अमेरिकी क्रिएटर्स के लिए डिजिटल पेमेंट का नया विकल्प

अमेरिकी क्रिएटर्स के लिए डिजिटल पेमेंट का नया विकल्प

7 mins read
439 views
December 12, 2025

YouTube PYUSD Payout: YouTube ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे अब अमेरिका के क्रिएटर्स अपनी कमाई PayPal के PYUSD stablecoin में भी ले सकेंगे। यह वही stablecoin है जो अमेरिकी डॉलर से जुड़ा रहता है। यह नया ऑप्शन लाइव हो चुका है और दिखाता है कि YouTube अब डिजिटल मनी और क्रिप्टो टेक्नोलॉजी के प्रति और ज्यादा ओपन हो रहा है।

YouTube ने अब अमेरिकी क्रिएटर्स के लिए PYUSD Stablecoin में पेमेंट लेने का नया विकल्प शुरू किया है, जानें यह फीचर कैसे काम करता है और इससे क्रिएटर्स को क्या फायदे मिलेंगे।

YouTube का नया पेमेंट तरीका

YouTube पहले से ही क्रिएटर्स को पेमेंट देने के लिए PayPal का उपयोग करता है। अब PayPal ने अपनी सर्विस में एक नया विकल्प जोड़ा है, जिसमें पेमेंट सीधे PYUSD Stablecoin में मिल सकती है। यह प्रक्रिया बेहद आसान है। इसमें YouTube हमेशा की तरह क्रिएटर्स को डॉलर में पेमेंट भेजेगा, PayPal उस डॉलर को PYUSD में बदल देगा और क्रिएटर को सीधा उसके PayPal या Venmo वॉलेट में PYUSD मिल जाएगा।

यानी कि YouTube को क्रिप्टो हैंडल करने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी क्रिप्टो कन्वर्जन PayPal खुद करता है। PayPal Crypto की हेड ने बताया कि यह फीचर अभी केवल U.S.based creators के लिए है।

PYUSD क्या है?

PayPal ने 2023 में PYUSD लॉन्च किया था। यह एक डॉलर बैक्ड Stablecoin है। यानी इसकी वैल्यू हमेशा लगभग 1 डॉलर के बराबर रहती है।

READ MORE: Alphabet का रिकॉर्ड: YouTube और Google Cloud से रेवेन्यू में बढ़ोतरी

कुछ खास बातें

  • PYUSD को PayPal और Venmo में स्टोर किया जा सकता है
  • इसे ऑनलाइन पेमेंट्स में इस्तेमाल किया जा सकता है
  • इसका मार्केट वैल्यू लगभग 4 बिलियन डॉलर के करीब पहुंच चुका है

PayPal अपने सभी प्रोडक्ट्स में धीरे-धीरे PYUSD को जोड़ रहा है। आगे चलकर छोटे बिजनेस भी इसी में सप्लायर्स को पेमेंट कर सकेंगे।

बड़ी टेक कंपनियां Stablecoin में क्यों दिलचस्पी ले रही हैं?

YouTube का यह कदम अकेले नहीं आया है। 2025 में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां भी स्टेबलकॉइन और ब्लॉकचेन पेमेंट सिस्टम में काफी रुचि दिखा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में GENIUS Act पर साइन किया है, जो अमेरिका में स्टेबलकॉइन पेमेंट्स के लिए एक रेगुलेटेड सिस्टम तैयार करता है, Stripe ने 1.1 बिलियन डॉलर देकर Bridge नाम की स्टेबलकॉइन कंपनी खरीदी है और Apple, Google, Meta, Airbnb और X भी स्टेबलकॉइन पेमेंट्स को अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इन कंपनियों का मानना है कि स्टेबलकॉइन से पेमेंट्स तेज होंगी, सस्ती होंगी और ग्लोबल लेवल पर तुरंत भेजी जा सकेंगी। बता दें कि Google ने इसे पेमेंट सिस्टम का बड़ा अपग्रेड कहा था।

READ MORE: अब YouTube से सीधे वीडियो भेजना हुआ आसान, जानिए कैसे

YouTube क्रिएटर्स को क्या फायदा होगा?

YouTube के करोड़ों क्रिएटर्स हैं। अगर PYUSD में पेमेंट लेना आसान हो गया, तो क्रिएटर्स बिना बैंक ट्रांसफर के तेज पैसे पा सकेंगे, ग्लोबल पेमेंट को समझना आसान होगा और क्रिप्टो का इस्तेमाल करना आम लोगों के लिए आसान बन जाएगा। इस अपडेट से क्रिप्टो दुनिया और क्रिएटर इकोनॉमी पहले से ज्यादा करीब आ जाएंगे।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

cp plus qualcomm next gen ai security system
Previous Story

भारत में बनेगा दुनिया का सबसे स्मार्ट AI सिक्योरिटी सिस्टम!

Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड
Next Story

Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड

Latest from Cryptocurrency

SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX के शेयरों में गिरावट के बीच Hyperliquid पर ट्रेडिंग मजबूत, जानें कैसे 170 मिलियन डॉलर का Open Interest निवेशकों की दिलचस्पी दिखा रहा है।   Hyperliquid SpaceX Perpetuals: क्या SpaceX के शेयरों में गिरावट के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है? ताजा आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। Hyperliquid पर SpaceX से जुड़े perpetual futures contract में Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर बना हुआ है। यह दिखाता है कि Nasdaq पर लिस्टेड कंपनी के शेयर शुरुआती ऊंचाई से नीचे आने के बाद भी ट्रेडर्स synthetic exposure में लगातार रुचि दिखा रहे हैं।  SpaceX शेयर गिरा, लेकिन Hyperliquid पर ट्रेडिंग जारी  Hyperliquid का xyz contract असली SpaceX शेयर खरीदे बिना उसकी कीमत पर ट्रेडिंग का मौका देता है। SpaceX ने 12 जून 2026 को अपना IPO 135 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर पेश किया था। लिस्टिंग के पहले दिन शेयर करीब 161 डॉलर पर बंद हुआ। इसके बाद शेयर की कीमत में गिरावट आई। हाल में यह 110 डॉलर के मध्य में कारोबार करता दिखा, जबकि पोस्ट-IPO निचला स्तर करीब 111 डॉलर रहा। Hyperliquid पर synthetic perpetual contract भी करीब 116 डॉलर के आसपास दिखा। इसके बावजूद Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर पर बना हुआ है। IPO के आसपास कई प्लेटफॉर्म पर कुल Open Interest 250 मिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया था।  IPO से पहले ही शुरू हो गई थी SpaceX की जोरदार ट्रेडिंग  Hyperliquid पर SpaceX का Perpetual Market मई 2026 के मध्य में HIP-3 framework के तहत शुरू हुआ था। इसे Trade.xyz जैसे builders ने लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों को SpaceX की कीमत पर लगातार 24/7 ट्रेडिंग का विकल्प देना था। IPO से पहले contract की कीमत कई बार IPO reference

𝗔𝟭𝟲𝗭 का बड़ा दावा, 𝗖𝗟𝗔𝗥𝗜𝗧𝗬 𝗔𝗰𝘁 से 𝗫𝗥𝗣 को मिलेगा फायदा

XRP Price Prediction: क्या अमेरिका में नए क्रिप्टो कानून से XRP और पूरे डिजिटल एसेट बाजार की तस्वीर बदल सकती है? A16Z के सरकारी मामलों के प्रमुख ने हाल ही में एक चर्चा में कहा कि CLARITY Act के लागू होने से क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश की बड़ी लहर आ सकती है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम निवेशकों को लंबे समय के लिए बाजार में उतरने का भरोसा देंगे।  CLARITY Act से क्यों बढ़ेगा बाजार का भरोसा?  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, नियामकीय स्पष्टता सिर्फ नियम तय नहीं करती। यह वित्तीय संस्थानों को यह संकेत भी देती है कि सरकार ने किसी क्षेत्र को लेकर लंबी अवधि की नीति तय कर ली है। उन्होंने GENIUS Act का उदाहरण दिया। इस कानून के बाद स्टेबलकॉइन सेक्टर में नए नियम और मानक स्पष्ट हुए। इसके बाद स्टार्टअप्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की स्टेबलकॉइन में दिलचस्पी बढ़ी। उनका कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक ऐसे बाजार से दूरी बनाते हैं, जहां कानून या नियम अचानक बदल सकते हैं। स्पष्ट कानून इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।  XRP को कैसे मिल सकता है फायदा?  चर्चा में XRP भी खास फोकस में रहा। XRP को लेकर अमेरिकी नियामकीय स्थिति पहले से दूसरे कई डिजिटल एसेट्स की तुलना में स्पष्ट मानी जाती है। कार्यकारी के अनुसार, CLARITY Act पास होने पर इसकी स्थिति को संघीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।   Digital Asset Investor ने कहा कि कानून बनने से बड़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए XRP को एक अनुपालन योग्य और इस्तेमाल करने योग्य एसेट के रूप में देखना आसान हो सकता है। हालांकि, सिर्फ कानून पास होना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बाद नियामकों को नए नियम और औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। तभी कानून को व्यवहार में पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।  संस्थागत निवेश में आ सकता है बड़ा उछाल  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, बड़ी पारंपरिक वित्तीय कंपनियां काफी समय से क्रिप्टो बाजार पर नजर रख रही हैं। लेकिन स्पष्ट संघीय नियमों की कमी के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर पूंजी लगाने से परहेज किया है। GENIUS Act के बाद स्टेबलकॉइन बाजार में बढ़ी संस्थागत भागीदारी को वह एक उदाहरण मानते हैं। इसी तरह CLARITY Act लागू होने पर क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है।  उन्होंने संभावित बदलाव को ‘Absolute

Don't Miss