Kalshi CEO ने Iran मार्केट विवाद पर दिया जवाब

Kalshi CEO ने Iran मार्केट विवाद पर दिया जवाब

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March 2, 2026

Kalshi Iran Controversy: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने प्रेडिक्शन मार्केट्स को बड़ी चुनौती दे दी है। हालिया हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबरों के बीच इन प्लेटफॉर्म्स पर अचानक भारी ट्रेडिंग देखने को मिली। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या युद्ध और राजनीतिक हिंसा जैसी असली घटनाओं पर दांव लगाना सही है?

अमेरिका, इजराइल और ईरान के तनाव के बीच प्रेडिक्शन मार्केट्स में मचा हड़कंप। Polymarket और Kalshi पर करोड़ों डॉलर की ट्रेडिंग, खामेनेई की मौत की खबर और नियमों को लेकर बड़ा विवाद।

युद्ध की खबर और बाजार में हलचल

जैसे ही ईरान पर हमलों की खबर आई, प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडर्स सक्रिय हो गए। खासकर उन कॉन्ट्रैक्ट्स पर, जो ईरान की राजनीतिक स्थिति से जुड़े थे। जब यह रिपोर्ट सामने आई कि खामेनेई अब जीवित नहीं हैं, तो दांव की दिशा तेजी से बदली। इस पूरे घटनाक्रम ने यह बहस फिर से शुरू कर दी कि क्या ऐसे बाजार जिम्मेदारी के साथ चलाए जा सकते हैं, जहां लोगों की जान और राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ी घटनाओं पर पैसा लगाया जाता है।

Polymarket पर भारी ट्रेडिंग

ऑफशोर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Polymarket इस विवाद के केंद्र में रहा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर यहां 529 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हुई।

ब्लॉकचेन डेटा का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों ने कुछ असामान्य गतिविधियों की ओर इशारा किया। बताया गया कि बड़े दांव नई बनाई गई वॉलेट्स से लगाए गए, वह भी बड़ी खबर सार्वजनिक होने से ठीक पहले।

जब यह पुष्टि फैलने लगी कि खामेनेई अब पद पर नहीं हैं, तो Polymarket ने अपने कॉन्ट्रैक्ट को हां में रिजॉल्व कर दिया और भुगतान शुरू कर दिया। इसके बाद कानून निर्माताओं और बाजार विश्लेषकों ने आलोचना की, लेकिन प्लेटफॉर्म की ओर से कोई जवाब नहीं आया।

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Kalshi का अलग तरीका

अमेरिका में रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म Kalshi ने इस मामले को अलग तरीके से संभाला। उसके कॉन्ट्रैक्ट में पहले से ‘डेथ कार्वआउट’ शामिल था। इसका मतलब था कि अगर नेता की मौत के कारण पद खाली होता है, तो बाजार को सीधे हां या नहीं में रिजॉल्व नहीं किया जाएगा।

ऐसे मामलों में कॉन्ट्रैक्ट आखिरी ट्रेड की गई कीमत के आधार पर सेटल होता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अमेरिका में कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन के नियमों के तहत युद्ध, आतंकवाद या हत्या से सीधे जुड़े डेरिवेटिव्स की अनुमति नहीं है। खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही Kalshi पर भी ट्रेडिंग तेज हो गई। कंपनी ने पहले स्पष्टीकरण दिया और फिर ट्रेडिंग रोक दी। कई ट्रेडर्स नाराज हुए, क्योंकि उन्हें लगा कि बाजार उनके पक्ष में पूरी तरह से रिजॉल्व होना चाहिए था।

CEO का बयान और कंपनी का नुकसान

Kalshi के सह संस्थापक और CEO तारिक मंसूर ने X पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि नियम पहले से तय थे और बाद में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी एक पक्ष को खुश करने के लिए नियम बदले जाते, तो एक्सचेंज पर भरोसा खत्म हो जाता।

चौंकाने वाली बात यह रही कि Kalshi ने सभी यूजर्स को नुकसान से बचाने का फैसला किया। कंपनी ने ट्रेडिंग फीस और नेट लॉस वापस कर दिए। जानकारी के मुताबिक, इस फैसले से Kalshi को लगभग 2.2 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

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राजनीतिक दबाव और भविष्य

इस घटना के बाद राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। कुछ अमेरिकी सीनेटरों ने CFTC से ऐसे कॉन्ट्रैक्ट्स पर सख्ती की मांग की है। यहां तक कि इंडस्ट्री की अपनी संस्था Coalition for Prediction Markets ने भी कहा है कि मौत से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स का अमेरिकी एक्सचेंज पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह घटना प्रेडिक्शन मार्केट इंडस्ट्री के लिए एक अहम मोड़ मानी जा रही है। अब देखना होगा कि भविष्य में ऐसे बाजारों की सीमा कहां तय की जाती है और क्या युद्ध जैसी घटनाओं को ट्रेडिंग का हिस्सा बनाना जारी रहेगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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