क्वांटम कंप्यूटर से Ethereum को खतरा, डेवलपर्स ने बनाया नया प्लान

क्वांटम कंप्यूटर से Ethereum को खतरा, डेवलपर्स ने बनाया नया प्लान

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October 29, 2026

Ethereum EIP-8450 : क्या भविष्य में कोई शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर Ethereum के वैलिडेटर्स की सुरक्षा तोड़ सकता है? इसी खतरे से निपटने के लिए Ethereum डेवलपर्स ने EIP-8450 नाम का एक प्रस्ताव पेश किया है। इसका मकसद हर वैलिडेटर के लिए पहले से क्वांटम-प्रतिरोधी सार्वजनिक कुंजी दर्ज करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर नेटवर्क नई क्रिप्टोग्राफी अपनाने के लिए तैयार रहे। फिलहाल, यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है। इसे लागू करने के लिए किसी नेटवर्क अपग्रेड की तारीख तय नहीं हुई है।

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Ethereum EIP-8450 क्या है और कैसे काम करेगा?

15 अक्टूबर को Thomas Coratger, Kevaundray Wedderburn, Tom Wambsgans और Justin Drake ने EIP-8450 बनाया। इसका पूरा नाम Post-Quantum Validator Key Registry है। यह Ethereum के हर वैलिडेटर को भविष्य की सुरक्षा के लिए एक नई डिजिटल कुंजी पहले से दर्ज करने की सुविधा देगा। इस कुंजी को leanXMSS कहा जाता है। यह हैश आधारित क्रिप्टोग्राफी पर काम करती है और मौजूदा वैलिडेटर इंडेक्स से जुड़ी रहती है। शुरुआत में इसका इस्तेमाल नेटवर्क के नियमित कामों में नहीं होगा। मौजूदा BLS हस्ताक्षर व्यवस्था ही जारी रहेगी। इस तैयारी से नेटवर्क को पता चल सकेगा कि कुल स्टेक का कितना हिस्सा नई कुंजी दर्ज कर चुका है। इससे डेवलपर्स को नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने और जांचने का समय भी मिलेगा।

क्वांटम कंप्यूटर से Ethereum को क्या खतरा है?

अभी Ethereum की कंसेंसस लेयर पर डिजिटल हस्ताक्षर के लिए BLS12-381 क्रिप्टोग्राफिक स्कीम इस्तेमाल होती है। पर्याप्त शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर बनने पर Shor’s algorithm इस तरह की सुरक्षा को तोड़ सकता है। Ethereum में वैलिडेटर्स की सार्वजनिक कुंजियां पहले से ही बीकन स्टेट में मौजूद हैं। भविष्य में कोई क्रिप्टोग्राफिक रूप से सक्षम क्वांटम कंप्यूटर इन कुंजियों की मदद से गुप्त कुंजियां निकालने में सफल हो सकता है। ऐसा होने पर नेटवर्क की सुरक्षा और वैलिडेटर के हस्ताक्षरों की विश्वसनीयता पर खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, आज ऐसा कोई क्रिप्टोग्राफिक रूप से सक्षम क्वांटम कंप्यूटर मौजूद नहीं है। इसलिए यह किसी सक्रिय हमले का जवाब नहीं, बल्कि भविष्य के संभावित जोखिम से बचने की तैयारी है।

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नए बदलाव में हटाया गया दूसरा रास्ता

EIP-8450 के शुरुआती मसौदे में नई कुंजी दर्ज करने के दो तरीके थे। पहला, वैलिडेटर की मौजूदा BLS हस्ताक्षर कुंजी के जरिए। दूसरा, वैलिडेटर के विड्रॉल पते से एग्जीक्यूशन लेयर पर अनुरोध भेजकर। दूसरे तरीके से कुंजी दर्ज करने के साथ उसे बदला भी जा सकता था, लेकिन बाद में Kevaundray ने Tom Wambsgans के सह-लेखन के साथ एक बदलाव प्रस्तावित किया। इसमें विड्रॉल पते वाला रास्ता पूरी तरह हटा दिया गया। अब नई क्वांटम-प्रतिरोधी कुंजी दर्ज करने या बदलने का अधिकार केवल मौजूदा BLS हस्ताक्षर कुंजी के पास होगा। इस बदलाव से प्रस्ताव सरल हुआ है। पहले इसकी निर्भरता तीन अन्य प्रस्तावों EIP-7002, EIP-7685 और EIP-7916 पर थी। अब सूची में केवल EIP-7916 बचा है। एग्जीक्यूशन लेयर के अनुरोध, लंबित अनुमति की कतार और उनसे जुड़ी प्रक्रिया भी हटा दी गई है।

कुंजी बदलने पर भी रहेंगी पाबंदियां

नए मसौदे में कुंजी बदलने की प्रक्रिया पर कुछ सुरक्षा नियम भी जोड़े गए हैं। वैलिडेटर अपनी क्वांटम-प्रतिरोधी कुंजी हर बार तुरंत नहीं बदल सकेंगे। बदलावों के बीच कम से कम 256 epochs का अंतर रखना होगा। न्यूनतम परीक्षण व्यवस्था में यह अंतर 8 epochs होगा। इसके अलावा, previous_change_epoch नाम का फील्ड और pq_key_change_epochs स्टेट सूची दोबारा इस्तेमाल होने वाले पुराने अनुरोधों से बचाव में मदद करेंगे। जिन वैलिडेटर्स ने अब तक कोई नई कुंजी दर्ज नहीं की है, उनके लिए FAR_FUTURE_EPOCH संकेत इस्तेमाल होगा। नई PQPublicKeys संरचना में leanXMSS कुंजी और एक VRF रूट शामिल होंगे। हर कुंजी के लिए वैधता साबित करने वाला प्रमाण भी जरूरी रहेगा। इससे कोई दूसरा व्यक्ति सार्वजनिक कुंजी की नकल करके किसी वैलिडेटर के हस्ताक्षरों पर अपना दावा नहीं कर सकेगा।

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Ethereum का क्वांटम सुरक्षा रोडमैप कितना आगे है?

फिलहाल, EIP-8450 का दर्जा Draft है। इसके साथ जुड़ी समीक्षा प्रक्रिया भी जारी है। Ethereum के कंसेंसस-स्पेक्स रिपॉजिटरी में इसका साथी प्रस्ताव भी अभी मसौदे के स्तर पर है। टेस्ट वेक्टर, अनुरोध अनुबंध का बाइटकोड और संदर्भ कार्यान्वयन जैसे काम बाकी हैं। अभी यह भी तय नहीं है कि इसे किस नेटवर्क अपग्रेड में शामिल किया जाएगा। यह प्रस्ताव Ethereum Foundation की लंबी क्वांटम-सुरक्षा योजना का हिस्सा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसे फाउंडेशन के पोस्ट-क्वांटम रोडमैप की पहली ठोस प्रोटोकॉल पहल माना जा रहा है। फाउंडेशन ने इस दिशा में समर्पित सुरक्षा टीम बनाई है और शोध के लिए 10 लाख डॉलर का पुरस्कार भी घोषित किया है।

टीम का लक्ष्य 2029 तक Layer 1 प्रोटोकॉल के मुख्य अपग्रेड पूरे करना है। इसके बाद पूरी व्यवस्था को बदलने में कई और साल लग सकते हैं। योजना में तैयारी और बुनियादी ढांचा, धीरे-धीरे नई तकनीक अपनाना और आखिर में प्रोटोकॉल का एकीकरण शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार, 10 से ज्यादा क्लाइंट टीमें हर सप्ताह परीक्षण नेटवर्क पर काम कर रही हैं।

DISCLAIMER: यह खबर उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित है। EIP-8450 अभी शुरुआती चरण में है। इसमें आगे बदलाव हो सकते हैं। फिलहाल क्वांटम कंप्यूटर से Ethereum पर किसी तत्काल खतरे की पुष्टि नहीं हुई है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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