Iran Crypto Toll: मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मार्ग Strait of Hormuz में अब एक नया कमाऊ आर्थिक नियम सामने आया है। ईरान ने यहां से गुजरनेवाले तेल टैंकरों से Cryptocurrency में टोल लेना शुरू कर दिया है। ब्लॉकचेन क्रिमिनैलिटी के एक्सपर्ट्स की मानें तो तेहरान वर्तमान में लगे बैन से बचनेवाले ट्रेड नेटवर्क में फिट बैठता है। इसकी पुष्टि
हॉर्मुज से बाब-अल-मंदेब तक, ईरान समर्थित नेटवर्क्स के क्रिप्टो इस्तेमाल से बढ़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की चिंता…जानिए डिटेल्स में।
क्रिप्टो में भुगतान प्रतिबंध से बचने का तरीका
बता दें कि ईरान पर दशकों पर लगे प्रतिबंधों के कारण वर्तमान बैंकिंग प्रणाली तक नहीं पहुंच पाई है। अगर पहुंची भी है तो सीमित दायरा में। ऐसे में Bitcoin और USD समर्थित स्टेबलकॉइन जैसे ऑप्शन उसे एक वैकल्पिक भुगतान दे रहे हैं. इससे ईरान बिना पश्चिमी वित्तीय निगरानी के अन्तराष्ट्रीय लेनदेन कर पा रहा है। ऑयल, गैस और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स यूनियन के प्रवक्ता के बयान कमेंट से हुई है।
तेल के साथ जुड़ा नया शुल्क मॉडल
रिपोर्ट्स की माने तो ईरान बड़े तेल टैकरों से प्रति बैरल लगभग 1 डॉलर शुल्क ले रहा है। ध्यान रहे की 1 टैंकर में करीब 20 लाख बैरल तेल होता है। ऐसे में यह मॉडल ईरान के लिए बड़ा राजस्व जेनरेट करने सोर्स बन सकता है। खास बात यह है भुगतान पुरी तरह डिजिटल करेंसी में किया जा रहा है। लेकिन Chainalysis के डेटा की माने तो ईरानी सरकार, और खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स,IRGC पिछले कुछ सालों में बॉर्डर पार कमर्शियल ट्रेड को आसान बनाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का ज़्यादा इस्तेमाल कर रही है।
ब्लैकचेन डेटा से खुली परतें
इसमें सरकार के साथ-साथ IRGC अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में अच्छा काम किया है। Chainalysis के मुताबिक ईरान समर्थित नेटवर्क ने पिछले डेढ़ साल में सैकड़ों मिलियन डॉलर के लेनतेन क्रिप्टो के माध्यम से किया है। नेशनल सिक्योरिटी इंटेलिजेंस के हेड एंड्रयू फियरमैन ने कहा, “यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि इस तरह का ट्रेड भी क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए हो रहा होगा। उनका इशारा होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों द्वारा दिए जाने वाले टोल की ओर था।
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हुथी कनेक्शन और दूसरा चेकपॉइंट
फिर, अप्रैल 2025 में, हूथी फाइनेंसरों का एक बड़ा नेटवर्क रूस से हथियार और सामान खरीद रहा था। उनके क्रिप्टोकरेंसी एड्रेस को एक सैंक्शन में शामिल किया गया था। जिससे लगभग एक बिलियन डॉलर की एक्टिविटी हुई। हूथी, जो ईरान के सपोर्ट वाला एक हथियारबंद ग्रुप है और उत्तरी यमन के ज़्यादातर हिस्से को कंट्रोल करता है, ने अब बाब-अल-मंडेब चैनल पर दुनिया के तेल और गैस शिपिंग ट्रेड पर दूसरा चोकपॉइंट लगाने की संभावना जताई है।
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यह नॉर्थ कोरिया से अलग मॉडल
फियरमैन ने बताया कि जिस तरह से IRGC बड़े पैमाने पर क्रिप्टोकरेंसी, खासकर स्टेबलकॉइन को क्रॉस बॉर्डर ट्रेड के लिए पेमेंट सिस्टम के तौर पर अपना रहा है। जबकि, नार्थ कोरिया का मुख्य मकसद क्रिप्टो में अरबों डॉलर चुराना और उसे लॉन्ड्र करना है। इससे यह साफ हो रहा है कि अलग-अलग देशों के लिए अलग रणनीति बनी होगी।
ऐसे में अगर क्रिप्टो के जरिए प्रतिबंधों को दरकिनार करना आसान बन जाता है तो आनेवाले समय में अन्य देश भी इसी रास्ते पर चल सकते हैं।
