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Coinbase ने लॉन्च किया AiFi विजन, AI एजेंट संभालेंगे पैसा

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July 27, 2026

Crypto AI News: क्या AI एजेंट आने वाले समय में इंसानों से ज्यादा पैसे का लेनदेन करेंगे? Coinbase के CEO Brian Armstrong का मानना है कि ऐसा जल्द हो सकता है। 27 जुलाई की सुबह उन्होंने AI और क्रिप्टो को एक-दूसरे का विकल्प मानने की सोच को खारिज किया। उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से क्रिप्टो की जरूरत और बढ़ सकती है। Armstrong ने इस नए मॉडल को Agentic Finance यानी AiFi नाम दिया है।

Coinbase CEO ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने AiFi का विजन पेश किया, जानिए कैसे AI एजेंट भविष्य में क्रिप्टो और USDC के जरिए खुद पेमेंट कर सकते हैं।

Armstrong बोले- AI और क्रिप्टो ‘या’ नहीं, ‘और’ हैं

Armstrong के मुताबिक, क्रिप्टो AI की अगली बड़ी तकनीक से मुकाबला नहीं कर रहा। बल्कि यह उसके लिए वित्तीय आधार बन सकता है। उन्होंने क्रिप्टो की तुलना बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी तकनीकों से की।

उनका तर्क है कि AI एजेंटों को तेज, प्रोग्रामेबल और सीमा रहित डिजिटल पैसे की जरूरत होगी। मौजूदा बैंकिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर एजेंटों के लिए नहीं बना है। कोई AI एजेंट बैंक खाता खोलने या कई दिन तक वायर ट्रांसफर का इंतजार करने जैसी प्रक्रिया नहीं कर सकता। Armstrong का दावा है कि AI एजेंट भविष्य में इंसानों से कहीं ज्यादा लेनदेन कर सकते हैं। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए Coinbase AiFi पर काम कर रहा है।

x402, Base और USDC हैं AiFi की रीढ़

Coinbase का AiFi मॉडल पूरी तरह नया नहीं है। इसके पीछे कंपनी पिछले एक साल से कई तकनीकों पर काम कर रही है। इनमें x402, Base और USDC प्रमुख हैं। x402 एक भुगतान प्रोटोकॉल है, जो पुराने HTTP 402 Payment Required स्टेटस कोड का इस्तेमाल करता है। इसके जरिए AI एजेंट बिना लॉगिन, API Key या सब्सक्रिप्शन के Stablecoin से भुगतान कर सकते हैं।

किसी पेड सेवा पर पहुंचने के बाद सर्वर 402 रिस्पॉन्स भेजता है। एजेंट USDC से भुगतान करता है और सेवा तुरंत मिल जाती है। x402 को अब केवल Coinbase नियंत्रित नहीं करता। यह प्रोटोकॉल Linux Foundation के तहत न्यूट्रल गवर्नेंस में है। Google, Visa, Mastercard, Stripe, AWS और Circle जैसे बड़े नाम इससे जुड़े हैं।

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AiFi में AI एजेंट खुद करेंगे पेमेंट

Armstrong के विजन में AI एजेंट सिर्फ भुगतान नहीं करेंगे। वे फंड रख सकते हैं, ट्रेडिंग कर सकते हैं और वित्तीय सलाह भी दे सकते हैं। भविष्य में वे प्रोजेक्ट्स के लिए पैसा जुटाने या उधार लेने में भी भूमिका निभा सकते हैं।

आम यूजर्स के लिए AI एजेंट टैक्स प्लानिंग, बिल भुगतान और निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित करने जैसे काम संभाल सकते हैं। McKinsey के अनुमान के अनुसार, 2030 तक AI एजेंट 3 ट्रिलियन डॉलर से 5 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक कंज्यूमर कॉमर्स को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, मौजूदा आंकड़े अभी इस बड़े दावे से काफी पीछे हैं। अप्रैल 2026 तक x402 ने करीब 16.5 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए थे। इनमें लगभग 69,000 सक्रिय एजेंट शामिल थे, लेकिन कुल वॉल्यूम करीब 50 मिलियन डॉलर रहा। अनुमान है कि इसका लगभग आधा हिस्सा टेस्टिंग से जुड़ा हो सकता है।

Coinbase के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा

AiFi का रास्ता आसान नहीं है। छोटे भुगतान में सबसे बड़ी समस्या मंजूरी की है। Artemis के आंकड़ों के अनुसार, x402 पर भुगतान का औसत मूल्य करीब $0.52 रहा। हर छोटे भुगतान पर इंसानी मंजूरी लेना एजेंट आधारित सिस्टम को धीमा कर सकता है। इसी वजह से Google का AP2, Skyfire, Mastercard Agent Pay और Visa Intelligent Commerce जैसे प्लेटफॉर्म भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। अलग-अलग कंपनियां AI एजेंटों के खर्च की सीमा और अनुमति तय करने के लिए नए सिस्टम बना रही हैं।

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Armstrong का AiFi विजन AI और क्रिप्टो के बीच संभावित तालमेल की ओर इशारा करता है। लेकिन अभी असली परीक्षा बाकी है। आने वाले समय में यह तय होगा कि AI एजेंट वास्तव में बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करते हैं या नहीं और अगर करते हैं, तो भुगतान किस कंपनी के नेटवर्क से गुजरता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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