Bitcoin Sell-Off 2026: क्या बिटकॉइन की चमक फीकी पड़ गई है या यह किसी बड़े उछाल से पहले की शांति है? दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin इस साल अब तक करीब 24% गिर चुकी है और फिलहाल 66,500 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है। वहीं अक्टूबर 2025 के अपने रिकॉर्ड 126,198 डॉलर के उच्च स्तर से यह लगभग 47% नीचे आ चुकी है।
Bitcoin Rout 2026: क्या Bitcoin अपना Peak दोबारा छुएगा? Sell-Off की असली वजह और आगे का अनुमान जानें
Bitcoin में गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि Bitcoin की मौजूदा कमजोरी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। इनमें बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, बाजार में नकदी की कमी और निवेशकों का जोखिम से दूरी बनाना शामिल है। इसके अलावा अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF से लगातार निकासी भी बाजार पर दबाव बना रही है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर देरी और डॉलर की मजबूती ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग ने भी कीमतों को नीचे धकेला है।
क्या पहले भी ऐसे गिर चुका है Bitcoin?
क्रिप्टो बाजार के जानकार बताते हैं कि Bitcoin के इतिहास में यह पहली बार नहीं है। इससे पहले 2017-18 और 2021-22 में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, उन दोनों दौर के बाद बाजार ने मजबूत वापसी की थी। CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता का मानना है कि मौजूदा गिरावट भी उसी तरह के सुधार चक्र का हिस्सा हो सकती है। यानी कीमतों में कमजोरी जरूर है, लेकिन इसे पूरी तरह नकारात्मक संकेत नहीं माना जा रहा।
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लंबी अवधि में क्यों मजबूत दिख रहा Bitcoin?
गिरावट के बावजूद विशेषज्ञ Bitcoin के दीर्घकालिक भविष्य को लेकर आशावादी बने हुए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी है। 2025 में डिजिटल एसेट्स में करीब 130 अरब डॉलर का निवेश आया था। वहीं वैश्विक क्रिप्टो बाजार का कुल मूल्य पहली बार 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब डिजिटल एसेट्स पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनते जा रहे हैं। कई देशों में नियम स्पष्ट हो रहे हैं, जिससे बड़े निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
2026 में क्या फिर नया रिकॉर्ड बनाएगा Bitcoin?
इस सवाल पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि निवेशकों का भरोसा लौटता है और संस्थागत निवेश बढ़ता है तो Bitcoin साल के अंत तक नई ऊंचाई छू सकता है। वहीं कुछ विशेषज्ञ सतर्क हैं। उनका कहना है कि Bitcoin को पहले 75,000 डॉलर का स्तर पार करना होगा। तभी बाजार में मजबूत तेजी का माहौल बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि ETF से निकासी कम होती है, नियामकीय स्थिति बेहतर होती है और वैश्विक आर्थिक माहौल सुधरता है तो Bitcoin दोबारा छह अंकों वाली कीमत तक पहुंच सकता है।
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अभी Bitcoin दबाव में जरूर है, लेकिन बाजार के बड़े खिलाड़ी इसे केवल एक अस्थायी सुधार मान रहे हैं। आने वाले महीनों में वैश्विक आर्थिक संकेत और संस्थागत निवेश यह तय करेंगे कि Bitcoin फिर रिकॉर्ड बनाएगा या निवेशकों को और इंतजार करना पड़ेगा।
