सवाल उठे।
दूसरे बड़े क्रिप्टो स्कैम
पुणे में सिर्फ GainBitcoin ही नहीं, बल्कि BitConnect और Bitsolives जैसे कई और स्कैम भी सामने आए। एक मामले में पुणे के एक वकील ने 42 करोड़ तक गंवा दिए। Bitsolives स्कैम में भी लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगे गए और कंपनी अचानक बंद हो गई।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम
अब स्कैम का तरीका भी बदल गया है। जनवरी में एक 82 साल के बुजुर्ग को नकली सरकारी अधिकारियों ने वीडियो कॉल पर डराकर 10.74 करोड़ ठग लिए। ठगी की रकम का कुछ हिस्सा क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज दिया गया। पुलिस ने थोड़ी रकम ही रिकवर कर पाई।
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क्यों बन रहा है पुणे आसान निशाना?
पुणे में रिटायर्ड लोगों की संख्या ज्यादा है, जिनके पास पैसा है लेकिन डिजिटल जानकारी कम है। दूसरी ओर, युवा भी सोशल मीडिया और फर्जी क्रिप्टो निवेश सलाह के चलते स्कैम का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा, शहर में साइबर क्राइम से निपटने के लिए संसाधन अभी भी सीमित हैं, जिससे अपराधियों को मौका मिल जाता है।
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सरकार और पुलिस क्या कर रही है?
CBI और ED जैसे एजेंसियां बड़े मामलों की जांच कर रही हैं। महाराष्ट्र सरकार पुणे में डिजिटल फॉरेंसिक सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है। पुलिस अब तेजी से बैंक अकाउंट और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने की कोशिश कर रही है। पुणे में बढ़ते क्रिप्टो स्कैम सिर्फ अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। जब तक लोगों में जागरूकता नहीं बढ़ेगी और साइबर सिक्योरिटी मजबूत नहीं होगी, तब तक ऐसे फ्रॉड रुकना मुश्किल है।
