Clarity Act 2026: अमेरिका में क्रिप्टो रेगुलेशन को लेकर वर्षों से चल रही बहस आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी में डिजिटल एसेट्स मार्केट क्लैरिटी एक्ट की पर मतदान होने जा रहा है। इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा नियामकीय फैसला के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि जिस द्विदलीय समर्थन की उम्मीद इंडस्ट्री कर रही थी, वह अंतिम समय में टूटता नजर आया। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के बीच देर रात तक चली बातचीत बिना सहमति खत्म हो गई, जिससे अब यह बिल मुख्यतः राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच आगे बढ़ता दिख रहा है।
Clarity Act पर सीनेट वोटिंग से तय होगा कि अमेरिका क्रिप्टो इनोवेशन में आगे रहेगा या रेगुलेटरी संकट और लंबा खिंचेगा। जानें क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
क्रिप्टो ही नहीं, अमेरिका की टेक लीडरशिप का सवाल
यह बिल डिजिटल करेंसी को नियंत्रित करने का प्रयास भर नहीं है। यह आने वाले दशक में वैश्विक क्रिप्टो इनोवेशन का केंद्र अमेरिका रहेगा या नहीं यह भी तय कर सकता है। अगर यह कानून सदन पारित हो गया तो पहली बार अमेरिका में बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार होगा। इससे निवेशकों, एक्सचेंजों और ब्लॉकचेन कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
Clarity Act में क्या है खास
इस 309 पन्नों वाले इस प्रस्तावित कानून में बिटकॉइन को डिजिटल कमोडिटी घोषित कर उसे CFTC के अधिकार क्षेत्र में रखने का प्रावधान है। विकेंद्रीकरण के आधार पर Ethereum जैसे नेटवर्क भी सीएफटीसी की निगरानी में आ सकते हैं। इसके अलावा, स्टेबलकॉइन्स के लिए 1:1 रिजर्व बैकिंग अनिवार्य की गई है। कुल मिलाकर देखें तो उन्हें नकदी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड से समर्थित होना होगा। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक यह है कि बैंक सीधे डिजिटल एसेट्स की कस्टडी कर सकेंगे। इससे वर्तमान बैंकिंग और क्रिप्टो सेक्टर के बीच की दूरी कम हो सकती है।
READ MORE- Bitcoin 80,000 डॉलर से नीचे, गिरावट के बीच बढ़ी क्रिप्टो उम्मीदें
DeFi डेवलपर्स को लेकर सबसे बड़ा विवाद
बिल का सबसे विवादास्पद हिस्सा Blockchain Regulatory Certainty Act बन गया है। यह प्रावधान गैर-कस्टोडियल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को मनी ट्रांसमीटर कानूनों के तहत मुकदमों से सुरक्षा देता है। क्रिप्टो इंडस्ट्री इसे इनोवेशन की रक्षा के लिए जरूरी मानती है। वहीं, कुछ डेमोक्रेट सांसदों कहना है कि इससे रेगुलेशन कमजोर होगा और अवैध वित्तीय गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है।
READ MORE- Ripple के पूर्व CTO की निवेश रणनीति और उसके पीछे की सोच का खुलासा
इंडस्ट्री क्यों मान रही इसे ऐतिहासिक मौका
यह क्रिप्टो कंपनियां के लिए वैधता का प्रतीक बन चुका है। Ripple और Coinbase के अधिकारी सहित कई बड़े उद्योग नेताओं ने खुलकर इसका समर्थन किया है। जानकारों का यह भी कहना है कि अगर यह बिल कमेटी से पास हो भी जाता है तो इसकी राह आसान नहीं होगी। सीनेट फ्लोर पर इसे आगे बढ़ाने के लिए 60 वोटों की जरूरत पड़ेगी, जहां डेमोक्रेट समर्थन निर्णायक साबित होगा। इसके बाद प्रतिनिधि सभा के साथ अंतिम समन्वय प्रक्रिया से भी गुजरनी होगी।
इससे तय होगा कि अमेरिका डिजिटल फाइनेंस के भविष्य को अपनाने जा रहा है या फिर रेगुलेटरी अनिश्चितता को और लंबा खींचने वाला है।
