zkSync Fake Token: क्या एक ही नेटवर्क ड्रग्स तस्करी और क्रिप्टो ठगी दोनों चला सकता है? ताज़ा जांच में ऐसा ही चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक चीनी संगठन, जिसके अधिकारियों को अमेरिका में फेंटेनाइल प्रीकर्सर तस्करी के मामले में सजा मिल चुकी है, अब जापान से बड़े पैमाने पर क्रिप्टो फ्रॉड चलाने के संदेह में है। जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस नेटवर्क ने नकली टोकन बनाकर निवेशकों को निशाना बनाया।
जापान से जुड़े एक बड़े क्रिप्टो फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, जांच में नकली टोकन, संदिग्ध लेनदेन और फेंटेनाइल तस्करी से जुड़े चौंकाने वाले संबंध आए सामने।
नकली zkSync टोकन से निवेशकों को फंसाया
जांच के अनुसार, नेटवर्क ने ‘zksync.jp’ नाम का एक फर्जी टोकन लॉन्च किया। इसे लोकप्रिय ब्लॉकचेन नेटवर्क zkSync जैसा दिखाया गया, ताकि निवेशकों का भरोसा जीता जा सके। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस स्कीम से निवेशकों को सैकड़ों मिलियन येन का नुकसान हुआ। यह रकम 10 लाख डॉलर से भी अधिक बताई जा रही है। नकली वेबसाइट और जापानी डोमेन का इस्तेमाल कर इस टोकन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
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120 से ज्यादा संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शन मिले
जांच में ब्लॉकचेन डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें 120 से अधिक क्रिप्टो ट्रांजैक्शन ऐसे मिले जिनका संबंध अमेरिकी प्रतिबंधित संस्थाओं से बताया गया। विश्लेषकों का मानना है कि इन लेनदेन का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जापान का खुला वित्तीय ढांचा और चीन के साथ व्यापारिक संबंध ऐसे नेटवर्क के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं।
फेंटेनाइल केस से भी जुड़ा है नेटवर्क
इस पूरे मामले के केंद्र में चीन की कंपनी Hubei Amarvel Biotech बताई जा रही है। अमेरिका की अदालत ने फरवरी 2025 में इसके दो अधिकारियों को फेंटेनाइल प्रीकर्सर अमेरिका भेजने की साजिश का दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक कंपनी ने करीब 210 किलोग्राम रसायन बेचने की डील की थी और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में लिया गया था। अदालत ने दोनों आरोपियों को 25 साल और 15 साल की सजा सुनाई।
जापान बना ऑपरेशन का मुख्य केंद्र
रिपोर्ट के अनुसार जापान के नागोया में पंजीकृत Firsky KK इस नेटवर्क का प्रमुख केंद्र था। कंपनी खुद को जापानी सप्लायर बताती थी, लेकिन जांच में इसके चीन स्थित संगठन से जुड़े होने के संकेत मिले। यूरोपीय जांच समूह ने भी दावा किया कि Firsky और Amarvel एक ही नेटवर्क का हिस्सा थे। हालांकि क्रिप्टो ठगी से जुड़े आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
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यह मामला दिखाता है कि अब साइबर ठगी, क्रिप्टोकरेंसी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के बीच की सीमाएं तेजी से धुंधली हो रही हैं। आने वाले महीनों में जापान और अमेरिकी एजेंसियां इस नेटवर्क की गतिविधियों पर और गहराई से जांच कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा सबक भी है कि किसी भी क्रिप्टो प्रोजेक्ट में निवेश से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है।
