Jito Foundation ने अमेरिका में फिर शुरू किए कोर ऑपरेशंस

Jito Foundation ने अमेरिका में फिर शुरू किए कोर ऑपरेशंस

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December 18, 2025

Jito Foundation: कई सालों तक अमेरिका में कड़े नियमों और कानूनी अनिश्चितता के कारण कई क्रिप्टो कंपनियों ने अपने ऑपरेशंस विदेश शिफ्ट कर दिए थे, लेकिन अब Jito Foundation ने अलग रास्ता चुना है। दरअसल, कंपनी अपने मुख्य ऑपरेशंस को फिर से अमेरिका लाने जा रही है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वॉशिंगटन में क्रिप्टो को लेकर नीतियां पहले के मुकाबले ज्यादा स्पष्ट और सहयोगी होती दिख रही हैं।

कई साल विदेश में काम करने के बाद Jito Foundation की अमेरिका में वापसी क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए अहम संकेत है, जानिए क्यों कंपनी ने अब घर वापसी का फैसला लिया।

Jito ने यह फैसला क्यों लिया

Jito Labs के को-फाउंडर और CEO लुकास ब्रूडर के मुताबिक, यह कदम जल्दबाजी में नहीं उठाया गया है। इसके पीछे एक साल से ज्यादा का सीधा पॉलिसी वर्क और लगभग 10 साल की इंडस्ट्री लॉबिंग का असर है। उन्होंने बताया कि स्टेबलकॉइन से जुड़े नियमों और मार्केट स्ट्रक्चर पर हो रही प्रगति ने यह भरोसा दिया है कि अब अमेरिका में दोबारा काम करना संभव हो सकता है।

अमेरिका छोड़ने की मजबूरी क्या थी

पहले अमेरिका में काम करना आसान नहीं था। बैंकों ने कई क्रिप्टो कंपनियों को सेवाएं देने से मना कर दिया। बिजनेस पार्टनर भी कानूनी जोखिम के डर से दूरी बनाने लगे। ऐसे माहौल में हर नया प्रोडक्ट लॉन्च करना एक बड़ा जोखिम बन गया था। इसी वजह से Jito सहित कई अमेरिकी क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स ने अपने अहम ऑपरेशंस विदेश शिफ्ट कर दिए।

Coinbase, Ripple और Kraken जैसी बड़ी कंपनियों ने भी दूसरे देशों में विस्तार किया है, जिसका नतीजा यह हुआ कि 2021 में जहां दुनिया के लगभग 25% ब्लॉकचेन डेवलपर्स अमेरिका में थे, आज यह आंकड़ा घटकर करीब 18% रह गया है।

‘घर वापसी’ का असली मतलब

Jito Foundation ने साफ किया है कि यह सिर्फ एक घोषणा नहीं है। कंपनी अमेरिका में अपने कोर ऑपरेशंस दोबारा शुरू करेगी और रेगुलेटर्स व पॉलिसी मेकर्स के साथ सीधा संवाद बढ़ाएगी। इस फैसले को खास बनाने के लिए जनवरी में वॉशिंगटन डी.सी. में एक पब्लिक इवेंट भी आयोजित किया जाएगा, जहां डेवलपर्स, रिसर्चर्स और नीति-निर्माता एक साथ नजर आएंगे।

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बाजार की प्रतिक्रिया और Jito की स्थिति

फिलहाल, इस खबर का बाजार पर कोई बड़ा सकारात्मक असर नहीं दिखा है। Jito का टोकन JTO अभी करीब 0.337 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है और इसमें एक दिन में 8% से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। सालाना आधार पर भी टोकन कमजोर रहा है। हालांकि, फंडामेंटल स्तर पर Jito अब भी मजबूत माना जाता है। यह Solana नेटवर्क का एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है।

इस साल a16z Crypto ने इसमें 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, जिससे इसकी वैल्यूएशन करीब 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। Jito लगभग 14 मिलियन SOL को सुरक्षित करता है और लिक्विड स्टेकिंग व MEV से जुड़ी अरबों डॉलर की गतिविधियों को सपोर्ट करता है।

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अमेरिकी क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए क्या संकेत

Jito की अमेरिका में वापसी यह नहीं बताती कि सभी रेगुलेटरी परेशानियां खत्म हो चुकी हैं, लेकिन यह जरूर दिखाती है कि नीति स्तर पर सोच बदल रही है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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