Polymarket से लाखों डॉलर की क्रिप्टो गायब, जांच में जुटी कंपनी

Polymarket से लाखों डॉलर की क्रिप्टो गायब, जांच में जुटी कंपनी

10 mins read
2 views
October 30, 2026

Polymarket Hack : क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े प्लेटफॉर्म Polymarket पर एक बार फिर बड़ा साइबर हमला हुआ है। हैकर्स ने कथित तौर पर यूजर्स के खातों से करीब 27 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी निकाल ली। यह घटना 29 अक्टूबर को सामने आई। हमलावरों ने प्लेटफॉर्म के एक बाहरी टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर की सुरक्षा में सेंध लगाई और यूजर्स के सक्रिय ट्रेडिंग सेशन तक पहुंच बनाई। इसके बाद Polymarket ने अपने अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर करीब एक घंटे के लिए ट्रेडिंग रोक दी। अब सेवा दोबारा शुरू हो गई है और कंपनी ने प्रभावित यूजर्स को पूरा पैसा लौटाने का भरोसा दिया है।

Polymarket Hack में लाखों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की आशंका, जानें जांच में अब तक क्या पता चला।

Polymarket क्या है और यहां कैसे होती है ट्रेडिंग?

Polymarket एक ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म है। यहां यूजर्स चुनाव, खेल, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के नतीजों पर पैसे लगाते हैं। उदाहरण के लिए, कोई यूजर किसी चुनाव में उम्मीदवार की जीत का अनुमान लगाकर उसके शेयर खरीद सकता है। अगर उसका अनुमान सही निकलता है, तो उसे तय भुगतान मिलता है। इस प्लेटफॉर्म पर लेनदेन के लिए क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल होता है।

Polymarket Hack में कैसे हुई क्रिप्टोकरेंसी की चोरी?

इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब यूजर्स ने अपने खातों से बिना अनुमति पैसे निकलने की शिकायत की। CoinDesk और BleepingComputer की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने Polymarket से जुड़ी एक बाहरी वेबसाइट निगरानी सेवा में सेंध लगाई। इसका संबंध DebugBear से बताया गया है। हैकर्स ने कथित तौर पर वेबसाइट में नुकसान पहुंचाने वाला JavaScript कोड डाला। यह कोड ब्राउजर में चलता है और यूजर्स के सक्रिय ट्रेडिंग सेशन में दखल दे सकता है। इसके जरिए हमलावर यूजर्स की पोजिशन बेचकर क्रिप्टोकरेंसी अपने वॉलेट में भेज सकते थे। सुरक्षा घटना सामने आने के बाद Polymarket ने करीब एक घंटे तक ट्रेडिंग रोकी। जांच के बाद कंपनी ने सेवा फिर शुरू कर दी।

कितने डॉलर की क्रिप्टो चोरी हुई?

ब्लॉकचेन से जुड़े आंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण में करीब 27 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी प्रभावित होने का अनुमान है। BleepingComputer ने करीब 25.7 लाख डॉलर के लेनदेन का पता लगाया है।

जानकारी आंकड़ा
अनुमानित प्रभावित रकम 2.7 मिलियन डॉलर
BleepingComputer के अनुसार 2.57 मिलियन डॉलर
ट्रेडिंग बंद रहने का समय करीब 1 घंटा
आधिकारिक नुकसान अभी पुष्टि नहीं

ये आंकड़े स्वतंत्र ब्लॉकचेन विश्लेषण पर आधारित हैं। Polymarket ने अभी तक कुल नुकसान की अंतिम रकम की पुष्टि नहीं की है।

READ MORE: Binance Hack: दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो हमला

कंपनी ने क्या कहा, हैकर्स का पता चला?

Polymarket ने अपने आधिकारिक स्टेटस पेज पर बताया कि उसके एक थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर की सुरक्षा में सेंध लगी थी। कंपनी ने मामले की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दी है। कंपनी ने यह भी कहा कि प्रभावित ट्रेडर्स को पूरा पैसा वापस मिलेगा। हालांकि, हमलावरों की पहचान अभी सामने नहीं आई है। साइबर सुरक्षा शोधकर्ता Hudson Rock ने संदिग्ध कोड में एक क्रिप्टो वॉलेट का पता लगाया है। जांचकर्ता उससे जुड़े लेनदेन की पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल किसी देश या सरकारी हैकिंग समूह से हमले का संबंध साबित नहीं हुआ है।

READ MORE: Solana अपग्रेड के बाद TPS क्यों नहीं बढ़ा, जानें कारण

2026 में दूसरी बार सुरक्षा में सेंध

Polymarket के लिए यह साल का दूसरा बड़ा सुरक्षा मामला है। इससे पहले जून में भी एक थर्ड-पार्टी सुरक्षा उल्लंघन की खबर आई थी। उस घटना में यूजर्स को करीब 30 लाख डॉलर का नुकसान होने की बात सामने आई थी। ताजा मामले में कंपनी ने ब्रिटेन की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी दी है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बाहरी सेवा में सेंध कैसे लगी और किन खातों पर इसका असर पड़ा। फिलहाल यूजर्स को पैसा लौटाने का कंपनी का वादा इस मामले का सबसे अहम पहलू है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss